
एनसीपी नेता बाबा सिद्दीकी हत्याकांड में सुनवाई कर रही एक विशेष अदालत ने सोमवार को 13 गिरफ्तार आरोपियों को 16 दिसंबर तक पुलिस हिरासत में भेज दिया. इस हाई प्रोफाइल मर्डर केस की जांच कर रही मुंबई क्राइम ब्रांच ने अब तक 26 लोगों को गिरफ्तार किया है. इनमें मुख्य शूटर शिवकुमार गौतम का नाम भी शामिल है. मुख्य शूटर सहित 8 आरोपियों को शनिवार को न्यायिक हिरासत में भेजा गया था.
मुंबई क्राइम ब्रांच ने 30 नवंबर को सभी 26 आरोपियों के खिलाफ महाराष्ट्र संगठित अपराध नियंत्रण अधिनियम (मकोका) के कड़े प्रावधान लागू किए. 26 आरोपियों में से 13 को मकोका कोर्ट में पेश किया गया, जिसने उन्हें 16 दिसंबर तक पुलिस हिरासत में भेज दिया. पुलिस ने हिरासत की मांग करते हुए कहा कि अपराध से जुड़े वित्तीय पहलुओं की जांच की जरूरत है. इसलिए आरोपियों से पूछताछ की जाएगी.
एक पुलिस अधिकारी ने बताया था कि इस हत्याकांड में मकोका के तहत कठोर धाराएं लगाई गई हैं. यह ध्यान रखना महत्वपूर्ण है कि मकोका के तहत पुलिस के समक्ष दिए गए बयान अदालत में सबूत के तौर पर स्वीकार्य हैं. मकोका के तहत किसी आरोपी के लिए जमानत लेना भी मुश्किल होता है. इस मामले तीन आरोपी शुभम रामेश्वर लोनकर, जीशान मोहम्मद अख्तर और अनमोल बिश्नोई वांछित आरोपी हैं.
गैंगस्टर अनमोल बिश्नोई को अमेरिका में गिरफ्तार किया गया है. भारतीय एजेंसियों उसके प्रत्यर्पण की कोशिश कर रही है. अनमोल ने जीशान अख्तर के जरिए इस हत्याकांड को अंजाम दिया है. बाबा सिद्दीकी को मुंबई के बांद्रा ईस्ट में उनके बेटे जीशान के दफ्तर के बाहर 3 हमलावरों ने हत्या कर दी. इसके बाद दो शूटरों धर्मराज कश्यप और गुरमसिंह को क्राइम सीन से ही पुलिस ने गिरफ्तार कर लिया था.
मुख्य शूटर शिव कुमार गौतम (20) भागने में कामयाब रहा था. उसे यूपी एसटीएफ और मुंबई क्राइम ब्रांच की संयुक्त टीम ने बहराइच जिले के नानपारा से गिरफ्तार किया था. मुख्य शूटर शिव कुमार ने पुलिस हिरासत में कई बड़े खुलासे किए हैं. उसने बताया कि वो और धर्मराज कश्यप एक ही गांव के रहने वाले हैं. वो पुणे में स्क्रैप का काम करता था. शुभम लोनकर और उसकी दुकान आसपास थी.
शुभम लॉरेंस बिश्नोई के लिए काम करता है. उसने स्नैप चैट के जरिए अनमोल से बात कराई थी. अनमोल ने बाबा सिद्दीकी की हत्या के लिए उसे 10 लाख के साथ हर महीने पैसे देने का वादा किया. हत्या के लिए हथियार, मोबाइल और सिम शुभम लोनकर और यासीन अख्तर ने दिया था. तीनों शूटरों को नए सिम और मोबाइल भी दिए गए थे. इन्होंने कई दिनों तक रेकी के बाद वारदात को अंजाम दिया था.