मध्य प्रदेश के बैतूल में एक अजीब मामला सामने आया जहां युवक ट्रेन से तो बैतूल में कटा लेकिन उसका सिर 1300 किमी दूर जाकर बेंगलुरु में मिला. इस हैरतअंगेज मामले की जांच बैतूल और बेंगलुरु जीआरपी पुलिस कर रही है. (बैैैतूूल से राजेश भाटिया की रिपोर्ट)
जीआरपी थाना प्रभारी प्रमोद पाटिल ने बताया कि माचना पुल के पास एक युवक 3 अक्टूबर को राजधानी एक्सप्रेस की चपेट में आकर कट गया था जिसमें युवक का शरीर क्षत-विक्षत होकर होकर दूर-दूर तक फैल गया था. लेकिन उस समय युवक का सिर नहीं मिला था जिसकी वजह से मृतक की पहचान नहीं हो पा रही थी.
हालांकि बाद में परिजनों ने युवक के कपड़ों और उसकी छाती पर बने एक निशान से उसकी शिनाख्त रवि पिता रमेश मरकाम के रूप में कर ली थी लेकिन उसका सिर न मिलने से सभी परेशान थे.
बाद में बेंगलुरू में ट्रेन की सफाई के दौरान युवक का सिर इंजन के पिछले हिस्से में फंसा पाया गया जिसके बाद जीआरपी के एसआरपी कार्यालय ने ट्रेन से इस रूट पर कहां-कहां दुर्घटना हुई, इसका ब्यौरा इकट्ठा किया जिसमें बैतूल में दुर्घटना होने की जानकारी सामने आई.
इसके बाद 12 अक्टूबर को जीआरपी बैंगलोर की टीम युवक के सिर का फ़ोटो लेकर यहां पहुंंची जिसे परिजनों को दिखाने के बाद इस बात की पुष्टि हुई कि सिर रवि का है. इधर परिवार की आर्थिक स्थिति कमजोर होने के चलते उन्होंने सिर लेने से इनकार कर दिया. अब जीआरपी द्वारा ही युवक का सिर बेंगलुरु में दफन किया जाएगा.