
छत्तीसगढ़ के अंबिकापुर में पीएससी की तैयारी कर रही युवती से एक शख्स ने नौकरी के नाम पर 9.30 लाख रुपये की ठगी की. ठगी के इस मामले में अंबिकापुर गांधीनगर पुलिस ने आरोपी को गिरफ्तार कर लिया है. युवती की पहचान आरोपी से फेसबुक के माध्यम से हुई थी.
आरोपी ने युवती से ठगे गए आधे रुपये अपना कर्ज चुकाकर खत्म कर दिए हैं, जबकि बाकी के बचे पैसे युवती को वापस कराने पुलिस ने उसके खाते को होल्ड कर दिया है. पुलिस ने आरोपी को न्यायालय में पेश किया. जहां से उसे जेल भेज दिया गया.
दरअसल, ये मामला छत्तीसगढ़ के अंबिकापुर शहर के नवापारा स्थित चर्च इलाके का है. जहां रहने वाली 33 साल की मिथिलेश मालवीय की पहचान कुछ महीने पहले फेसबुक के जरिए संतोष नाम के शख्स से हुई. वह रायपुर के ठाकुरदेवपुर रहने वाला था. उसने खुद को पीडब्ल्यूडी रायपुर में असिस्टेंट इंजीनियर बताया था.
पहचान के बाद बातचीत शुरू होने पर संतोष ने युवती से पूछा कि तुम क्या करती हो, युवती ने कहा कि वह पीएससी की तैयारी कर रही है. इस पर आरोपी ने कहा कि पीएससी में मेरी पहचान है, मैं नौकरी लगवा दूंगा. उसके झांसे में आकर युवती ने किस्तों में 9 लाख पचास हजार रुपये आरोपी के खाते में जमा करा दिए.
इसके बाद से आरोपी ने युवती की न नौकरी लगवाई और न ही वह रुपये वापस करने के लिए तैयार था. तब परेशान होकर युवती ने 9 मार्च 2021 को इसकी रिपोर्ट गांधीनगर थाने में दर्ज कराई. मुखबिर की सूचना पर पुलिस ने 32 साल के आरोपी संतोष कुमार को उसके घर से गिरफ्तार कर लिया.
पुलिस ने आरोपी के खिलाफ धारा 420 के तहत कार्रवाई कर उसे जेल भेज दिया है. पूछताछ के दौरान आरोपी ने अपना जुर्म कबूल कर लिया. उसने ठगी की कुल रकम साढ़े 9 लाख रुपये में से आधी राशि से अपना कर्ज चुकाने की बात स्वीकार की है. पुलिस ने बाकी बची शेष रकम 4 लाख रुपये युवती को वापस कराने के लिए उसके बैंक खाते को होल्ड करा दिया है.
एडिशनल एसपी सुनील शर्मा का कहना है कि हमारे संज्ञान में मामला आया है. आरोपी ने पीड़िता से फेसबुक के जरिए दोस्ती कर 9 लाख रुपये की ठगी की. शिकायत मिलने पर आरोपी को गिरफ्तार कर लिया गया है. पुलिस मामले की जांच कर रही है. आरोपी के खाते में बचा शेष रकम को होल्ड करा दिया गया है जो जल्द ही छात्रा को वापस करा दिया जायेगा. शेष बची राशि के लिए छापेमारी जारी है.
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