
पंजाब पुलिस ने मंगलवार को एक खालिस्तानी आतंकवादी मॉड्यूल का भंडाफोड़ किया है. पुलिस ने दो खालिस्तानी आतंकवादियों को गिरफ्तार किया है जो पांच अन्य आरोपियों के साथ मिलकर देश विरोधी गतिविधियों में शामिल थे. गिरफ्तार किए गए आतंकवादी जिन पांच अपराधियों के संपर्क में थे, उनमें से एक खालिस्तान जिंदाबाद फोर्स का ऑपरेटिव है, जो अमृतसर जेल में बंद है.
पंजाब पुलिस प्रमुख दिनकर गुप्ता ने बताया कि खालिस्तानी मॉड्यूल का भंडाफोड़ गुप्त सूचनाओं के आधार पर किया गया. गिरफ्तार आतंकी राज्य में शांति और भाईचारा तोड़ने के नजरिए से कुछ आतंकवादी घटनाओं की योजना बना रहे थे. गिरफ्तार किए गए आतंकवादियों की पहचान हरजीत सिंह और शमशेर सिंह के रूप में हुई है, जो तरनतारन के मियांपुर गांव के रहने वाले हैं.
दिनकर गुप्ता ने कहा कि हाल ही सामने आई घटनाओं के मद्देनजर पुलिस ने राज्य के कई हिस्सों में चौकसी बढ़ा दी गई है और राज्य में प्रवेश करने वाले वाहनों और लोगों की गहनता से तलाशी ली जा रही है. पुलिस ने मंगलवार को राजपुरा-सरहिंद रोड पर नाका लगाया था. तलाशी के दौरान यह दोनों आतंकवादी पुलिस के हत्थे चढ़े.
गुप्ता ने बताया कि तलाशी के दौरान दोनों आरोपियों के कब्जे से 6 अत्याधुनिक हथियार बरामद हुए हैं. जिनमें एक 9 एमएम की पिस्तौल, 4 पॉइंट 32 कैलिबर पिस्टल और 1 पॉइंट 32 रिवाल्वर के अलावा 8 जिंदा कारतूस, कई मोबाइल फोन और एक इंटरनेट का डोंगल भी बरामद हुआ है. गिरफ्तार किए गए आतंकवादियों ने पुलिस पूछताछ में कबूल किया है कि उन लोगों ने छह हथियारों में से चार हथियार मध्यप्रदेश के बुरहानपुर से हासिल किए थे. बाकी के दो हरियाणा के जिंद जिले के सफीदों से लिए थे.
दोनों आतंकियों पर पर पहले से ही तरनतारन के सराय अमानत खान में हत्या के प्रयास और आर्म्स एक्ट के तहत मामले दर्ज हैं. पुलिस ने एफआईआर नंबर 116 के अंतर्गत आईपीसी की धारा 212, 216, 120 बी और आर्म्स एक्ट की धारा 25, 54 ,59 और अनलॉफुल एक्टिविटीज प्रीवेंशन अमेंडमेंट एक्ट 2019 की धारा 13 ,16 ,18 और 20 के तहत मामला दर्ज कर लिया है.
दोनों आतंकवादियों को न्यायालय में पेश करके पुलिस रिमांड हासिल किया जाएगा ताकि उनसे और सूचना हासिल की जा सके. दरअसल, गिरफ्तार किए गए दोनों आतंकवादियों से पूछताछ करके उनके मददगारों और गैरकानूनी हथियार सप्लाई करने वाले अपराधियों तक पहुंचना चाहती है.