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पति-पत्नी, प्राइवेट तस्वीरें और ब्लैकमेलिंग... परेशान होकर किया दोस्त का कत्ल, 9 टुकड़ों में मिली लाश, दिल दहला देगी ये कहानी

भरूच शहर के भोलाव इलाके में एक गंदा नाला है. जहां उसी नाले के नजदीक आवारा कुत्ते एक संदिग्ध पैकेट को नोच रहे थे. कुछ लोगों ने जब ये मंजर देखा तो वो पैकेट के करीब गए. लेकिन उसे करीब से देख कर उनके रौंगटे खड़े हो गए. उस पैकेट में कुछ और नहीं बल्कि एक कटा हुआ इंसानी सिर था.

आरोप है कि सचिन अपने दोस्त शैलेंद्र को ब्लैकमेल करता था आरोप है कि सचिन अपने दोस्त शैलेंद्र को ब्लैकमेल करता था
aajtak.in
  • भरूच,
  • 04 अप्रैल 2025,
  • अपडेटेड 5:01 PM IST

गुजरात पुलिस ने एक ऐसे कत्ल का खुलासा किया है, जिसमें पुलिस को एक इंसान की लाश 9 टुकड़ों में मिली थी. पुलिस को सबसे पहले सिर मिला, फिर बांहे और फिर एक-एक कर पुलिस को टुकड़ों में पूरा इंसानी जिस्म मिल गया. जाहिर है ये कत्ल की एक खौफनाक साजिश थी. पुलिस ने मामले की तफ्तीश शुरू की. और फिर लाश ने खुद पुलिस को एक ऐसा सुराग दे दिया, जिसकी वजह से पूरा मामला सिलसिलेवार तरीके से खुलकर सामने आ गया. कातिल का चेहरा और नाम जानकर हर कोई हैरान था. चलिए आपको बताते हैं, इस सनसनीखेज कत्ल की पूरी कहानी.

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29 मार्च 2025, भरूच, गुजरात
शहर के भोलाव इलाके में एक गंदा नाला है. जहां उसी नाले के नजदीक आवारा कुत्ते एक संदिग्ध पैकेट को नोच रहे थे. कुछ लोगों ने जब ये मंजर देखा तो वो पैकेट के करीब गए. लेकिन उसे करीब से देख कर उनके रौंगटे खड़े हो गए. उस पैकेट में कुछ और नहीं बल्कि एक कटा हुआ इंसानी सिर था. जी हां, इंसान का सिर. अब नाले में कटा हुआ सिर मिले, तो मामला कत्ल के सिवाय कुछ दूसरा हो ही नहीं सकता. तो लोगों ने फौरन पुलिस को इत्तिला दी और पुलिस ने मौके पर पहुंच कर मामले की छानबीन शुरू कर दी. 

चार दिनों तक मिलते रहे इंसानी जिस्म के टुकड़े
सबसे पहले तो कटे हुए सिर को ही कब्जे में लिया गया, उसकी जांच की गई और फिर उसे पोस्टमार्टम के लिए भिजवा दिया गया. इसी के साथ पुलिस मरने वाले शख्स की पहचान पता करने में जुट गई. जाहिर है जब सिर मिला था, तो धड़ या शरीर के दूसरे टुकड़े भी आस-पास कहीं होने चाहिए थे. लिहाजा, भरूच पुलिस ने अलग-अलग टीमें बनाई और मारे गए इंसान के शरीर के दूसरे अंगों की तलाश चालू कर दी. इसके बाद तो भोलाव और आस-पास के इलाकों में अगले चार दिनों तक पुलिस को रह-रह कर कटे हुए इंसानी अंग मिलते रहे. कहीं हाथ, कहीं पांव, कहीं धड़ तो कहीं कुछ और.

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कटी हुई बांह से मिला पहला सुराग
अब मामला बेहद संगीन हो चुका था और पुलिस जल्द से जल्द इस केस का खुलासा करना चाहती थी. लिहाजा, सबसे पहले उसने मरने वाले शख्स की पहचान पता करने की कोशिश तेज कर दी. भरूच शहर के सभी 31 थानों से हाल के कुछ दिनों में गायब हुए तमाम लोगों की मिसिंग रिपोर्ट की लिस्ट निकाली गई और उनमें से 35 से 40 साल वाले एज ग्रुप के पुरुषों के बारे में जानकारी जुटाई जाने लगी. इस बीच पुलिस को किस्तों में मिल रहे लाश के टुकड़ों से ही इस केस का पहला क्लू मिला. पुलिस को नाले से बरामद एक कटी हुई बांह पर सचिन के नाम का टैटू बना हुआ दिखा. यानी ये बात तकरीबन साफ हो गई कि मरने वाले शख्स का नाम सचिन ही रहा होगा.

दूसरे थाने में दर्ज थी मिसिंग रिपोर्ट
इत्तेफाक से जिस रोज़ पुलिस को नाले से पहली बार कटा हुआ सिर मिला था, उसके एक रोज़ पहले ही शहर के सी डिविडन थाने में सचिन नाम के एक शख्स की गुमशुदगी की रिपोर्ट दर्ज करवाई गई थी. अब पुलिस ने मिसिंग रिपोर्ट लिखवाने वाले उस शख्स को लाश की शिनाख्त के लिए बुलाया और जब शिकायतकर्ता को टुकड़ों में बंटे उस इंसान की लाश दिखाई गई, तो वो गम और अफसोस के मारे बदहवास हो गया. 

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बिजनौर का रहने वाला था मृतक सचिन
ये वाकई सचिन ही था, सचिन चौहान. जो मूल रूप से उत्तर प्रदेश के बिजनौर का रहने वाला था. और भरूच की एक फैक्ट्री में पिछले कई सालों से काम करता था. उसकी गुमशुदगी की रिपोर्ट लिखवाने वाला लड़का उसका भाई शैलेंद्र था, जो अपने भाई से उसका संपर्क टूट जाने और उसका मोबाइल फोन स्विच्ड ऑफ हो जाने पर उसकी तलाश करने बिजनौर से भरूच पहुंचा था.

अचानक गायब हुआ सचिन का दोस्त शैलेंद्र
अब पुलिस सचिन के दोस्तों और दुश्मनों के बारे में पता करने लगी. इसी कड़ी में पुलिस को सचिन के दोस्त शैलेंद्र का पता चला, जो 28 मार्च को सचिन के भाई मोहित चौहान के साथ सचिन की गुमशुदगी की रिपोर्ट लिखवाने पहुंचा था. पुलिस अब शैलेंद्र से पूछताछ करना चाहती थी, लेकिन शैलेंद्र ना सिर्फ शहर से गायब हो चुका था, बल्कि उसका मोबाइल फोन भी अब स्विच्ड ऑफ हो चुका था. इत्तेफाक से ये शैलेंद्र ही था, जिससे सचिन की आखिरी बार मुलाकात हुई थी. ऐसे में शैलेंद्र से पूछताछ जरुरी थी. लेकिन वो जैसे गायब हुआ था, उसने पुलिस को उस पर शक करने पर मजबूर कर दिया.

केवल मैसेज के जरिए बातचीत 
एक हैरानी की बात ये भी थी कि मृतक सचिन का मोबाइल फोन स्विच्ड ऑफ होने से पहले उसने अपने फोन पर बातचीत बंद कर दी थी, हालांकि वो मैसेज के जरिए अपने नाते-रिश्तेदारों से बातचीत कर रहा था. ये भी एक शक पैदा करने वाली बात थी. आम तौर पर किसी की गुमशुदगी या मौत छुपाने के लिए गुनहगार उसके मोबाइल फोन से चैट तो करते हैं, लेकिन बात नहीं करते. 

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बिजनौर से हुई शैलेंद्र की गिरफ्तारी
अब भरूच की पुलिस ने बगैर देर किए यूपी पुलिस की मदद से यूपी के बिजनौर जिले में दबिश दी और वहां से सचिन के दोस्त शैलेंद्र को हिरासत में ले लिया. शैलेंद्र पहले तो झूठ बोलता रहा, लेकिन आखिर में उसने सचिन का कत्ल करने और उसकी लाश को 9 टुकड़ों में काट कर अलग-अलग जगहों पर फेंकने की बात कुबूल कर ली.

शैलेंद्र को अश्लील तस्वीरों से ब्लैकमेल करता था सचिन
अब सवाल था कि शैलेंद्र ने आखिर अपने ही दोस्त के साथ ऐसा क्यों किया? तो शैलेंद्र ने पुलिस की पूछताछ में इसका जवाब दिया. उसने बताया कि वो और सचिन दोनों पुराने दोस्त हैं और दोनों ही यूपी के बिजनौर के रहने वाले हैं. दोनों भरूच में रहते हुए एक ही फैक्ट्री में काम भी करते हैं. लेकिन सचिन ने उससे एक मामले में गद्दारी की थी. असल में शैलेंद्र के मोबाइल फोन में अपनी बीवी के साथ उसकी कुछ प्राइवेट तस्वीरें थीं. जिन्हें उसके खास दोस्त सचिन ने एक रोज़ धोखे से अपने मोबाइल फोन में फॉरवर्ड कर लिया था.

24 मार्च की रात शैलेंद्र ने रखी थी पार्टी 
इसके बाद से वो शैलेंद्र को लगातार उसकी और उसकी बीवी की प्राइवेट तस्वीरों से ब्लैकमेल कर रहा था. इससे शैलेंद्र काफी परेशान था. उसने इससे निजात पाने के लिए सचिन को 24 मार्च की रात अपने किराये के मकान पर पार्टी के लिए बुलाया. जहां पहले शराब पीने और फिर डिनर करने के बाद सचिन शैलेंद्र के मकान में ही सो गया. हालांकि शैलेंद्र जग रहा था. शैलेंद्र ने इस मौके का फायदा उठा कर सचिन का फोन उठा लिया और उससे अपनी और अपनी बीवी की तस्वीरें डिलीट करने लगा.

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किचन के चाकू से किया सचिन का मर्डर
लेकिन इसी दौरान सचिन की नींद खुल गई. जिसके बाद दोनों में इन्हीं प्राइवेट तस्वीरों के लेकर झगड़ा हो गया. और बस इसी दौरान शैलेंद्र किचन से चाकू लेकर आया और सचिन पर ताबड़तोड़ वार करने लगा. इस तरह उसके हाथों सचिन का कत्ल हो गया. लेकिन अब बारी थी लाश को ठिकाने लगाने और सबूत मिटाने की. क्योंकि किसी भी दूसरे कातिल की तरह शैलेंद्र भी पकड़ा नहीं जाना चाहता था.

शैलेंद्र ने 9 टुकड़ों में काटी थी सचिन की लाश
अब सचिन की लाश उसके घर में ही पड़ी थी. अगले दिन वो हमेशा की तरह अपने काम पर गया. और वहां अपनी ड्यूटी भी की. लेकिन वापस आते हुए काली पॉलीथिन और एक बड़ा सा चाकू लेकर आया. इसके बाद वो अपने दोस्त की सचिन की लाश के टुकड़े करने लगा. उसने पहले लाश का सिर काट कर अलग किया और फिर हाथ-पांव और धड़. इस तरह लाश को कुल 9 टुकड़ों में काटने के बाद उसने इन टुकड़ों को किस्तों में ठिकाने लगाना शुरू किया. 

एक-एक कर ठिकाने लगाए थे लाश के टुकड़े
अब वो घर से एक-एक पैकेट लेकर निकलता और उन्हें अलग-अलग नाले में ठिकाने लगा कर वापस लौट आता. खास बात ये रही कि लाश ठिकाने लगाने के लिए ही उसने बाकायदा महिलाओं के पहने जाने वाला एक नाइट गाउन भी खरीदा था और एक-आध बार वो चेहरा छुपाए नाइट गाउन पहन कर ही लाश ठिकाने लगाने गया. ताकि अगर उसे कोई देखे, तो पहचान ना सके और सीसीटीवी कैमरों को भी वो धोखा दे सके.

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कुछ दिनों बाद बिजनौर चला गया था शैलेंद्र
हालांकि शैलेंद्र की साजिशों का सिलसिला आगे भी चलता रहा. वो कत्ल के बाद सचिन के मोबाइल फोन को अपने कब्जे में ले चुका था. और कुछ दिनों तक भरूच में रहने के बाद वो ट्रेन से अपने होमटाउन बिजनौर के लिए निकल गया. इस दौरान पहले तो उसने सचिन का फोन ऑन ही रखा, ताकि लोगों को लगे कि सचिन जिंदा है, लेकिन वो बात करने की जगह हर किसी से मैसेज के जरिए ही बातचीत कर रहा था. लेकिन फिर आगे चल कर उसने सचिन का मोबाइल फोन स्विच्ड ऑफ कर दिया. 

पुलिस के उलझाने के लिए किया था ये काम
इसके अलावा उसने सचिन का एटीएम कार्ड भी चुरा लिया था. जिससे पहले तो उसने कुछ पैसे निकाले, लेकिन बाद में उसने ट्रेन में ही सचिन का एटीएम कार्ड और उसके साथ उसका पिन भी लिख कर छोड़ दिया. ताकि अगर कार्ड और पिन किसी के हाथ लगे और वो उस कार्ड से पैसे निकाले, तो पुलिस की जांच पैसे निकाले जाने की लोकेशन से उलझ जाए और पुलिस कभी उसके पास न पहुंच सके. लेकिन इतने हथकंडे आजमाने के बावजूद आखिरकार शैलेंद्र की पोल खुल गई और वो गिरफ्तार हो गया.

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(भरूच से विक्की जोशी के साथ बृजेश दोषी का इनपुट)

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