
कहते हैं चोर चोरी से जाए, मगर हेराफेरी से ना जाए. एक मुल्क के तौर पर पाकिस्तान की हालत भी कुछ ऐसी ही है. दुनिया चाहे लाख पाबंदी लगा ले. हर दिन, हर फोरम पर उसकी लानत मलामत होती रहे, लेकिन पाकिस्तान है कि दुनिया में दहशतगर्द और दहशतगर्दी एक्सपोर्ट करने से बाज नहीं आता.
जम्मू-कश्मीर के नगरोटा में गुरुवार को जो कुछ हुआ, वो इसी बात का सबूत है. दहशत के सौदागर भारी गोला बारूद के साथ भारत में घुसकर कश्मीर की शांत फिजाओं में बारूद घोलना चाहते थे. मजहब के नाम पर बेगुनाहों के खून से जेहाद लिखना चाहते थे. लेकिन इससे पहले कि अपने मंसूबों में कामयाब हो पाते, भारत के जांबाज जवानों ने एक ही झटके में जैश-ए-मुहम्मद के 4 आतंकियों को मार गिराया.
पाकिस्तान के रहने वाले ये चारों आतंकी किसी बड़ी वारदात को अंजाम देने के इरादे से हिंदुस्तान की सीमा में घुस आए थे और एक ट्रक में छुपकर अपने खुफिया ठिकाने की ओर बढ़ रहे थे, लेकिन हिंदुस्तानी खुफिया एजेंसियों को पहले ही इसकी भनक लग गई. सीआरपीएफ, लोकल पुलिस और दूसरे सुरक्षा बलों ने मिलकर आनन-फानन में एक ऑपरेशन प्लान किया. इसके तहत जम्मू-श्रीनगर हाईवे की नाकेबंदी की गई.
सुरक्षाबलों को इस बात की पहले ही खबर मिल चुकी थी कि बुजदिल आतंकी एक ट्रक में छुपे बैठे हैं. लिहाजा, तमाम दूसरे वाहनों के साथ-साथ सड़क से गुजर रहे ट्रकों पर सुरक्षाबलों की खास निगाह थी. और जैसे ही आतंकियों का ट्रक नाके के करीब पहुंचा, सुरक्षाबलों ने उसे चेकिंग के लिए रोक लिया. लेकिन इससे पहले कि चेकिंग शुरू हो पाती ट्रक में बैठे आतंकियों ने सुरक्षाबलों पर ही ग्रेनेड से हमला कर दिया. बस फिर क्या था?
सुरक्षाबलों ने ट्रक को घेर कर इतनी फायरिंग की कि सब धुआं-धुआं हो गया. पहले तो कुछ देर तक आतंकियों ने भी सुरक्षाबलों से उलझने की गलती की, लेकिन फिर अपनी गलती का अहसास करने के लिए वो जिंदा ही नहीं बचे.
सुरक्षाबलों के इस ऑपरेशन का नाम था 1055. जम्मू-श्रीनगर हाई वे पर ये ऑपरेशन करीब तीन घंटे तक चलता रहा. सुरक्षा बलों ने इन आतंकियों को काबू करने के लिए ऐसी जबरदस्त घेरेबंदी की थी कि उन्हें कहीं भागने का मौका ही नहीं मिला. इस ऑपरेशन के दौरान ही सुरक्षाबलों ने आतंकियों को सरेंडर करने की भी चेतावनी दी, लेकिन उनके सिर पर मौत नाच रही थी. आतंकियों के इस ट्रक में भारी तादाद में गोला-बारूद भरा पड़ा था. ऐसे में जब सुरक्षाबलों ने ट्रक को अपना निशाना बनाया तो ट्रक में रखे बारूद में धमाका हो गया और ट्रक के भी परखच्चे उड़ गए.
इस ऑपरेशन के दौरान आतंकियों के पास से सुरक्षाबलों ने 11 एके 47 राइफल, 49 हैंड ग्रेनेड और 3 पिस्टल भी बरामद किए. सूत्रों की मानें तो इन आतंकियों का इरादा स्थानीय चुनावों से पहले घाटी में हिंसा फैलाने का था. ताकि तेजी से अमन की तरफ बढ़ रहे जम्मू-कश्मीर के हालात को फिर से पटरी से नीचे उतारा जा सके. वहीं दूसरी ओर पाकिस्तान की फौज और वहां के रेंजर्स भी लगातार उकसावे की कार्रवाई से बाज नहीं आ रहे हैं.
इस साल अब तक पाकिस्तान ने 4052 सीजफायर उल्लंघन किया है. वहीं पिछले साल सीजफायर उल्लंघन के 3233 मामले सामने आए थे. अक्टूबर में 394 और नवंबर में अबतक 128 बार पाकिस्तान ने सीजफायर तोड़ा. पाकिस्तान की इस करतूत से इस साल अब तक 20 नागरिकों की जान जा चुकी है, जबकि 47 जख्मी हो चुके हैं.