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Bulli Bai Case: मुंबई पुलिस कर चुकी 3 गिरफ्तारियां, दिल्ली पुलिस क्यों पीछे?

Bulli Bai Case: इस मामले में मुंबई पुलिस अब तक श्वेता सिंह, विशाल कुमार और मयंक रावल को गिरफ्तार कर चुकी है, जबकि दिल्ली पुलिस अब तक कोई गिरफ्तारी नहीं कर पाई है. 

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अरविंद ओझा/श्रेया चटर्जी
  • दिल्ली,
  • 05 जनवरी 2022,
  • अपडेटेड 1:49 PM IST
  • Github से नहीं मिल पा रही है जानकारी
  • MLAT के जरिए ही मिल पाएगी जानकारी

Bulli Bai ऐप पर मुस्लिम महिलाओं की तस्वीरें 'नीलामी' के लिए लगाई गई थीं. इस मामले में मुंबई पुलिस अब तक श्वेता, विशाल कुमार और मयंक रावल को गिरफ्तार कर चुकी है, जबकि दिल्ली पुलिस अब तक कोई गिरफ्तारी नहीं कर पाई है. 

दिल्ली पुलिस की कार्रवाई में देरी की वजह Github से जानकारी नहीं मिल पाना है. ऐप को जिस Github पर बनाया गया था, उससे जानकारी मांगी गई थी, लेकिन Github से जानकारी नहीं मिल पा रही है. इस वजह से दिल्ली पुलिस को कार्रवाई करने में देरी हो रही है.

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अब MLAT के तहत Github से जानकारी लेनी होगी. MLAT दो अंतरराष्ट्रीय देशों के बीच सूचनाओं का आदान-प्रदान करने और इकट्ठा करने के उद्देश्य से की गई संधि है.

Github ने जानकारी देने से किया का इनकार

जानकारी के मुताबिक, पिछले साल जुलाई में जब Sulli Deals ऐप का मामला सामने आया था, तब कुछ महिलाओं ने शिकायत की थी. उस वक्त दिल्ली पुलिस के अधिकारियों ने दो बार Github को चिट्ठी लिखकर उपयोगकर्ता की जानकारी मांगी, लेकिन उन्हें ठुकरा दिया गया क्योंकि Github सीआरपीसी का अनुपालन नहीं करता.

सूत्रों के मुताबिक, पिछले साल जुलाई में Github ने दिल्ली पुलिस को 2005 में भारत और अमरीका के बीच हस्ताक्षरित MLAT के तहत कानूनी प्रक्रिया के माध्यम से जानकारी लेने के लिए कहा था. अब Bulli Bai ऐप के सामने आने के बाद दिल्ली की एक कोर्ट ने MLAT जारी किया है. 

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दिल्ली की कोर्ट ने सीबीआई (MLAT की नोडल एजेंसी) को भी नोटिस भेजकर Github से जानकारी इकट्ठा करने के लिए कहा. कोर्ट ने कहा कि जब पूरा जानकारी इकट्ठा हो जाएगी, फिर उसका परिक्षण करके आरोपियों की पहचान की जाएगी. इस मामले में दिल्ली और मुंबई पुलिस मुकदमा दर्ज करके जांच कर रही है.

क्यों जरूरी है Github से जानकारी?

Bulli Bai और Sulli Deals ऐप बनाने वालों की उपयोगकर्ता जानकारी तक पहुंच के बिना भारतीय कानून प्रवर्तन एजेंसियों के लिए आरोपी व्यक्तियों के खिलाफ मामला बनाना मुश्किल होगा. इसके अलावा GitHub की भी जवाबदेही है क्योंकि दोनों बार ऐप उनके प्लेटफॉर्म पर उपलब्ध तकनीकी सहायता का दुरुपयोग करके बनाए गए थे.

Bulli Bai केस में अब तक मुंबई पुलिस ने दो लोगों 21 वर्षीय विशाल झा और 18 वर्षीय श्वेता सिंह को गिरफ्तार किया है. इन दोनों लोगों को उनके ट्विटर अकाउंट के आधार पर गिरफ्तार किया गया है, जिसका इस्तेमाल Bulli Bai ऐप को बढ़ावा देने के लिए किया गया था. अभी डेवलपर की जानकारी नहीं मिल पाई है.

क्या है Github

GitHub की शुरुआत 2008 में अमेरिका में हुई थी. इसका मालिकाना हक Microsoft के पास है. उसने साल 2018 में इस कंपनी को खरीदा था. Github पर कोई भी व्यक्ति पर्सनल या एडमिनिस्ट्रेटर के तौर पर ऐप बना सकता है. इस पर साइन इन करके इसके मार्केटप्लेस (ऐप स्टोर) से ऐप डेस्कटॉप या मोबाइल पर डाउनलोड किए जा सकते हैं.

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Github India Private Limited के नाम से 2020 से रजिस्टर्ड है, लेकिन ऑफिस जैसा कुछ नहीं है. इस वजह से यह सीआरपीसी के दायरे में नहीं आ पाता है. ऐसे में भारत और अमेरिका के बीच हुए MLAT समझौते के तहत ही Github से कोई भी जानकारी जुटाई जा सकती है.

क्या है Bulli Bai और Sulli Deals?

Bulli Bai और Sulli Deals ऐप पर मुस्लिम धर्म से ताल्लुक रखने वाली महिलाओं की ऑनलाइन नीलामी से हुई. करीब 100 से अधिक मुस्लिम महिलाओं की तस्वीरें लगाई गई थी. इसमें पत्रकार, सामाजिक कार्यकर्ता समेत कई क्षेत्र से जुड़ी महिलाएं शामिल थीं.

 

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