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बेटे का कत्ल, टिश्यू पेपर पर लिखी वजह और 642 पेज की चार्जशीट... AI एक्सपर्ट सूचना सेठ के बारे में सबसे बड़ा खुलासा

आर्टिफिशियल इंटेलिजेंस एथिक्स एक्सपर्ट, डेटा साइंटिस्ट और स्टार्टअप कंपनी माइंडफुल एआई लैब की फाउंडर और सीईओ 39 साल की सूचना सेठ की काली करतूतों का गोवा पुलिस ने पर्दाफाश कर दिया है. उसके खिलाफ पणजी के चिल्ड्रेंस कोर्ट में 642 पन्नों की चार्जशीट दाखिल की गई है.

सूचना सेठ की काली करतूतों का गोवा पुलिस ने पर्दाफाश कर दिया है. सूचना सेठ की काली करतूतों का गोवा पुलिस ने पर्दाफाश कर दिया है.
aajtak.in
  • पणजी,
  • 03 अप्रैल 2024,
  • अपडेटेड 10:51 AM IST

सूचना सेठ और सूटकेस में बंद उसके चार साल के बेटे की लाश का सच सामने आने के बाद से ही दो सवाल लगातार गोवा पुलिस से पूछे जा रहे थे. पहला सवाल ये कि सूचना के बेटे की मौत कैसे हुई? और दूसरा सवाल ये कि एक मां ने अपने ही बेटे का कत्ल क्यों किया? तो कत्ल के करीब तीन महीने बाद आखिरकार गोवा पुलिस ने इन दोनों सवालों के जवाब दे दिए हैं. ये जवाब पूरे 642 पन्नों में दिए गए हैं. जी हां, गोवा पुलिस ने सूचना सेठ को अपने ही बेटे का कातिल करार देते हुए उसके खिलाफ चार्जशीट पणजी के चिल्ड्रेंस कोर्ट में दायर कर दी है.

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इस चार्जशीट के मुताबिक सूचना सेठ ने 6 और 7 जनवरी की रात को नॉर्थ गोवा के कैंडोलिम इलाके में मौजूद होटल सोल बनयान ग्रैंडे के अपने कमरे में ही अपने बेटे की अपने ही हाथों से गला घोंट कर हत्या कर दी थी. उसने 6 जनवरी की रात को ही इस होटल में चेक इन किया था. बुकिंग 10 जनवरी तक की थी. लेकिन फिर 7 जनवरी की रात अचानक सूचना सेठ होटल छोड़ देती है. होटल से ही कैब बुला कर वो सड़क के रास्ते गोवा से बेंगलुरु के लिए निकल जाती है. पोस्टमार्टम करने वाले डॉक्टरों ने भी अपनी रिपोर्ट में कहा है कि मौत गला घोंटने की वजह से हुई है.

सूचना सेठ के हाथ की लिखी एक पर्ची बनी सबसे अहम सबूत

पहले शक था कि शायद उसने अपने बेटे को कोई जहर दिया है. लेकिन गोवा स्टेट फॉरेंसिक साइंस लेबोरैटरी ने विसरा की जांच के बाद जो रिपोर्ट दी है, उसमें कहीं जहर का जिक्र नहीं है. मेडिकल रिपोर्ट के बाद ये साफ हो गया है कि सूचना सेठ के बेटे की मौत गला घोंटने की वजह से ही हुई है. पर सवाल ये है कि उसने चार साल के अपने मासूम बेटे का गला अपने ही हाथों से क्यों घोंटा? तो गोवा पुलिस की तरफ से दायर चार्जशीट ने इस सवाल का जवाब भी दे दिया है. इस जवाब के साथ गोवा पुलिस ने बाकायदा सूचना सेठ के हाथ की लिखी एक पर्ची भी बतौर सबूत चार्जशीट के साथ पेश की है.

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गोवा पुलिस के मुताबिक हैंडराइटिंग एक्सपर्ट्स की रिपोर्ट से ये साफ हो गया है कि ये पर्ची खुद सूचना सेठ ने लिखी है. पहले इस पर्ची का मजमून पढ़िए क्योंकि वजह इसी मजमून में छुपा है. पर्ची पर लिखा है, "मेरा बेटा अपने पापा के पास नहीं जाना चाहता. लेकिन मेरे एक्स हस्बेंड और फैमिली कोर्ट के जज मुझे ये धमकी दे रहे हैं कि यदि मैंने अपने चार साल के बेटे को उसके पापा के पास नहीं भेजा, तो वो मुझे जेल भेज देंगे. मेरे वकील के पास भी कोई ऐसा रास्ता नहीं है जो मेरे बेटे को सेफ रख सके. मैं ये बर्दाश्त नहीं कर सकती." एक नोट कत्ल की वजह को साबित करने के लिए सबसे अहम है. 

बेटे को पति के पास न भेजना पड़े, इसलिए सुलाया मौत की नींद

सूचना सेठ के हाथ के लिखे इस नोट से ये साफ हो जाता है कि अपने बेटे को उसके पापा के पास न भेजना पड़े, बस इसीलिए उसने उसका कत्ल कर दिया. सोल बनयान ग्रैंडे होटल के टिश्यू पेपर पर सूचना सेठ ने ये नोट ब्लैक पेन से लिखा था. बाद में ये नोट पुलिस को उसी ट्रॉली बैग के अंदर से मिला, जिस बैग में सूचना के चार साल के बेटे की लाश ठूंस कर रखी गई थी. चार्जशीट में इस बात का भी जिक्र है कि सूचना सेठ शातिर दिमाग़ होने के साथ-साथ जांच को भटकाने की भी काबिलियत रखती है. इंटैरोगेशन के दौरान उसने ऐसा कई बार किया. उसने कई बार पुलिस को गुमराह किया था.

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642 पन्नों की इस चार्जशीट के मुताबिक जनवरी 2022 में सूचना ने अपने पति वेंकटरमन को पहली बार ये कहा था कि वो इससे तलाक लेना चाहती है. इसके फौरन बाद उसने बेंगलुरु की एक कोर्ट में तलाक के लिए अर्जी भी डाल दी. तलाक की अर्जी के साथ-साथ सूचना सेठ ने गार्जियन एंड वार्ड्स एक्ट के तहत भी बेंगलुरु की एक फैमिली कोर्ट में एक दूसरी अर्जी दे दी थी. इस दूसरी अर्जी पर ही अगस्त 2022 में कोर्ट ने बेटे की कस्टडी उसको दे दी थी. और वेंकटरमन को उसके बेटे से दूर रहने की ताकीद की थी. इस पर वेंकटरमन ने भी कोर्ट में अर्जी दी, जिस पर 9 दिसंबर 2022 को अदालत ने ये हुक्म दिया कि वेंकटरमन अपने बेटे से हर मंगलवार और गुरुवार को शाम सात से साढ़े सात के दरम्यान वीडियो कॉल पर बात कर सकता है.

इस ऑर्डर के पांच महीने बाद 10 अप्रैल 2023 को कोर्ट ने एक और ऑर्डर पास करते हुए वेंकटरमन को हर दूसरे शनिवार सुबह 11 से 1 बजे के दरम्यान फैमिली कोर्ट में मिलने की इजाजत दे दी. लेकिन चार्जशीट के मुताबिक कोर्ट की इजाजत के बावजूद सूचना सेठ ने हमेशा कोई ना कोई बहाना बना के अपने बेटे को उसके पापा से नहीं मिलने दिया. कोर्ट के हुक्म के बावजूद जब वेंकटरमन अपने बेटे से नहीं मिल पाया, तब अपने वकील के जरिए उसने कोर्ट को ये जानकारी दी. अपने वकील के जरिए सूचना को भी ये बात पता चल गई. सूचना के वकील ने उसे समझाया भी कि यदि अपने बेटे को उसके बाप से नहीं मिलने दोगी, तो कोर्ट के अवमानना के मामले में तुम्हे जेल भी जाना पड़ सकता है. बस इसी बात से सूचना सेठ घबरा गई.

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7 और 8 जनवरी 2024 की दरमियानी रात किया बेटे का कत्ल

इत्तेफाक से नए साल के पहले हफ्ते में ही शनिवार पड़ रहा था. कोर्ट के हुक्म के मुताबिक इस शनिवार को वेंकटरमन को अपने बेटे से मिलना था. लेकिन ऐन शनिवार छह जनवरी को ही सूचना सेठ अपने बेटे को लेकर चुपचाप गोवा पहुंच गई. सीधे कैंडोलिम इलाके के मौजूद सोल बनयान ग्रैंड होटल में चेक इन किया. होटल के बुकिंग उसने पहले से ही करा रखी थी. 6, 7 और 8 जनवरी को अपने बेटे के साथ गोवा के अलग-अलग इलाकों में घूमी. अब तक सबकुछ ठीक था. लेकिन फिर तभी 8 जनवरी की रात करीब दस बजे सूचना होटल के रिसेप्शन पर फोन कर बेंगलुरु के लिए एक कैब बुक कराने को कहा तो उनको ये बात बड़ी अजीब लगी. ट्रैवल डेस्क पर मौजूद शख्स सूचना को मशवरा दिया कि कैब से बेंगलुरु जाने की बजाय फ्लाइट से जाना कहीं ज्यादा सस्ता पड़ेगा.

सूचना कैब ने उसकी बात को अनसुना कर दिया और बेंगलुरु जाने की बात दोहराते हुए उसे उसके लिए उसी वक्त एक कैब बुक करने को कहा. इसके साथ ही ये भी कहती है कि पैसे की चिंता ना करे, जो भी किराया होगा, वो दे देगी. रात 8 जनवरी से 9 जनवरी में दाखिल हो चुकी थी. करीब 1 बजे थे. एक इनोवा कार होटली. सूचना रिसेप्शन पर पहुंच कर बिल चुकाई और चेकआउट कर लिया. एक बैग लेकर गोवा से बेंगलुरु के लिए रवाना हो गई. लेकिन उसके जाने में एक अजीब बात थी. होटल वो अपने चार साल के बेटे के साथ आई थी, लेकिन चेकआउट के बाद उसके पास सिर्फ एक बैग था. उसका बेटा नहीं था.

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होटल के कमरे की सफाई के दौरान मिले थे कत्ल के अहम सबूत

गोवा से बेंगलुरु तक की दूरी 550 किलोमीटर से भी ज्यादा की है. सड़क के रास्ते इस सफर को पूरा करने में लगभग 10 घंटे लगते हैं. इधर उसके जाने के बाद सुबह होते ही होटल के स्टाफ ने तमाम कमरों के साथ सूचना के कमरे की भी सफाई करनी शुरू कर दी. तभी एक स्टाफ की नजर उसके कमरे में मौजूद खून के कुछ बूंदों पर पड़ी. खून देखते ही वो घबरा गया. उसने फौरन होटल मैनेजर को खबर दी. मैनेजर ने फौरन कलिंगुट पुलिस स्टेशन को इसकी सूचना दी. सुबह के 8 बजे चुके थे. पुलिस फौरन होटल के उस कमरे में पहुंचती है. खून के निशान देख कर अंदाजा हो गया कि इस कमरे में कुछ हुआ है.

पुलिस ने सूचना के बारे में जानकारी लेकर सीधे इनोवा कार के ड्राइवर को कॉल लगा दिया. उसके जरिए सूचना से बात की और पूछा कि आपका बेटा कहां है? वो आपके साथ वापस क्यों नहीं गया? सूचना ने बेखौफ जवाब दिया कि वो गोवा में ही एक रिश्तेदार के पास है. कुछ दिन बाद लौटेगा. उसने बाकायदा गोवा के अपने उस रिश्तेदार का पता भी पुलिस को दे दिया.  पुलिस को लगा कि शायद वो गलत शक कर रही है. फिर भी दिए पते पर एक टीम भेजी. लेकिन वो पूरा इलाक़ा छान मारने के बावजूद वो पता नहीं मिला, जिसका पता सूचना ने दिया था. यानी Gmका दिया पता फर्जी था. अब पुलिस को लगा कि गड़बड़ है. 

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कैब ड्राइवर की सूझबूझ और पुलिस की मुस्तैदी से पकड़ी गई सूचना

पुलिस ने तुरंत उस कैब ड्राइवर को दोबोरा फोन किया. उससे कहा कि जैसे ही तुम्हें अपने करीब कोई पुलिस स्टेशन दिखाई दे, फौरन गाड़ी को वहीं ले जाना. फिर वापस फोन करना. कैब बेंगलुरु से 200 किलोमीटर पहले कर्नाटक के ही चित्रदुर्ग इलाके से गुजर रही थी. ड्राइवर की नजर चित्रदुर्ग में ही मौजूद आईमंगला पुलिस स्टेशन पर पड़ी. उसने फौरन गाड़ी को पुलिस स्टेशन में घुसा दिया. इससे पहले कि सूचना कुछ समझ पाती, ड्राइवर ने गोवा पुलिस की बात आई मंगला पुलिस स्टेशन में मौजूद पुलिस वालों से करा दी. गोवा पुलिस ने आई मंगला पुलिस से सूचना और उसके सामान की तलाशी लेने की रिक्वेस्ट किया.

पुलिस इनोवा में मौजूद बड़े बैग की तलाशी ली तो होश उड़ गए. बैग में कपड़ों के नीचे एक बच्चे की लाश मिली. सूचना को फौरन हिरासत में ले लिया गया. गोवा पुलिस को खबर दे दी गई. इसके बाद पुलिस उसे लेकर गोवा आ गई. पुलिस द्वारा दायर चार्जशीट के साथ ही इस मामले में कुल 59 गवाहों की गवाहियां भी दर्ज की गई हैं. गोवा पुलिस का दावा है कि सूचना सेठ के खिलाफ वो तमाम पुख्ता सबूत और फॉरेंसिक एविडेंस मौजूद हैं, जिसके दम पर उसे अपने ही बेटे के कत्ल के मामले में वो अदालत से उसे सख्त से सख्त सजा दिलवाने में कामयाब रहेगी. अब कोर्ट को इंसाफ करना है.

इनपुट- गोवा से रितेश देसाई के साथ दिव्येश सिंह

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