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Terrorist Conspiracy Disclosure आतंकी मसूद अजहर का नया प्लान, अब 'गाजी' को भेजेगा हिंदुस्तान

Terrorist Conspiracy Disclosure संसद हमले के इस गुनहगार को भारत से कुछ खास ही नफरत है. अक्सर वो भारत के खिलाफ आग उगलता है. हाल ही में मौलाना मसूद अज़हर ने 9 मिनट का एक ऑडियो टेप जारी कर भारत को धमकाया भी था.

मसूद अजहर भारत का मोस्ट वॉन्टेड अपराधी है, जो पाकिस्तान में रहता है मसूद अजहर भारत का मोस्ट वॉन्टेड अपराधी है, जो पाकिस्तान में रहता है
परवेज़ सागर
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  • 07 जनवरी 2019,
  • अपडेटेड 11:20 AM IST

संसद हमले के मास्टर माइंड और आतंकी सगठन जैश-ए-मोहम्मद के सरगना मौलाना मसूद अज़हर ने भारत को लहुलुहान करने के लिए अपने सबसे बड़े ब्रह्मास्त्र गाज़ी को बाहर निकाला है. उसी ग़ाज़ी को जिसका इस्तेमाल इससे पहले वो अफगानिस्तान में अमेरिकी सेना के खिलाफ कर भी कर चुका है. दरअसल, पहले भतीजे और फिर भांजे की कश्मीर में भारतीय फौज के हाथों मौत के बाद से ही मसूद अज़हर तिलमिलाया हुआ है. इसीलिए वो अब कुछ बड़ा और घातक करना चाहता है. मगर ग़ाज़ी के भारत में घुसने की भनक मिलते ही भारतीय सेना ने अब ऑपरेशन ग़ाज़ी की भी शुरूआत कर दी है.

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पहले भांजा मारा गया फिर भतीजे का एनकाउंटर. उससे पहले गुर्गों की मौत. अब खुद मांद से बाहर आया मसूद अज़हर. जैश के 'ग़ाज़ी' को हिंदुस्तान भेजेगा मसूद अज़हर. उसने भांजे-भतीजे की मौत का बदला लेने के लिए ''ग़ाज़ी' प्लान बनाया है.

घाटी में नफरत फैलाने के लिए मसूद अज़हर ने अपने आतंकियों को भेजा. भारतीय सेना ने सबके सब को ढेर कर दिया. मसूद अज़हर ने फिर ये ज़िम्मेदारी एक एक करके अपने दर्जनों कमांडरों को दी. वो ऑपरेशन ऑलआउट के तहत मारे गए. बौखलाए मसूद अज़हर ने फिर अपने भांजे को घाटी में कमांडर बनाकर भेजा. उसे भी सुरक्षा बलों ने जहन्नम भेज दिया. पानी जब सिर से ऊपर निकल गया तो मसूद ने अपने भतीजे को भेजा. उसका भी वही हश्र हुआ.

कुल मिलाकर भारतीय सेना ने पिछले दो सालों में देश के दुश्मनों पर ऐसा कहर ढहाया कि आतंक का पूरा कुनबा ही सिकुड़ कर रह गया. ऑपरेशन आल आउट के तहत ढाई सौ से ज़्यादा आतंकियों को जहन्नम भेजकर आतंकी मंसूबों की कमर तोड़ दी गई. आलम अब ये है कि बाकी बचे आतंकी इतने खौफ में हैं कि वॉलेंट्री रिटायर्मेंट ले रहे हैं ताकि उन्हें सरहद पार ना जाना पड़े जहां भारतीय सेना की बंदूक से निकलने वाली गोलियां उनका इंतज़ार कर रही हैं. मैन पॉवर जूझ रहे जैश के तक़रीबन सभी बड़े आतंकियों को सुरक्षा बलों ने जम्मू-कश्मीर में ढेर कर दिया है. लिहाज़ा मसूद अज़हर ने घाटी में जैश को दोबारा खड़ा करने और अपने भांजे-भतीजे और दूसरे आतंकियों की मौत का बदला लेने के लिए अपने सबसे भरोसेमंदर कमांडर को मांद से बाहर निकाला है.

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जैश के सैकड़ों आतंकियों और परिवार के लोगों की मौत का बदला लेने के लिए जैश सरगना मसूद अज़हर बुरी तरह से बौखलाया हुआ है. और इसी बौखलाहट में वो एक के एक बाद ग़लती करता जा रहा है. खुफिया जानकारी के मुताबिक अब उसने अपने सबसे खास आतंकी अब्दुल रशीद गाज़ी को कमांडर बनाकर सरहद के इस पार भेजा है. जिसका मकसद ना सिर्फ मारे गए आतंकियों का बदला लेना है बल्कि नए आतंकियों की भर्ती करना और उन्हें ट्रेनिंग देना है. मगर खबर मिलते ही भारतीय सेना अलर्ट हो गई है. और जैश कमांडर गाज़ी को मार गिराने के लिए ऑपरेशन गाज़ी शुरू कर दिया गया है. जिसके तहत सुरक्षा बल के जवानों गाज़ी को दबाचने के लिए जगह जगह छापे मार रहे हैं.

ग़ाज़ी को ठिकाने लगाने की पूरी तैयारी

सेना ने घाटी में जैश कमांडर को मारने के लिए ऑपरेशन गाज़ी शुरू किया है. इससे पहले ये ज़िम्मेदारी जैश सरगना मसूद अजहर ने अपने भांजे तल्हा को दी थी. लेकिन उसे सुरक्षा बलों ने मार गिराया. तो फिर ये काम उसने अपने भतीजे उस्मान के हवाले किया. जिसे ख़ास तौर पर कश्मीर में आतंकियों को ट्रेनिंग और सेना को निशाना बनाने के मकसद से भेजा था. लेकिन वे किसी बड़ी वारदात को अंजाम दे पाता उससे पहले ही सुरक्षा बलों ने उसे भी मार गिराया. लिहाज़ा अब जैश के सरगना मसूद अज़हर ने कश्मीर के लिए बनाया है 'गाज़ी प्लान'.

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सबसे पहले ये जानिए कौन है ये अब्दुल रशीद गाज़ी. जानकारी के मुताबिक गाज़ी मसूद अज़हर का सबसे भरोसेमंद साथी है. जो हथियारों और विस्फोटकों खास तौर पर आईईडी का एक्सपर्ट है. माना जाता है कि गाज़ी अफगानिस्तान में आतंकी गतिविधियों को चलाने में शामिल रहा है. जहां वो जैश के आतंकियों को ट्रेनिंग दिया करता था.

खुफिया सूत्रों से मिली जानकारी के मुताबिक 9 दिसंबर को गाज़ी अपने दो आतंकी साथियों के साथ कश्मीर में दाखिल होने में कामयाब हो गया है. माना जा रहा है कि वो कश्मीर के पुलवामा तक पहुंच चुका है. और उसे पहली जिम्मेदारी अल कायदा की तर्ज पर कश्मीर में नए आतंकियों की भर्ती करने की दी गई है. बताया जा रहा है कि गाज़ी अफगानिस्तान में अमेरिका और नॉटो फोर्स के खिलाफ लड़ता रहा है.

हाल के दिनों में कश्मीर घाटी से जिन भी युवाओं ने आतंक का रास्ता अपनाया. वो छह महीने से ज्यादा वक्त तक सक्रिय नहीं रह पाए. सुरक्षाबलों के ऑपरेशन में नए आतंकी जल्दी निशाने पर आते हैं. पहले के मुक़ाबले अब इन आतंकियों की ट्रेनिंग न के बराबर होती है. आतंकियों में ट्रेनिंग की कमी के चलते पाकिस्तान में आतंक के आकाओं को भारी नुकसान उठाना पड़ रहा है.

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जानकारों की मानें तो अफ़ग़ानिस्तान में आतंकी गतिविधियों को अंजाम दे रहे ट्रेंड आतंकियों की घुसपैठ आने वाले दिनों में बढ़ सकती है. और अमेरिका के अफ़ग़ानिस्तान से अपनी पूरी फौज को वापस बुलाने के फैसले से भारत में आतंकी घटनाएं बढ़ सकती हैं. पैसों का लालच देकर पाकिस्तान और वहां कि आतंकी तंज़ीमें इन्हें भारत के खिलाफ फिर से इस्तेमाल कर सकती हैं. जैसा की 90 के दशक में हुआ था. सूत्रों की मानें तो फ़िलहाल जम्मू कश्मीर में इस वक़्त 120 से ज़्यादा विदेशी आतंकी मौजूद हैं. जो कभी भी भारत की सुरक्षा के लिए खतरा पैदा कर सकते हैं.

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