
देश में साइबर क्राइम के मामले लगातार बढ़ रहे हैं. नई तकनीक के साथ साइबर लुटेरे भी स्मार्ट हो चुके हैं. अब वो जमाना लद गया जब लुटेरे हाथों में हथियार लिए लोगों के घरों पर धावा बोलकर लूटा करते थे. अब तो अपने घरों कमरों में बैठकर एक मोबाइल या लैपटॉप से लाखों-करोड़ों का चूना लगा देते हैं. इसके लिए तरह-तरह के हथकंडों का इस्तेमाल करते हैं. देश भर में लोगों से ठगी करने के आरोप में दो ठगों को गुरुग्राम पुलिस ने गिरफ्तार किया है.
गुरुग्राम पुलिस के मुताबिक, गिरफ्तार किए गए दोनों साइबर ठग लोगों से 6 करोड़ रुपए से ज्यादा की ठगी कर चुके हैं. उनके खिलाफ देश भर में कुल 2026 शिकायतें दर्ज हैं. इन आरोपियों की पहचान हरुन और वंश मल्होत्रा के रूप में हुई है. उनसे बरामद किए गए मोबाइल फोन और सिम कार्ड्स का इंडियन साइबर क्राइम कोर्डिनेट सेंटर से डाटा अवलोकन कराने पर पता चला कि पूरे देश भर में उन्होंने लोगों से 6 करोड़ 24 लाख रुपए की ठगी की है.
गुरुग्राम डीसीपी सिद्धांत जैन ने बताया कि इन दोनों आरोपियों के खिलाफ देश के अलग-अलग राज्यों में 2026 शिकायत दर्ज कराई गई हैं. इनमें 6 मामले हरियाणा में दर्ज हैं, जबकि 2 गुरुग्राम के साइबर थाने में दर्ज कराए गए हैं. पुलिस की जांच में सामने आया है कि आरोपी ऑनलाइन शराब डिलीवरी के बहाने लोगों से पैसे ठगते थे. इसके लिए सोशल मीडिया के जरिए अपनी प्रचार भी किया करते थे. उनके पास से 1 मोबाइल फोन, 2 सिम कार्ड और 1700 रुपए बरामद हुए हैं.
तेजी से बढ़ रहा है साइबर क्राइम, 2023 में दर्ज हुए 11.28 लाख केस
संसद में पेश की गई एक रिपोर्ट में कहा गया है कि उत्तर प्रदेश में सबसे ज्यादा साइबर अपराधों को अंजाम दिया जा रहा है. देश में होने वाले कुल साइबर अपराधों में आधे से ज्यादा केवल 5 राज्यों में हो रहे हैं. इस रोकने के तमाम उपाय नाकाफी नजर आ रहे हैं. डिजिटल युग में साइबर अपराध लोगों के साथ ही पॉलिसी मेकर्स के लिए एक बड़ी चुनौती बन गया है. देश में साइबर अपराधी आम से लेकर खास लोगों तक को अपना शिकार बना रहे हैं.
केंद्रीय गृह राज्यमंत्री अजय कुमार मिश्रा द्वारा पेश की गई रिपोर्ट के मुताबिक 2022-23 में उत्तर प्रदेश में सबसे ज्यादा साइबर क्राइम हुए हैं. इस दौरान यूपी में 2 लाख लोगों के साथ साइबर फ्रॉड हुआ है. ठगों ने यूपी में 721.1 करोड़ रुपयों की ठगी की है. इसके बाद महाराष्ट्र और फिर गुजरात में सबसे ज्यादा केस हुए हैं. यूपी में साइबर क्राइम से निपटने के लिए 16 जिलों में साइबर थाने संचालित हो रहे हैं. इसकी रोकथाम के लिए सीनियर अधिकारियों को लगाया गया है.
आधुनिक तकनीक का इस्तेमाल करके साइबर ठगों पर रोक लगाने की कोशिश की जा रही है. यदि कारोबारी साल 2022-23 की बात करें तो 11.28 लाख मामले देश भर में सामने आए. इसमें आधे तो केवल पांच राज्यों में ही दर्ज किए गए हैं. इनमें यूपी में 2 लाख केस दर्ज हुए. दूसरे नंबर पर महाराष्ट्र में 1 लाख 30 हजार केस, तीसरे नंबर पर गुजरात में 1 लाख 20 हजार केस, चौथे और पांचवे नंबर पर राजस्थान और हरियाणा में 80-80 हजार केस दर्ज किए गए थे.
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CBI अफसर बन फरीदाबाद की महिला को किया डिजिटल अरेस्ट
आर्टिफिशियल इंटेलिजेंस आने के बाद से देश भर में साइबर ठगी की वारदातों में लगातार बढ़ोतरी देखी जा रही है. ऐसा ही एक मामला फरीदाबाद में सामने आया है. यहां साइबर ठगों ने एक बुजुर्ग महिला को फोन करके 7 घंटे तक डिजिटल अरेस्ट किया. फोन काटने पर उसके बेटे के हाथ-पैर काटने की धमकी देते रहे. यही नहीं साइबर ठगों ने महिला से चार लाख रुपए से ज्यादा की रकम ऑनलाइन ट्रांसफर भी करा ली. पीड़ित महिला की शिकायत पर फरीदाबाद पुलिस ने केस दर्ज करके मामले की जांच शुरू कर दी है.
साइबर ठगी के प्रति पुलिस लगातार लोगों से जागरूक रहने की अपील कर रही है. लेकिन साइबर ठग इतने शातिर हैं कि अपने मकसद में लगातार कामयाब हो रहे हैं और जब तक कोई उनकी इस कलाकारी को समझ पाता है, तब तक वो लाखों रुपए से हाथ धो बैठता है. फरीदाबाद के बल्लभगढ़ के आदर्श नगर की रहने वाली कुसुम कौशिक के साथ भी कुछ ऐसा ही हुआ. उनका बेटा शुभम कौशिक दिल्ली यूनिवर्सिटी में साइंटिस्ट है. बीते दिन उनको एक कॉल आई. कॉलर ने कहा कि उनका बेटा रेप केस में पकड़ा गया है.
कॉलर ने आगे कहा कि यदि वो उसे बचाना चाहती हैं तो जैसा कहा जा रहा है, वैसा करें, वरना उनके बेटे को जेल भेज दिया जाएगा. कुसुम को कॉलर की बात पर यकीन हो जाए, इसलिए उन्हें उनके बेटे की आवाज सुनाई गई. आर्टिफिशियल इंटेलिजेंस की मदद हूबहू उनके बेटे जैसी आवाज सुनाई गई. इसके बाद कॉलर ने खुद को सीबीआई अधिकारी बताया और धमकी दी कि यदि उन्होंने उनका फोन काटा तो वो उनके बेटे के हाथ पैर काट देंगे. करीब सात घंटे तक साइबर ठगों का ड्रामा चलता रहा.
इस दौरान साइबर ठगों ने कुसुम कौशिक को मजबूर करके 14 अलग-अलग खातों में उनसे चार लाख रुपए ऑनलाइन ट्रांसफर करा लिए. उस वक्त महिला के पास पैसे नहीं थे. ऐसी स्थिति में उन्होंने अपने रिश्तेदारों, पड़ोसियों और दोस्तों तक से पैसे मांग कर उन्हें दे दिए. हद तो उसे वक्त हो गई जब महिला का बेटा शाम को अपने काम से घर लौटा तब भी साइबर ठग है उससे पैसे की मांग कर रहे थे. शुभम के आने के बाद मां ने पूरी बात बताई, तो उन्होंने कहा कि उनके साथ तो ऐसा कुछ हुआ नहीं था.
इसके बाद मां-बेटे को एहसास हुआ कि उनके साथ ठगी हो गई है. इसके बाद कुसुम और शुभम फरीदाबाद के साइबर थाने गए. वहां उनकी शिकायत के आधार पर पुलिस ने साइबर फ्रॉड का केस दर्ज कर लिया है. पुलिस इस मामले की जांच कर रही है. थाना साइबर प्रभारी जितेंद्र कुमार ने कहा कि लोगों को साइबर फ्रॉड के प्रति लगातार आगाह किया जा रहा है. साइबर ठगी होने के बाज इसकी सूचना तुरंत 1930 पर देनी चाहिए. यहीं से ऑनलाइन पूरी जानकारी संबंधित थाने में आ जाती है, जिससे कार्रवाही आसान हो जाती है.