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गोवा मर्डर केस: होटल में बेटे के शव के साथ 18 घंटे तक रही सूचना सेठ, हत्या के बाद लिखा- मेरा बेटा हमेशा मेरे साथ रहेगा!

Soochna Seth: गोवा के एक अपार्टमेंट में चार साल के अपने मासूम बेटे की हत्या के आरोप में गिरफ्तार हुई एआई एक्सपर्ट सूचना सेठ का घाघ रवैया पुलिस के मुसीबत बन गया है. गिरफ्तारी के कई दिनों बाद भी गोवा पुलिस उसकी मुंह नहीं खुलवा पाई है. इसी बीच उसके पति वेंकट रमण अपना बयान दर्ज कराने कलंगुट पुलिस स्टेशन पहुंचे हैं.

गोवा में हुए एक सनसनीखेज हत्याकांड ने पूरे देश को झकझोर दिया है. गोवा में हुए एक सनसनीखेज हत्याकांड ने पूरे देश को झकझोर दिया है.
दिव्येश सिंह
  • पणजी,
  • 13 जनवरी 2024,
  • अपडेटेड 3:57 PM IST

भारत के मशहूर पर्यटन स्थल गोवा में हुए एक सनसनीखेज हत्याकांड ने पूरे देश को झकझोर दिया है. महज चार साल के मासूम बच्चे की हत्या उसकी मां ने की है, इस पर किसी को सहज विश्वास नहीं हो रहा है. लेकिन अपने ही बेटे की हत्या का दिल दहला देने वाला ये आरोप आर्टिफिशियल इंटेलिजेंस एथिक्स एक्सपर्ट, डेटा साइंटिस्ट, माइंडफुल एआई लैब की फाउंडर और सीईओ सूचना सेठ पर लगा है. वो इस वक्त गोवा पुलिस की हिरासत में है. पुलिस उससे जुर्म कबूल कराने की तमाम कोशिशें कर रही हैं, लेकिन वो लगातार इससे इंकार कर रही है. इसी बीच अपना बयान दर्ज कराने के लिए सूचना के पति वेंकट रमण गोवा के कलंगुट पुलिस स्टेशन पहुंचे हैं. इस केस में उनका बयान बहुत अहम है.

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इस मर्डर केस में एक अहम जानकारी ये भी सामने आ रही है कि हत्यारोपी एआई एक्सपर्ट सूचना सेठ अपने मासूम बच्चे की हत्या के बाद उसके शव के साथ 15 से 18 घंटे तक सर्विस अपार्टमेंट के कमरे में मौजूद रही थी. जानकारी के मुताबिक, यहां चेक-इन करने के करीब ढाई घंटे बाद 7 तारीख की रात 1 से 2 बजे के बीच बच्चे की हत्या की गई थी. इसके बाद 7 और 8 तारीख की दरमियानी रात करीब 12 बजे के बाद सूचना ने अपना अपार्टमेंट छोड़ा था. इस दौरान वो बच्चे के शव के साथ रही थी. पुलिस ने जब उससे पूछा कि वो बच्चे का शव को बैग में रखकर बेंगलुरु क्यों ले जा रही थी, तो उसने जवाब में सिर्फ इतना कहा कि वह चाहती थी कि उसका बेटा उसके बेंगलुरु स्थित घर पर उसके साथ ही रहे.

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यह भी खुलासा हुआ है कि कोर्ट के द्वारा पिता वेंकट रमण को सप्ताह में एक दिन रविवार को बच्चे मिलने की इजाजत के बाद सूचना सेठ परेशान हो गई थी. बेंगलुरु छोड़ने से पहले उसने वेंकट को मैसेज किया कि वो 7 जनवरी की दोपहर में बच्चे से आकर मिल सकता है, लेकिन उससे ठीक एक दिन पहले 6 जनवरी को वो बच्चे को लेकर गोवा चली गई. पुलिस को शक है कि वेंकट रमण को बेटे से मिलने वाली बात सूचना के दिमाग में बैठ गई थी. वो नहीं चाहती थी कि उसका बेटा अपने पिता से मिले. इसलिए गोवा पहुंचने के कुछ घंटों के बाद ही उसने बच्चे की हत्या कर दी. उसने अपना गुस्सा व्यक्त करते हुए एक टिशू पेपर पर लिखा था, ''कोर्ट का आदेश जो भी हो, मेरा बेटा हमेशा मेरे साथ रहेगा''.

सूत्रों के मुताबिक, बहुत मुश्किलों के बाद गोवा पुलिस हत्यारोपी सूचना सेठ को लेकर उस सर्विस अपार्टमेंट पहुंची, जहां वारदात को अंजाम दिया गया है. यहां आने के लिए वो तैयार ही नहीं हो रही थी. पुलिस से लगातार कह रही थी कि उसने अपने बेटे की हत्या नहीं की है. दोनों रात में एक साथ सोए और सुबह उठने पर उसने देखा कि बेटे की मौत हो चुकी है. पुलिस के पास तमाम ऐसे सबूत हैं, जो इस ओर इशारा कर रहे हैं कि मासूम की हत्या सूचना ने ही की है. इसलिए वो मौका-ए-वारदात पर उसे ले जाकर सीन रीक्रिएट करना चाह रही थी. एक सीनियर महिला पुलिस अफसर के द्वारा काउंसलिंग के बाद सूचना सर्विस अपार्टमेंट जाने को तैयार हुई. इसके बाद शुक्रवार को क्राइम सीन रीक्रिएट किए गया.

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पंचनामा के दौरान मिले कई अहम सबूत, सूचना ने किया खुलासा

पुलिस के मुताबिक, पंचनामा के दौरान कई अहम सबूत मिले हैं. इस दौरान सूचना सेठ ने खुलासा किया कि अपार्टमेंट के कमरे में उसने कैंची से अपने हाथ की नसें काटकर खुदकुशी की कोशिश की थी. लेकिन वो हत्या की बात अस्वीकार कर रही है. उसकी चुप्पी गोवा पुलिस के लिए मुश्किलें बढ़ा रही हैं, क्योंकि पुलिस हिरासत बहुत जल्द खत्म होने वाली है. इसके बाद उसे कोर्ट में पेश किया जाएगा. यदि जज ने दोबारा पुलिस कस्टडी में भेजने की बजाए जेल में भेज दिया तो इस मर्डर केस को हल करना मुश्किल हो जाएगा. इसलिए पुलिस चाहती है कि कोर्ट में पेशी से पहले सूचना अपना जुर्म कबूल कर ले. लेकिन वो लगातार खामोश है. उसके चेहरे पर न शिकन है, न ही किसी तरह का पछतावा दिख रहा है.

इससे पहले सूचना सेठ के चार वर्षीय बेटे के शव का कर्नाटक के चित्रदुर्ग के एक सरकारी अस्पताल में पोस्टमॉर्टम किया गया. इसकी रिपोर्ट के मुताबिक बच्चे की मौत गला घोंटे जाने या फिर सांस रोके जाने की वजह से हुई है. बच्चे का कत्ल पोस्टमॉर्टम शुरू होने से लगभग 36 घंटे पहले किया गया था. उसके जिस्म पर कहीं भी किसी तरह के चोट का कोई भी निशान नहीं है. पोस्टमॉर्टम करने वाले डॉक्टर कुमार नायक का कहना है कि बच्चे के कत्ल के लिए तकिया, तौलिया या किसी तार का इस्तेमाल हो सकता है. हालांकि, जिस अपार्टमेंट में सूचना अपने बेटे के साथ ठहरी हुई थी, वहां तलाशी के दौरान कफ सिरप की दो बोतल मिली थी. ऐसे में कहा जा सकता है कि सिरप देकर बच्चे को बेहोश किया गया होगा.

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इनोवा कार के ड्राइवर की जुबानी, दिल दहला देने वाली कहानी

गोवा के 'द सोल बनयान ग्रैंडे' होटल से 7 जनवरी की 12.30 बजे जिस इनोवा कार में सूचना सेठ अपने बेटे की लाश को बैग में रखकर बेंगलुरु के लिए निकली थी, उस कार के ड्राइवर रॉयजॉन डिसूजा ने दिल दहला देने वाली कहानी बताई है. 7 जनवरी को रॉयजॉन डिसूजा नॉर्थ गोवा के अंजुणा इलाके में अपने घर पर मौजूद था. उस रात करीब 11 बजे उसे होटल सोल बनयान ग्रैंडे के रिसेप्शन से कॉल आया. उससे बेंगलुरु जाने के लिए पूछा गया. उसने वापसी का किराया जोड़कर 30 हजार रुपए की मांग की, जिसके बाद सौदा तय हो गया. उसने अपने साथ एक दूसरे ड्राइवर को लिया और होटल पहुंच गया. वहां एक महिला मिली, जिसके पास लाल रंग का एक बड़ा सा ट्रॉली बैग था. 

वो महिला 'द माइंडफुल एआई लैब' की सीईओ सूचना सेठ थी. होटल के रिसेप्शन पर बैठे शख्स ने सूचना सेठ को कैब ड्राइवर से मिलवाया. सूचना सफर के लिए तैयार थी. उसने ट्रॉली बैग डिसूजा को थमा दिया. डिसूज़ा ट्रॉली बैग लेकर होटल के गेट पर ही पोर्च में खड़ी गाड़ी तक गया. इसके बाद उसने कार की डिग्गी खोली और पहली बार बैग को हाथों से उठाकर डिग्गी में रखा. तभी उसे अहसास हुआ कि बैग कुछ ज्यादा ही भारी है, लेकिन इसके बारे में ज्यादा नहीं सोचा. सूचना सेठ ड्राइवर के पीछे वाली सीट पर बांयी तरफ बैठ गई, जबकि डिसूजा का साथी ड्राइवर आगे ड्राइवर की बराबर वाली सीट पर बैठ गया. इसके बाद इनोवा कार होटल से निकल पड़ी. उस समय घड़ी में रात के ठीक 12.30 बज रहे थे. 

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अगले डेढ़ घंटे तक गाड़ी दौड़ती रही. देर रात होने की वजह से ट्रैफिक उतना नहीं था, लेकिन हाईवे पर ट्रक काफी थे. डेढ़ घंटे बाद रात के करीब 2 बजे थे. गाड़ी गोवा-कर्नाटक बॉर्डर पर पहुंची. डिसूजा ने देखा कि हाईवे पर गाड़ियों की कतार लगी हुई है. पता चला कि एक ट्रक बीच सड़क पर पलट गया है, जिसकी वजह से ट्रैफिक रुक गया है. ड्राइवर को पता चला कि ट्रैफिक क्लियर होने में कम से कम चार से छह घंटे लग सकते हैं. उसने ये बात सूचना को बताई और कहा कि वो दूसरे रूट से उसे एयरपोर्ट ले जा सकता है. वहां से बेंगलुरु जल्दी पहुंच जाएगी. लेकिन उसने उसकी बात अनसुनी कर दी. उसे जाम खुलने तक इंतजार करने के लिए कहा, क्योंकि वो सड़क के रास्ते ही जाना चाहती थी.

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अगली सुबह के 11 बजे डिसूजा के मोबाइल की घंटी बजी. कॉल रिसीव करने पर पता चला कि कॉल कलंगुट पुलिस स्टेशन से है और फोन पर थाने का इंस्पेक्टर है. इंस्पेक्टर ने अपना परिचय देने के बाद डिसूजा से पूछा कि क्या वो लेडी पैसेंजर इस वक्त भी उसकी गाड़ी में है? क्या उसके साथ कोई बच्चा भी है? दोनों कोंकणी भाषा में बातें कर रहे थे, इसलिए सूचना को कुछ समझ नहीं आ रहा था. ड्राइवर ने बताया कि पैसेंजर कार में है, लेकिन उसके साथ कोई बच्चा नहीं है. तब इंस्पेक्टर ने कहा कि जिस होटल से उस पैसेंजर ने चेकआउट किया है, उस कमरे से खून के कुछ निशान मिले हैं. इसीलिए उस पर शक है. इसके बाद उसने डिसूजा से सूचना सेठ को फोन देने के लिए कहा था.

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डिसूजा के मुताबिक, करीब दो-तीन मिनट तक दोनों के बीच फोन पर बातचीत हुई. उसे बस इतना समझ आया कि उसने पुलिस वालों को गोवा का कोई एड्रेस बताया. इसके बाद फोन बंद हो गया. इस बातचीत के दौरान सूचना बिल्कुल शांत थी. उसके चेहरे पर घबराहट के कोई निशान नहीं थे. कुछ देर बाद फिर पुलिसवालों ने ड्राइवर को कॉल किया. इसके बाद उसे नजदीकी थाने में गाड़ी लगाकर बात कराने के लिए कहा. उसने वैसा ही किया. चित्रदुर्ग जिले के आईमंगला पुलिस स्टेशन में कार खड़ी कर दी. गोवा पुलिस ने आईमंगला थाने के प्रभारी से कार की जांच करने का अनुरोध किया. पुलिस ने जांच किया तो ट्राली बैग से बच्चे की लाश बरामद हो गई. इसके पुलिस ने सूचना को हिरासत में ले लिया.

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