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साइबर क्राइम

US: हैकर ने पानी में जहर मिलाने की कोशिश की, 15 हजार लोगों की जान आ गई खतरे में

aajtak.in
  • नई दिल्ली,
  • 09 फरवरी 2021,
  • अपडेटेड 3:12 PM IST
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अमेरिका के फ्लोरिडा में साइबर अटैक की ऐसी घटना सामने आई है, जिससे हर कोई हैरान और डरा हुआ है. एक इंटरनेट हैकर ने फ्लोरिडा के एक कस्बे में पानी सप्लाई करने वाले ट्रीटमेंट प्लांट में जहर मिलाने की कोशिश की. इस प्लांट से 15 हजार लोगों को पानी की सप्लाई होती है. किस्मत अच्छी थी कि एक प्लांट ऑपरेटर ने पानी में मिल रहे जहर की मात्रा को देख लिया और उसने तत्काल पूरे सिस्टम को ठीक किया. (फोटोःगेटी)

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इंटरनेट हैकर ने फ्लोरिडा के ओल्डसमार कस्बे के वाटर ट्रीटमेंट प्लांट को रिमोटली ऑपरेट किया. इसके बाद उसने ट्रीटमेंट प्लांट में पानी में सोडियम हाइड्रॉक्साइड की मात्रा बढ़ाने की कोशिश की. उसने पानी में सोडियम हाइड्रॉक्साइड की मात्रा को 11,100 पार्ट्स प्रति मिलियन मात्रा बढ़ा दिया. जबकि, यह 100 पार्ट्स प्रति मिलियन होना चाहिए. (फोटोःगेटी)

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बिजनेस इनसाइडर में प्रकाशित खबर के अनुसार ये घटना 5 फरवरी की है. इस ट्रीटमेंट प्लांट से ओल्डसमार कस्बे के 15 हजार लोगों को पानी की सप्लाई होती है. ट्रीटमेंट प्लांट के कंप्यूटर में जब सोडियम हाइड्रॉक्साइड की मात्रा बढ़ती दिखाई दी तो वहां मौजूद एक ऑपरेटर का इस पर ध्यान चला गया. (फोटोःगेटी)

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ऑपरेटर ने तत्काल सप्लाई रोक कर पानी में सोडियम हाइड्रॉक्साइड के स्तर को घटाने लगा. उसने तुरंत जहर को सामान्य स्थिति पर लाकर रोका. इस दौरान उसने पुलिस को सूचना दी. पाइनलास काउंटी शेरिफ बॉब गुआलटिएरी ने बताया कि अब FBI और सीक्रेट सर्विस के लोग इस मामले की जांच कर रहे हैं. वो लोग इस हैकर को खोजने का प्रयास कर रहे हैं. (फोटोःगेटी)

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बॉब गुआलटिएरी ने बताया कि सोडियम हाइड्रॉक्साइड का उपयोग लिक्विड ड्रेन क्लीनर के तौर पर किया जाता है. इससे पानी बहुत ज्यादा एसिडिक हो जाता है. इसका उपयोग उन इलाकों में किया जाता है जहां पर पानी में लाइमस्टोन की मात्रा ज्यादा होती है. हालांकि इसके उपयोग की मात्रा अत्यधिक कम होती है. अगर ये ज्यादा मात्रा में पानी के जरिए सप्लाई होता तो इसे पीने वालों के शरीर पर रैशेस आ जाते और जलन महसूस होती. (फोटोःगेटी)

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शेरिफ बॉब ने बताया कि अच्छी बात ये थी कि प्लांट ऑपरेटर को इस तरह की दिक्कतों को ठीक करना आता था. उसने तत्काल होशियारी दिखाते हुए पहले प्लांट से सप्लाई रोकी. उसके बाद पानी में मिले सोडियम हाइड्रॉक्साइड की मात्रा को सामान्य स्थिति पर लेकर गया. साथ ही जहरीले पानी को फिर से ट्रीट करके उसे साफ किया गया. (फोटोःगेटी)

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बॉब ने बताया कि अगर यह साइबर अटैक का पता नहीं चलता तो इस कस्बे में 24 से 36 घंटे में तबाही मच जाती. हालांकि सही समय पर सारे नियमों का पालन करने से ये हादसा रुक गया. (फोटोःगेटी)

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ओल्ड्समार के मेयर एरिक शीडल ने बताया कि अभी तक हैकर को पकड़ा नहीं जा सका है. लेकिन उसने पानी का pH लेवल बढ़ा दिया था. थोड़ी सी और देर होती तो बड़ी मुसीबत हो सकती थी. फिलहाल इस मामले की जांच देश की बेहतरीन जांच एजेंसियां कर रही हैं. हमें उम्मीद है कि हैकर जल्द ही पकड़ा जाएगा. (फोटोःगेटी)

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वहीं, जब इस बारे में जांच एजेंसियों से पूछा गया तो उन्होंने बताया कि अभी तक यह नहीं पता चल पाया है कि हैकर ने ये साइबर अटैक अमेरिका के अंदर बैठकर किया या देश के बाहर से. सोडियम हाइड्रॉक्साइड को आम भाषा में अमेरिका में आई (Iye) कहते हैं. इसका उपयोग ड्रेनज सिस्टम को साफ करने के लिए किया जाता है. (फोटोःगेटी)

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