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बंगाल बम ब्लास्ट केस: NIA कोर्ट में 2 आरोपी दोषी करार, 10 साल की सजा का ऐलान

पश्चिम बंगाल में साल 2021 में हुए जग्गादल बम ब्लास्ट केस में शामिल दो लोगों को 10 साल के सश्रम कारावास की सजा सुनाई गई है. कोलकाता की एक विशेष एनआईए अदालत ने चांद उर्फ ​​आरिफ अख्तर और राहुल पासी पर 5 हजार रुपए का जुर्माना भी लगाया है.

जग्गादल बम ब्लास्ट केस में शामिल दो लोगों को 10 साल के सश्रम कारावास की सजा. जग्गादल बम ब्लास्ट केस में शामिल दो लोगों को 10 साल के सश्रम कारावास की सजा.
aajtak.in
  • कोलकाता,
  • 16 फरवरी 2025,
  • अपडेटेड 5:25 PM IST

पश्चिम बंगाल में साल 2021 में हुए जग्गादल बम ब्लास्ट केस में शामिल दो लोगों को 10 साल के सश्रम कारावास की सजा सुनाई गई है. कोलकाता की एक विशेष एनआईए अदालत ने चांद उर्फ ​​आरिफ अख्तर और राहुल पासी पर 5 हजार रुपए का जुर्माना भी लगाया है. इन तीनों को वारदात के तुरंत बाद गिरफ्तार कर लिया गया था. इन्होंने 8 सितंबर, 2021 को उत्तर 24 परगना जिले के जग्गादल में पूर्व सांसद अर्जुन सिंह के कार्यालय के गेट पर तीन बम फेंके थे.

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एनआईए के मुताबिक, बम ब्लास्ट की घटना के बाद आरिफ अख्तर और नाबालिग लड़के को स्थानीय पुलिस ने गिरफ्तार कर लिया था. इसके छह दिन बाद 14 सितंबर, 2021 को एनआईए ने राहुल पासी को गिरफ्तार किया था. राष्ट्रीय जांच एजेंसी ने दिसंबर 2021 में आरोपियों के खिलाफ आरोप पत्र दाखिल किया था. इसके बाद एनआईए की विशेष अदालत ने शनिवार को पासी और अख्तर को दोषी करार देते हुए सजा सुनाई, जबकि नाबालिग माता-पिता की हिरासत में है.

एक अन्य मामले में एनआईए अदालत ने शनिवार को पश्चिम बंगाल के 2019 लोकेपुर बम ब्लास्ट केस में एक व्यक्ति को दोषी ठहराया और उसे 10 साल के कठोर कारावास की सजा सुनाई. जून 2022 में अदालत के समक्ष आत्मसमर्पण करने वाले बबलू मंडल पर 10 हजार रुपए का जुर्माना भी लगाया गया है. उसके घर में हुए विस्फोट के बाद लोकेपुर पुलिस ने उसके दो बेटों निरंजन मंडल और मृत्युंजय मंडल को गिरफ्तार किया था. दोनों जमानत मिलने के बाद फरार हो गए.

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इसके बाद बबलू मंडल ने अदालत में आत्मसमर्पण कर दिया था. एनआईए के अधिकारी ने बताया कि जांच दौरान पता चला कि आरोपियों के घर का इस्तेमाल देसी बम बनाने और उसे स्टोर करने के लिए किया जाता था. इस केस को एनआईए ने सितंबर 2020 में अपने हाथ में लिया था. इसके बाद केस की जांच की थी. 5 सितंबर, 2022 को राष्ट्रीय जांच एजेंसी ने तीनों आरोपियों के खिलाफ आरोपपत्र दाखिल किया था. इसके तीन साल बाद अदालत ने अपना फैसला सुनाया है.

बताते चलें कि साल 2022 में भूपतिनगर में हुए बम विस्फोट के मामले में एनआईए को बड़ी कामयाबी मिल चुकी है. इस बम विस्फोट में तीन लोगों की जान चली गई थी. इस केस की जांच कर रही एनआईए 2 फरवरी को एक आरोपी को गिरफ्तारी किया था. उसकी पहचान पूर्वी मेदिनीपुर जिले के भूपतिनगर के रहने वाले पचानन घोराई के रूप में हुई थी. जांच एजेंसी लगातार पचानन घोराई की तलाश कर रही थी. उसके खिलाफ गैर जमानती वारंट जारी किया गया था. 

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