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महाराष्ट्र: पेट्रोल पंप दिलाने के नाम पर 45 लाख की धोखाधड़ी, फर्जी कॉल सेंटर से ऐसे करते थे ठगी

मुंबई साइबर पुलिस बिहार जाकर तीन में से एक आरोपी को गिरफ्तार करने में सफल रही. आरोपी कॉल सेंटर के जरिये वे लोगों के साथ लाखों की धोखाधड़ी करते थे. ये लोग पेट्रोल पंप दिलवाने के नाम पर उनसे लाखों रुपये ऐंठ लेते थे. 

maharashtra crime. (प्रतीकात्मक फोटो) maharashtra crime. (प्रतीकात्मक फोटो)
aajtak.in
  • समता नगर ,
  • 15 जून 2021,
  • अपडेटेड 3:17 PM IST
  • बिहार के फर्जी कॉल सेंटर के जरिये मुंबई से वसूली
  • इंजीनियर के घर बरामद हुए दस्तावेज से हुआ खुलासा

मुंबई के समता नगर के उत्तर विभाग साइबर सेल ने बिहार से फर्जी कॉल सेंटर चलाने वाले आरोपी को गिरफ्तार किया है. आरोपी अपने इंजीनियर भाई और अपने दोस्त के साथ मिलकर फर्जी कॉल सेंटर चलाते थे. कॉल सेंटर के जरिये वे लोगों के साथ लाखों की धोखाधड़ी करते थे. यह लोग पेट्रोल पंप दिलवाने के नाम पर उनसे लाखों रुपये ऐंठ लेते थे. 

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मुंबई साइबर पुलिस बिहार जाकर तीन में से एक आरोपी को गिरफ्तार करने में सफल रही. उसके पास से अलग-अलग कंपनी के 7 मोबाइल फोन, सिमकार्ड, अलग-अलग बैंक के चेक बुक और पासबुक, 11 एटीएम कार्ड, पैनकार्ड के अलावा कॉल सेंटर से 3 लाख 8 हजार 200 रुपये बरामद किए गए हैं जबकि 3 लाख रुपये बैंक में फ्रीज कर दिए गए हैं.

समता नगर साइबर पुलिस ने बताया कि मुंबई के मलाड पश्चिम के चिंचोली बंदर में रहने वाले 29 साल के विनय किशोर नेली सरकारी पेट्रोल पंप लगवाना चाहते थे. इसके लिए उन्होने ऑनलाइन सर्च कर Petrolpumpdistributer.in.login नामक वेबसाइट पर गए. जहां रोहित गुप्ता नामक शख्स ने वेबसाइट पर पेट्रोल पंप के लिए एप्लीकेशन देने के लिए एक लिंक दिया. 

अप्लाई करने के बाद रोहित ने खुद उन्हें पासवर्ड और यूजर आईडी भी बनाकर दिया. ऑनलाइन एप्लीकेशन करने के बाद मुंबई में नए HPCL पेट्रोल पंप का लाइसेंस देने के अलावा इंश्योरेंस, जीएसटी आदी के नाम पर करीब 45 लाख 37 हजार 9 सौ 99 रुपये ऐंठ लिए.

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15 मई को जब रोहित ने विनय से और रुपये की मांग की तब उनको कुछ गड़बड़ होने का शक हुआ. खुद को ठगे जाने का शक होते ही विनय ने 14 मई 2021 को समता नगर साइबर सेल में शिकायत कर दी. पुलिस ने मामला दर्ज कर जांच शुरू कर दी. पुलिस ने दोनों के बीच हुई बातचीत का सीडीआर निकालकर लोकेशन पता किया तो पता चला आरोपी रोहित बिहार के शेखपुरा का रहने वाला है.

वरिष्ठ पुलिस निरीक्षक सरला वसावे, पीआई विनोद कनावजे, महिला पुलिस एपीआई अनुराधा पाटील के मार्गदर्शन में पीएसआई शेवाले, पुलिस नाइक सावंत, अहिरे गायकवाड़, पुलिस कांस्टेबल शिरालकर आरोपी की तलाश करते हुए बिहार के शेखपुरा पहुंचे. पुलिस ने 9 जून को आरोपी 20 साल के गौरव प्रसाद को गिरफ्तार कर कोर्ट में पेश किया. कोर्ट ने आरोपी को 17 जून तक पुलिस कस्टडी में रखने का आदेश दिया है.

जांच में आरोपी गौरव ने बताया कि उसका बड़ा भाई बलराम अपने दोस्त विकास के साथ मिलकर शेखपुरा में पिछले 5 सालों से फर्जी कॉल सेंटर चला रहा है. आरोपी का भाई बलराम बी-टेक इंजीनियर है. बलराम के ऊपर बिहार में चोरी सहित अन्य गुनाह दर्ज हैं. तीनों मिलकर ऑनलाइन फर्जी वेबसाइट के नाम पर लोगों को ठगने का काम करते थे.

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