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ABG shipyard Explainer: देश के सबसे बड़े बैंकिंग फ्रॉड की जानिए पूरी कहानी, 28 बैंक कैसे हो गए शिकार?

ABG Shipyard Bank Fraud: देश के इतिहास की सबसे बड़ी बैंक धोखाधड़ी सामने आई है. इस मामले में CBI ने ABG Shipyard Limited पर केस दर्ज किया है. कंपनी पर 28 बैंकों से 22,842 करोड़ रुपये की धोखाधड़ी करने का आरोप है.

एबीजी शिपयार्ड लिमिटेड पर देश का सबसे बड़ा बैंक घोटाला करने का आरोप है. (फाइल फोटो) एबीजी शिपयार्ड लिमिटेड पर देश का सबसे बड़ा बैंक घोटाला करने का आरोप है. (फाइल फोटो)
aajtak.in
  • नई दिल्ली,
  • 14 फरवरी 2022,
  • अपडेटेड 2:19 PM IST
  • जनवरी 2019 में बैंक फ्रॉड की जानकारी मिली
  • नवंबर 2019 में SBI ने CBI में पहली शिकायत की
  • अगस्त 2020 में SBI ने CBI में दोबारा शिकायत की
  • 7 फरवरी 2022 को CBI ने मामले में FIR दर्ज की

ABG Shipyard Bank Fraud: देश में एक बार फिर से बैंक फ्रॉड का मामला सामने आया है. ये धोखाधड़ी 22 हजार 842 करोड़ रुपये की है. इसे देश का सबसे बड़ा बैंकिंग फ्रॉड भी कहा जा रहा है. देश के सबसे बड़े सरकारी बैंक स्टेट बैंक ऑफ इंडिया (SBI) ने इसकी शिकायत CBI से की थी. इसके आधार पर 7 फरवरी 2022 को CBI ने FIR दर्ज की है. 

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इस धोखाधड़ी का आरोप ABG Shipyard Limited पर लगा है. CBI ने इस मामले में एबीजी शिपयार्ड लिमिटेड के अध्यक्ष ऋषि कमलेश अग्रवाल (Rishi Kamlesh Agarwal), मैनेजिंग डायरेक्टर संथान मुथास्वामी और तीन डायरेक्टर अश्विनी कुमार, सुशील कुमार अग्रवाल और रवि विमन नेवेतिया को आरोपी बनाया है. 

सभी आरोपियों के खिलाफ CBI ने आपराधिक साजिश, धोखाधड़ी और आपराधिक विश्वासघात के केस दर्ज किए हैं. 1985 में शुरू हुई एबाीजी शिपयार्ड जहाज बनाने और मरम्मत का काम करती है.

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क्या है इस धोखाधड़ी की कहानी

- जनवरी 2019 में फोरेंसिक ऑडिट रिपोर्ट पर चर्चा हुई. इसमें एबीजी शिपयार्ड को लोन देने वाले बैंक शामिल हुए. इसी बैठक में इसे बैंक फ्रॉड करार दिया गया. 

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- इस बैठक में सामने आया कि एबीजी शिपयार्ड ने अप्रैल 2012 से जुलाई 2017 के बीच अलग-अलग 28 बैंकों से कारोबार के नाम पर 22,842 करोड़ रुपये का कर्ज लिया.

- आरोप है कि कंपनी ने लोन से मिली रकम का गलत इस्तेमाल किया. एबीजी शिपयार्ड ने कारोबार के नाम पर लिए लोन से संपत्ति बनाई और दूसरे काम में इस्तेमाल किया.

- 8 नवंबर 2019 को SBI ने CBI में पहली बार शिकायत दर्ज कराई. 12 मार्च 2020 को CBI ने कुछ मुद्दों पर सफाई मांगी. 25 अगस्त 2020 को SBI ने CBI में दोबारा शिकायत दर्ज कराई.

- SBI से शिकायत मिलने के करीब तीन साल बाद CBI ने केस दर्ज किया. CBI ने 7 फरवरी 2022 को इस मामले में FIR दर्ज की.

किस बैंक की कितनी रकम बकाया?

एबीजी शिपयार्ड लिमिटेड पर 28 बैंकों से करीब 23 हजार करोड़ रुपये की धोखाधड़ी करने का आरोप है. इसमें 7 हजार 89 करोड़ रुपये ICICI बैंक, 3 हजार 634 करोड़ IDBI, 2 हजार 925 करोड़ SBI, 1 हजार 614 करोड़ बैंक ऑफ बड़ौदा, 1 हजार 244 करोड़ PNB और 1 हजार 228 करोड़ इंडियन ओवरसीज के बकाया हैं. यानी, इन 6 बैंकों के ही 17 हजार 734 करोड़ रुपये बकाया है. इनके अलावा 22 और बैंकों के 5 हजार 108 करोड़ रुपये बकाया है.

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क्यों इसे सबसे बड़ा फ्रॉड कहा जा रहा है?

- एबीजी शिपयार्ड : देश का सबसे बड़ा बैंक फ्रॉड कहा जा रहा है. इसमें 28 बैंकों से 22 हजार 842 करोड़ रुपये की धोखाधड़ी करने का आरोप है. 

- नीरव मोदी : जनवरी 2018 में नीरव मोदी (Nirav Modi) का मामला सामने आया था. उसमें पंजाब नेशनल बैंक (PNB) से 13 हजार 570 करोड़ रुपये की धोखाधड़ी का केस कर्ज किया गया था.

- विजय माल्या : जुलाई 2015 में कारोबारी विजय माल्या (Vijay Mallya) का मामला सामने आया था. ये घोटाला 9 हजार करोड़ रुपये की धोखाधड़ी से जुड़ा था. इसमें 17 बैंकों से धोखाधड़ी हुई थी.

कांग्रेस ने उठाए सरकार पर सवाल

- बैंक घोटाला सामने आने के बाद सियासत भी तेज हो गई. एबीजी शिपयार्ड के चेयरमैन ऋषि कमलेश अग्रवाल सूरत के रहने वाले हैं. इसलिए उन्हें प्रधानमंत्री मोदी का करीबी भी बताया जा रहा है और सरकार पर सवाल उठाए जा रहे हैं.

- कांग्रेस प्रवक्ता रणदीप सिंह सुरजेवाला (Randeep Singh Surjewala) ने कहा कि ये जनता के पैसों की चोरी थी लेकिन CBI, SBI और मोदी सरकार ने इसे उलझा दिया. सिर्फ फाइलें इधर से उधर होती रहीं. उन्होंने आरोप लगाया कि जब 2019 में कंपनी का खाता फ्रॉड घोषित हो चुका था तो उसके खिलाफ FIR क्यों नहीं हुई.

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