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मुंबई: मामूली कहासुनी पर पत्नी को घोंप दिया था चाकू, 8 साल की सजा

मुंबई की एक अदालत ने मामूली कहासुनी पर अपनी पत्नी को चाकू मारने वाले शख्स को आठ साल जेल की सजा सुनाई है. मुंबई के एक कोर्ट ने पत्नी को अधमरा करने वाले आरोपी को ठहराया दोषी.

पत्नी के पेट में घोंप दिया था चाकू, कोर्ट ने सुनाई सजा (फाइल फोटो) पत्नी के पेट में घोंप दिया था चाकू, कोर्ट ने सुनाई सजा (फाइल फोटो)
विद्या
  • मुंबई,
  • 05 फरवरी 2021,
  • अपडेटेड 7:36 PM IST
  • पत्नी को चाकू मारने वाले को सजा
  • मामूली बात पर पत्नी को मारा था चाकू
  • लंबे इलाज के बाद पत्नी की बची जान

मुंबई की एक अदालत ने मामूली कहासुनी पर अपनी पत्नी को चाकू मारने वाले शख्स को आठ साल जेल की सजा सुनाई है. असल में, एनटॉप हिल में रहने वाला सचिन मेलोर शराब के नशे में 9 सितंबर 2017 को अपने घर पहुंचा था. उस दौरान उसकी पत्नी रंजना दही खा रही थी, जिसे वह अपने मां के यहां से लाई थी.

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रंजना ने अपने बयान के दौरान अदालत को बताया कि सचिन ने इस पर आपत्ति की और सख्त लहजे में बोलने लगा. सचिन ने कमेंट किया, 'लगता है बिल्ली दही खा रही है.' इस पर रंजना ने बोला कि सचिन उसे बिल्ली क्यों बोल रहा है और इसी बात पर कहासुनी होने लगी.

इस पर सचिन ने रंजना के चेहरे पर लात मारी और बेहरमी से पीटने लगा. जब रंजना ने कहा कि वह उसे क्यों पीट रहा था तो सचिन और भड़क उठा और उसने उसे दबोच लिया और उसके पास पड़ा चाकू उठाकर पेट में घोंप दिया.

इससे रंजना खून से लथपथ हो गई और मदद की गुहार लगाई. इसी दौरान मकान मालिक के दमाद ने रंजना की चीख सुनी और मदद के लिए दौड़ा हुआ आया. इसके बाद सचिन भाग गया. रंजना की बहन भी समीप में ही रहती थी जिसे बुलाया गया और दोनों ने मिलकर रंजना को सियॉन अस्पताल में भर्ती कराया. रंजना करीब एक महीने अस्पताल में रही जबकि कुछ दिन बाद ही पुलिस ने सचिन को गिरफ्तार कर लिया. 

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सचिन के वकीलों ने अदालत को यह बताने की कोशिश की कि रंजना जोधपुर में थी, वह गलती से गिर गई थी. लेकिन अदालत ने इस दलील को नहीं माना. कोर्ट ने कहा कि मेडिकल साक्ष्य इस बात की गवाही देते हैं कि महिला को चाकू मारा गया था. चश्मदीदों ने पीड़ित को अस्पताल में भर्ती कराया था. इसमें गलत तरीके से किसी को फंसाने का कोई कारण नजर नहीं आता है. दोहरी जांच-पड़ताल के दौरान ऐसी कोई चीज नहीं मिली, जिससे चश्मदीदों पर संदेह किया जाए.

मुकदमे के दौरान अदालत ने सचिन को जमानत देने से इनकार कर दिया था. सजा सुनाते समय कोर्ट ने कहा कि आरोपी के खिलाफ साबित किया गया अपराध गंभीर है. पीड़ित की पीड़ा को नजरअंदाज नहीं किया जा सकता है. आरोपी ने अपनी ही पत्नी को पीट-पीटकर अधमरा कर दिया था.

 

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