
अखिलेश यादव की सरकार के दौरान लखनऊ में गोमती नदी के किनारे बने रिवर फ्रंट से जुड़े घोटाले में पहली गिरफ्तारी हुई है. गोमती रिवर फ्रंट घोटाले की जांच कर रही सीबीआई ने सिंचाईं विभाग के पूर्व चीफ इंजीनियर रूप सिंह यादव को शुक्रवार को गिरफ्तार कर लिया है.
बता दें कि करीब 1500 करोड़ रुपये के इस घोटाले की जांच फिलहाल सीबीआई कर रही थी. प्रवर्तन निदेशालय (ईडी) ने भी मनी लांड्रिंग का मामला दर्ज कर जांच शुरू की थी. सीबीआई लखनऊ की एंटी करप्शन टीम इस मामले की जांच कर रही थी. राज्य सरकार ने तीन साल पहले घोटाले की जांच सीबीआई से कराने की संस्तुति की थी.
गौरतलब है कि अप्रैल 2017 में प्रदेश सरकार ने रिवर फ्रंट घोटाले की न्यायिक जांच के आदेश दिए थे. जांच के बाद गोमती नगर थाने में कई अधिकारियों के खिलाफ कमेटी ने एफआईआर दर्ज कराई थी. उसी एफआईआर को आधार बनाकर सीबीआई ने रिपोर्ट दर्ज की थी. अब रूप सिंह यादव की गिरफ्तारी के बाद इस घोटाले के अन्य आरोपितों की भी गिरफ्तारी की हो सकती है.
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बता दें कि अखिलेश यादव की सरकार के कार्यकाल में लखनऊ में गोमती नदी के तट पर बने रिवर फ्रंट को समाजवादी पार्टी का ड्रीम प्रोजेक्ट बताया गया था. इस प्रोजेक्ट के शुरू होने के बाद से ही इसमें बड़े घोटाले के आरोप लगते रहे थे. यूपी में योगी सरकार आने के बाद इसकी प्रारंभिक जांच के बाद केस सीबीआई के हवाले कर दी गई थी. अब सीबीआई इस घोटाले के बड़े जिम्मेदारों पर अपना शिकंजा कस रही है.