
महाराष्ट्र के बीड जिले में सरपंच संतोष देशमुख हत्याकांड में शामिल दो फरार आरोपियों समेत तीन लोगों को पुणे और कल्याण से गिरफ्तार किया गया है. दो वांछित आरोपियों सुदर्शन चंद्रभान घुले (26) और सुधीर सांगले (23) को पुणे से पकड़ा गया, जबकि सिद्धार्थ सोनावणे को ठाणे जिले के कल्याण से पकड़ा गया है.
सूत्रों की माने तो पुलिस को संदेह है कि मासाजोग गांव का निवासी सिद्धार्थ सोनावणे सरपंच संतोष देशमुख की गतिविधियों पर नजर रखता था. इसके साथ ही अन्य आरोपियों को उनके बारे में जानकारी देता था. सुदर्शन घुले और सुधीर सांगले को सीआईडी को सौंप दिया गया है, जो इस मामले की जांच कर रही है.
इस चर्चित हत्याकांड में पुलिस ने अब तक सात लोगों को गिरफ्तार किया है, जबकि एक अन्य आरोपी अभी भी फरार है. एक पुलिस अधिकारी ने बताया कि बीड पुलिस की एक टीम ने मुंबई के पास कल्याण से सिद्धार्थ सोनावणे को गिरफ्तार किया है. एक अन्य आरोपी कृष्णा अंधाले अभी भी फरार है.
पुलिस ने पहले जयराम माणिक चंगे (21), महेश सखाराम केदार (21), प्रतीक घुले (24) और विष्णु चाटे (45) को गिरफ्तार किया था. बीड जिले में एक पवनचक्की परियोजना का संचालन करने वाली एक ऊर्जा फर्म पर जबरन वसूली की कोशिश को रोकने के प्रयास के लिए 9 दिसंबर को देशमुख का अपहरण कर लिया गया था.
इसके बाद उनको प्रताड़ित किया गया. फिर उनकी हत्या कर दी गई. महाराष्ट्र के मंत्री धनंजय मुंडे के सहयोगी वाल्मिक कराड को जबरन वसूली के मामले में गिरफ्तार किया गया है. फरार तीन आरोपियों को गिरफ्तार करने के लिए कई पुलिस टीमों को तैनात किया गया था और एक एसआईटी का गठन किया गया था.
पुलिस के मुताबिक, नांदेड़ जिले से पकड़ा गया एक डॉक्टर पुणे में दो आरोपियों तक पुलिस की पहुंच बनाने में अहम कड़ी साबित हुआ. जांच के दौरान सुदर्शन घुले के साथ कथित संबंधों के सामने आने के बाद पुलिस ने डॉ. संभाजी वैभसे की गतिविधियों पर नजर रखी. पूछताछ के बाद उसको सीआईडी को सौंप दिया गया.
पुलिस को संदेह है कि डॉ. संभाजी वैभसे ने हत्या के बाद सुदर्शन घुले को भागने में मदद की थी. देशमुख हत्याकांड को लेकर राजनीतिक आरोप-प्रत्यारोप के बीच भाजपा विधायक सुरेश धास ने धनंजय मुंडे पर फिर से हमला बोला. आरोप लगाया कि पुणे से गिरफ्तार किए गए दो लोग सिर्फ मोहरे हैं.
एनसीपी विधायक प्रकाश सोलंकी ने सुझाव दिया कि हत्याकांड की निष्पक्ष जांच सुनिश्चित करने के लिए धनंजय मुंडे को मंत्रिपरिषद से बाहर किया जाना चाहिए. सोलंकी बीड जिले के विधायक मुंडे पर निशाना साधने वाले राष्ट्रवादी कांग्रेस पार्टी के पहले और महायुति गठबंधन के दूसरे नेता हैं.
भाजपा विधायक सुरेश धास बीड में अपराध के लिए धनंजय मुंडे का नाम लिए बिना उनकी आलोचना कर रहे हैं. इसके अलावा परभणी शहर में देशमुख हत्याकांड की गहन जांच की मांग को लेकर एक सर्वदलीय मार्च का आयोजन किया गया. सरपंच के भाई धनंजय ने पारदर्शी जांच की मांग की है.