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इंटरनेशनल साइबर क्राइम सिंडिकेट का CBI ने किया भंडाफोड़, 'ऑपरेशन चक्र-3' के तहत 26 ठग गिरफ्तार

सीबीआई ने वैश्विक स्तर पर लोगों के साथ साइबर ठगी करने के आरोप में 26 अपराधियों को गिरफ्तार किया है. ऑपरेशन चक्र-3 के तहत ये कार्रवाई पिछले गुरुवार देर रात पुणे, हैदराबाद, अहमदाबाद और विशाखापत्तनम में 32 अलग-अलग जगहों पर छापेमारी के साथ शुरू हुई.

क्रिप्टोकरेंसी ट्रेडिंग के नाम पर एक करोड़ से ज्यादा की ठगी की गई क्रिप्टोकरेंसी ट्रेडिंग के नाम पर एक करोड़ से ज्यादा की ठगी की गई
aajtak.in
  • नई दिल्ली,
  • 30 सितंबर 2024,
  • अपडेटेड 3:54 PM IST

सीबीआई ने वैश्विक स्तर पर लोगों के साथ साइबर ठगी करने के आरोप में 26 अपराधियों को गिरफ्तार किया है. ऑपरेशन चक्र-3 के तहत ये कार्रवाई पिछले गुरुवार देर रात पुणे, हैदराबाद, अहमदाबाद और विशाखापत्तनम में 32 अलग-अलग जगहों पर छापेमारी के साथ शुरू हुई. इसके साथ ही जांच एजेंसी ने 58.45 लाख रुपए नकद, लॉकर की चाबियां और तीन लग्जरी गाड़ियां जब्त की हैं.

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जानकारी के मुताबिक, ये जालसाज फर्जी कॉल सेंटरों के जरिए लोगों को अपनी जाल में फंसाते थे. इसके बाद उनसे लाखों रुपए ठग लेते थे. पुणे के रीजेंट प्लाजा में वी.सी. इनकॉन्फॉर्मिटीज प्राइवेट लिमिटेड, विशाखापत्तनम के मुरली नगर में वी.सी. इंफ्रोमेट्रिक्स प्राइवेट लिमिटेड, हैदराबाद में वायाजेक्स सॉल्यूशंस और विशाखापत्तनम में अत्रिया ग्लोबल सर्विसेज प्राइवेट लिमिटेड पर छापेमारी की गई है. 

सीबीआई के एक अधिकारी ने बताया कि इन चारों कॉल सेंटरों में लाइव ऑनलाइन साइबर ठगी की गतिविधियों में शामिल 170 लोगों को पकड़ा गया है. इस ऑपरेशन में साइबर अपराधी कई तरह की अवैध गतिविधियों में शामिल थे. ये अमेरिका सहित कई देशों के लोगों को अपनी जाल में फंसाकर उनसे ठगी करते थे. खासकर अमेरिका में लोगों कॉल करके उनको तकनीकी सहायता की बात करते.

इसके बाद लोगों के सिस्टम को हैक कर लेते थे. इसके बाद उनके खातों से पैसे अपने अकाउंट में ट्रासफर कर लेते थे. कई मामलों में साइबर अपराधियों ने पीड़ितों को इंटरनेशनल गिफ्ट कार्ड या क्रिप्टो करेंसी के जरिए पैसे ट्रांसफर करने लिए धमकाया. सीबीआई ने अब तक पुणे से 10, हैदराबाद से 5 और विशाखापत्तनम से 11 साइबर अपराधियों को गिरफ्तार किया है. सभी से पूछताछ की जा रही है.

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सीबीआई के इन अभियानों के परिणामस्वरूप कई अहम डिजिटल साक्ष्य और आपत्तिजनक सामग्री जब्त की गई है. इनमें इलेक्ट्रॉनिक डिवाइस, मोबाइल फोन, लैपटॉप, वित्तीय जानकारी, कम्युनिकेशन रिकॉर्ड और पीड़ितों को धोखा देने के लिए इस्तेमाल की जाने वाली आपत्तिजनक सामग्री सहित 951 वस्तुएं जब्त की गई हैं. इतना ही नहीं एक इंटरनेशनल लेवल के साइबर क्राइम सिंडिकेट का पर्दाफाश हुआ है. 

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