
गुजरात के अहमदाबाद से धोखाधड़ी का बड़ा मामला सामने आया है, जहां टेलीग्राम के माध्यम से इन्वेस्टमेंट कराकर 2.46 करोड़ रुपये की ऑनलाइन धोखाधड़ी को अंजाम दिया गया. इस संबंध में अहमदाबाद साइबर क्राइम ब्रांच में शिकायत दर्ज करवाई गई. इसके बाद साइबर क्राइम ब्रांच ने दो आरोपियों को गिरफ़्तार कर लिया है. अब मामले की जांच की जा रही है.
अहमदाबाद की साइबर क्राइम ब्रांच ने इस मामले की तफ्तीश के दौरान पाया कि धोखाधड़ी का शिकार बनने वालों में गुजरात के अलावा अन्य राज्यों के भी 20 लोग शामिल हैं. इन सभी के साथ ऑनलाइन धोखाधड़ी होने की बात सामने आ रही है. इन सभी को होटल की रेटिंग बढ़ाने की बात कहकर, डायमंड पार्टनर बनाया जाता था, फिर उनके साथ ठगी की जाती थी.
27 जुलाई से 9 सितंबर के बीच टेलीग्राम के माध्यम से कई लोगों को चूना लगाया. आरोपी टेलीग्राम के माध्यम से Make My Trip पर होटल का रेटिंग बढ़ाने की बात कहकर 500 से 1500 रुपये तक देता था. जिसके बाद अलग-अलग ट्रांज़ेक्शन के माध्यम से मेम्बरशीप दिलाकर, डायमंड पैकेज के नाम पर लाखों रुपये का लालच दिया जाता था.
इसी तरह से उसने 2.46 करोड़ रुपये का इन्वेस्टमेंट करवाकर बड़ा फ़्रॉड कर दिया. अहमदाबाद साइबर क्राइम ब्रांच ने जब इस मामले में जांच की तब अहमदाबाद में रहने वाला ऋतुल कानाबार और सूरत के कामरेज में रहने वाले निकुंज उर्फे दिव्येश खेमानी को गिरफ़्तार किया गया. ये दोनों बेहद शातिर ठग हैं. जिन्होंने 20 से ज्यादा लोगों को चूना लगाया है.
साइबर क्राइम ब्रांच के ACP जितेंद्र यादव ने बताया कि आरोपी ऋतुल ने 2.46 करोड़ रुपये सक्षम ट्रेडिंग के अकाउंट में ट्रांसफ़र करवाए थे. इसी तरह अलग अलग अकाउंट की जानकारी निकुंज उर्फे दिव्येश खेमानी ने उपलब्ध करवाई थी. फ़िलहाल जिस अकाउंट की जांच चल रही है, उसमें 2.46 करोड़ की धोखाधड़ी समेत अन्य 20 और केस डिटेक्ट हो रहे है. जिसमें बिहार, राजस्थान, दिल्ली, महाराष्ट्र, तेलंगाना, आंध्र प्रदेश के लोग शिकार हुए है.
अहमदाबाद साइबर क्राइम ब्रांच ने उन्हें फ़्रॉड होने के बारें में जानकारी भी पहुंचाई है. इस मामले में अभी और 4 आरोपी फरार हैं. टेलीग्राम के माध्यम से होटल का रेटिंग बढ़ाने का कहकर अलग-अलग पैकेज में शामिल करने का लालच देकर धोखाधड़ी करने का ये रैकेट पिछले डेढ़ साल से चलाया जा रहा था.