
उत्तर पूर्वी दिल्ली की साइबर थाना पुलिस ने दो ऐसे शातिर ठगों को गिरफ्तार किया है. जो पुलिसकर्मी बनकर लोगों को डरा धमकार ठगी करते थे. यह गैंग बिहार के चंपारण से चलाया जा रहा था. बदमाश खुद को पुलिसकर्मी बताकर फोन करते और आपराधिक मामलों से बरी करने के नाम पर लोगों के साथ ठगी करते.
पकड़े गए आरोपियों के नाम मोहम्मद नसर और संतोष यादव है. संतोष यादव नॉटिकल विज्ञान में डिग्री हासिल कर चुका है और मर्चेंट नेवी में नौकरी की कोशिश में था. इसके अलावा संतोष यादव बिहार पुलिस के साथ कॉन्ट्रैक्ट बेसिस पर टेक्निकल सपोर्ट स्टाफ के तौर पर काम कर रहा था.
बदमाश पुलिसकर्मी बनकर करते थे ठगी
पुलिस ने बताया कि ऐसे कई गैंग सक्रिया हैं, जों खुद को पुलिस वाले बताकर सॉफ्टवेयर की मदद से किसी की आवाज बदलकर घर वालों को गुमराह कर पैसों की मांग करते हैं. यमुनानगर के रहने वाले लक्ष्मी चंद चावला ऐसे ही गिरोह के शिकार बन गए जो बिहार के मोतिहारी से चल रहा था.
दरअसल 24 अक्टूबर के दिन लक्ष्मी चंद के मोबाइल पर अचानक से एक शख्स व्हाट्सएप कॉल करता है. कॉल करने वाले ने खुद को पुलिस वाला बताया और कहा कि उनका पोता किडनैपिंग के एक मामले में पकड़ा गया है. जिसमें पहले से ही दो लोग गिरफ्त में है. खुद को पुलिस वाला बताने वाले शख्स ने लक्ष्मी चंद से पोते को छुड़वाने के लिए 70 हजार रुपये मांगे. लक्ष्मी चंद घबरा गए और उन्होंने तुरंत ही 50 हजार ट्रांसफर कर दिए.
बदमाशों लक्ष्मी चंद से 2 लाख रुपये मांगे
इसके तुरंत बाद लक्ष्मी चंद के फोन पर दोबारा कॉल आई और इस बार 2 लाख और मांगे गए. इसके बाद लक्ष्मी चंद को जब शक हुआ तो उन्होंने अपने बेटे को फोन कर पोते के बारे में पूछा तो पता चला कि उनका पोता तो घर पर बैठा है. तब लक्ष्मी चंद को समझ में आ गया कि उनके साथ ठगी हुई है और फिर उन्होंने उत्तर पूर्वी दिल्ली की साइबर थाना में शिकायत दर्ज कराई.
दिल्ली पुलिस ने एफआईआर दर्ज की और कॉल रिकॉर्ड और मनी ट्रेन के जरिए आरोपियों की तलाश शुरू किया. दिल्ली पुलिस को पता चला कि आरोपी बिहार के चंपारण में छिपे बैठे हैं. इसके बाद दिल्ली पुलिस ने लोकल पुलिस की मदद से चंपारण में रेड किया और आरोपी मोहम्मद नसर को गिरफ्तार कर उसके पास से 8 मोबाइल हैंडसेट, 18 सिम कार्ड, दो एटीएम कार्ड और 8 हजार हजार कैश बरामद किया.
पुलिस ने बिहार से दोनों आरोपियों को किया गिरफ्तार
आरोपी नजर से पूछताछ के बाद पुलिस ने संतोष यादव को भी गिरफ्तार किया और संतोष के पास से आठ मोबाइल हैंडसेट 10 सिम कार्ड चार एटीएम कार्ड और 5000 कैश के अलावा कुछ दस्तावेज भी बरामद किए.
पुलिस ने बताया कि लोगों को डराने के लिए इन बदमाशों ने अपने व्हाट्सएप डीपी में पुलिस की वर्दी में फोटो लगा रखी थी. इसके अलावा यह जब किसी को फोन करते तो उसे ज्यादा वक्त नहीं देते थे.
फोन पर डराकर ठगी करते थे बदमाश
उनकी कोशिश होती कि सामने वाला पहली बार में ही डर जाए और जितना हो सके यह रकम एक बार में ट्रांसफर करवाने की कोशिश करते. पुलिस के मुताबिक संतोष के खिलाफ ठगी के मामले दिल्ली और हरियाणा में पहले भी दर्ज हो चुके हैं.