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चाहे बसपा हो, कांग्रेस हो या भाजपा, मुख्तार अंसारी से हर पार्टी के नेता को लगता है डर!

पंजाब की रोपड़ में बंद मुख्तार अंसारी को जब यूपी लाए जाने की कवायद शुरू हुई, तो जेल में बंद बसपा के सांसद अतुल राय ने अंसारी को नैनी जेल में न रखने की गुहार लगाई थी, क्योंकि नैनी जेल में वो खुद कैद हैं. इसी तरह भाजपा विधायक और कांग्रेस के पूर्व विधायक को भी मुख्तार अंसारी से खतरा महसूस होता है.

मुख्तार अंसारी (फाइल फोटो) मुख्तार अंसारी (फाइल फोटो)
संतोष शर्मा
  • बांदा,
  • 07 अप्रैल 2021,
  • अपडेटेड 2:41 PM IST
  • यूपी की बांदा जेल में रहेगा मुख्तार अंसारी
  • पूर्व विधायक अजय राय ने सुरक्षा बढ़ाने की गुहार लगाई थी
  • भाजपा विधायक अल्का राय ने भी जताया खतरा

कहावत है कि आम आदमी की दुनिया और अपराधी की दुनिया का गणित अलग होता है. आम आदमी के लिए जेल का मतलब सजा घर होता है, लेकिन जुर्म की दुनिया में जेल का मतलब किसी के लिए साजिश, किसी के लिए मुसीबत और किसी के लिए खौफ का सबब. तभी तो मुख्तार अंसारी के बांदा जेल आने की कवायद शुरू हुई, तो तमाम लोगों को जान का खतरा महसूस होने लगा. वो फिर चाहे जेल में बंद सांसद हो, पूर्व सांसद हो या फिर खुली हवा में सांस लेने वाले नेता. हर दल के नेता को मऊ विधायक मुख्तार अंसारी से डर लगता है.

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कौन कहता है कि अपने को अपने से डर नहीं लगता. मुख्तार अंसारी के लिए तो यह कहावत बिल्कुल नहीं है. मुख्तार अंसारी खुद जिस पार्टी से विधायक हैं, उसी पार्टी के सांसद को उससे खतरा महसूस होता है. मुख्तार अंसारी मऊ की सदर सीट से बसपा के विधायक हैं, उसी बसपा के सांसद अतुल राय को उससे खतरा है. जब मुख्तार अंसारी को यूपी लाने की कवायद चल रही थी, तब नैनी जेल में बंद अतुल राय ने सरकार से गुहार लगाई कि अंसारी को नैनी जेल में ना रखा जाए, क्योंकि इससे उनको जान का खतरा है. ये अलग बात है की यही अतुल राय कभी मुख्तार अंसारी के ही गुर्गा हुआ करते थे.

कुछ ऐसा ही खतरा कांग्रेस के पूर्व विधायक अजय राय को भी है. अजय राय भी मुख्तार अंसारी की यूपी वापसी पर जान का खतरा बताते हुए सुरक्षा बढ़ाए जाने, असलहे का लाइसेंस देने की गुहार लगा चुके हैं. पूर्व विधायक कृष्णानंद राय की पत्नी और गाजीपुर की मोहम्मदाबाद सीट से बीजेपी विधायक अल्का राय तो साफ तौर पर अपने पति की हत्या का आरोप मुख्तार अंसारी पर लगाती हैं, इसलिए वो भी मुख्तार अंसारी से खतरा महसूस करती हैं.

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यानी पार्टी बसपा हो, कांग्रेस हो या फिर सत्ताधारी भाजपा. मुख्तार अंसारी से खौफ सभी दल के नेता खाते हैं. मुख्तार अंसारी के रोपड़ जेल से वापसी के बाद उसे बांदा जेल की बैरक नंबर 16 में कैद किया गया है, लेकिन विरोधियों के दिल में उसका खौफ जमाने से कैद है.

 

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