
जुर्म की दुनिया में कई ऐसे किस्से कहानियां मौजूद हैं, जिनकी तफ्तीश और तहकीकात पुलिस के लिए सिरदर्द बन जाती है. ना कोई सुराग मिलता है और ना ही कोई गवाह. मगर जब कभी ऐसे मामलों का खुलासा होता है, तो सब हैरान जाते हैं. ऐसा ही एक मामला करीब 4 साल पहले झारखंड से सामने आया था. जिसकी जांच पड़ताल जितनी पेचीदा थी, उसका खुलासा भी उतना ही दिलचस्प था. ये मामला था एक महिला के कत्ल का.
अगस्त 2019
झारखंड के गढ़वा जिले की पुलिस को इत्तिला मिलती है कि गोंडा के पास नेशनल हाइवे 75 पर एक महिला की लाश पड़ी है. जानकारी मिलते ही पुलिस की एक टीम मौके पर पहुंचती है. लाश सड़क के किनारे पड़ी थी. लिहाजा, पहली नजर ऐसा लगता है कि यह मामला एक्सीडेंट का है. प्रारंभिक जांच के बाद पुलिस बताती है कि महिला की मौत किसी वाहन की चपेट में आकर हुई है. महिला के सिर पर चोट के निशान भी दिखते हैं. खून सिर से बहकर उसके जिस्म पर जम जाता है. पुलिस वहीं लाश का पंचनाम करती है और फिर उस लाश को पोस्टमार्टम के लिए भेज देती है.
घरवालों ने नहीं माना एक्सीडेंट
पुलिस कुछ ही घंटों में लाश की शिनाख्त कर लेती है. मरने वाली महिला की उम्र तकरीबन 23 साल बताई जाती है. वो एक तलाकशुदा महिला थी. मृतका के घरवाले पुलिस की कहानी पर यकीन नहीं करते. वो शक जताते हैं कि उनकी बेटी का कत्ल किया गया है और कत्ल के बाद उसकी लाश को नेशनल हाइवे पर फेंक दिया गया. उनके साथ गांववाले भी आ जाते हैं. घरवालों और स्थानीय लोगों का विरोध देखकर पुलिस इस मामले में एफआईआर दर्ज करती है और इस मामले की जांच के लिए एक विशेष टीम का गठन किया जाता है.
सिर में लगी गहरी चोट को लेकर शक
पुलिस की स्पेशल टीम इस मामले की छानबीन शुरु करती है. पुलिस इस मामले के तमाम पहलु खंगालती है. पोस्टमार्टम रिपोर्ट से पुलिस को पता चलता है कि मृतका के सिर में चोट थी. जिसे देखकर ऐसा लगता है कि वो चोट किसी भारी चीज से हमला किए जाने का नतीजा भी हो सकती है. इसके बाद पुलिस की टीम उस जगह भी जाती है, जहां से लाश बरामद हुई थी. लेकिन वहां भी कुछ हासिल नहीं होता.
एक सिम कार्ड से खुलता है राज
तफ्तीश के दौरान पुलिस की स्पेशल टीम मृतका के घर जाती है और उसके कमरे की तलाशी लेती है. इसी दौरान पुलिस को उस कमरे से एक सिम कार्ड बरामद होता है. पुलिस सिमकार्ड के नंबर से उसकी जांच करती है. जब सिमकार्ड पर जारी मोबाइल नंबर का पता चलता है, तो पुलिस उस नंबर की सीडीआर निकलवाती है. सीडीआर सामने आने पर महिला की मौत का राज परत दर परत खुलकर सामने आने लगता है.
चौंकाने वाला खुलासा
पुलिस को पता चलता है कि वो सिमकार्ड मृतक महिला की नहीं बल्कि महिला के पूर्व पति के भतीजे सद्दाम अंसारी का था. 25 साल का सद्दाम जिले के रंका थाना क्षेत्र के खपरो गांव में ही रहा करता था. जब पुलिस को यह जानकारी मिलती है, तो पुलिस ने दबिश देकर सद्दाम को हिरासत में ले लिया. इसके बाद पूछताछ में सद्दाम ने जो खुलासा किया वो बेहद चौंकाने वाला था.
चाची से थे भतीजे के अवैध संबंध
सद्दाम अंसारी ने पुलिस को पूछताछ में बताया कि मृतका की शादी उसके चाचा हबीबुल्ला से हुई थी और लेकिन बाद में उन दोनों का तलाक हो गया था. मगर सद्दाम अपनी चाची को दिल ही दिल में चाहने लगा था. उसने अपने दिल की बात एक दिन अपनी चाची को बता दी. हालांकि तब महिला ने उसकी बात का कोई जवाब नहीं दिया. लेकिन कुछ दिनों बाद वो भी लोक लाज सब भूलकर सद्दाम को चाहने लगी. रिश्ते की मर्यादा को भुलाकर उसने भतीजे से ही संबंध बना लिए.
ऐसे रची चाची को रास्ते से हटाने की साजिश
जब उस महिला का सद्दाम के चाचा से तलाक हो गया तो वो सद्दाम पर शादी करने का दबाव बनाने लगी. सद्दाम उसे मना करता रहा. वो शादी के लिए तैयार नहीं था. लेकिन अब महिला उस पर ज्यादा ही दबाव बनाने लगी थी. वो सबको इस बारे में बताने के लिए कहने लगी थी. सद्दाम इस बात से परेशान हो चुका था. लिहाजा, उसने अपनी चाची को ही रास्ते से हटाने का मन बना लिया. इसके लिए उसने एक साजिश रची.
लोहे की रॉड से किया था सिर पर वार
सद्दाम ने साजिश के मुताबिक, एक दिन अपनी चाची को कोर्ट मैरिज करने का झांसा देकर एक सुनसान जगह पर बुलाया. महिला उसकी बातों में आ गई और उसकी बताई जगह पर जा पहुंची. वो इस बात से बेखबर थी कि वहां सद्दाम नहीं बल्कि उसकी मौत उसका इंतजार कर रही है. महिला जब वहां पहुंची तो वहां सद्दाम पहले से मौजूद था. बातचीत के दौरान ही अचानक सद्दाम ने एक लोहे की रॉड से महिला की सिर पर जोरदार वार किया. महिला के सिर से खून बहने लगा और वो लहूलुहान होकर वहीं जमीन पर गिर पड़ी.
कत्ल के बाद लाश को हाइवे पर फेंका
सद्दाम की चाची कुछ देर तक जिंदा रही और इसके बाद उसने दम तोड़ दिया. अब सद्दाम की चाची इस दुनिया में नहीं थी. उसकी मौत हो चुकी थी. सद्दाम साजिश के तहत अपनी चाची की लाश को ठिकाने लगाने का प्लान पहले ही बना चुका था. जिसके तहत उसने महिला की शव को नेशनल हाइवे 75 पर ले जाकर इस तरह फेंक दिया कि देखने वालों को लगे कि महिला की मौत किसी वाहन से टकरा कर हुई है. यानी मामला एक्सीडेंट का लगे.
आरोपी को जेल
मगर पुलिस की जांच ने इस मर्डर मिस्ट्री का खुलासा करते हुए कातिल को गिरफ्तार कर लिया. जब पुलिस ने आरोपी के तौर पर सद्दाम को सबके सामने पेश किया था, तो उसके घरवाले और तमाम लोग हैरान रह गए थे. पुलिस ने आईपीसी की धारा 302 का मामला दर्ज कर आरोपी सद्दाम को जेल भेज दिया था.