
बैंक ऑफ महाराष्ट्र घोटाले मामले में स्पेशल कोर्ट ने बड़ा फैसला सुनाते हुए 10 आरोपियों पर आरोप तय कर दिए हैं. इनमें पांच आरोपियों को तो 7 साल की कठोर सजा सुनाई गई है, वहीं चार आरोपियों को तीन साल की सजा दी गई है. एक आरोपी को 1 साल जेल सजा हुई है. इन सभी आरोपियों पर अलग-अलग जुर्माना भी लगाया गया है.
जानकारी के लिए बता दें कि साल 2013 में सीबीआई ने एक मामला दर्ज किया था. तब आरोप लगा था कि बैंक ऑफ महाराष्ट्र के तब के सीनियर मैनेजर ने लोन देते समय बड़ी हेरा फेरी की थी. उनकी तरफ से निजी कंपनियों को 5 करोड़ रुपये तक की वर्किंग कैपिटल दी गई थी. लेकिन बड़ी बात ये रही कि उस पैसे का इस्तेमाल उस काम में हुआ ही नहीं जिसके लिए कर्ज लिया गया था. बल्कि उन फंड्स को फर्जी डॉक्यूमेंट्स के जरिए डायवर्ट कर दिया गया. जब तफ्तीश से जांच की गई तो पता चला कि बैंक ऑफ महाराष्ट्र को कुल 4,57,86,355 रुपये का चूना लगा था.
इस मामले में सारथ बाबू जैली, सुहार कल्याण, दोनिकेना श्रीहर, मारेला श्रीनिवास रेड्डी को सात साल की जेल सजा सुनाई गई है. वहीं वेमपत्ति श्रीनिवास को तीन साल की सजा का ऐलान हुआ है. पांच आरोपियों को सात साल की सजा के साथ 1 लाख रुपये का जुर्माना भी भरना पड़ेगा, वहीं चार आरोपियों को 20 हजार रुपये बतौर जुर्माना भरना पड़ेगा.