
महाराष्ट्र के बीड जिले में हुए सरपंच संतोष देशमुख हत्याकांड में गिरफ्तार वाल्मिक कराड को 14 दिनों की न्यायिक हिरासत में भेज दिया गया. उन पर मकोका लागू होने के बाद नाराज उनके समर्थकों ने परली शहर में बसों पर पथराव किया और टायरों में आग लगा दी. एक अधिकारी ने बताया कि महाराष्ट्र के मंत्री धनंजय मुंडे के सहयोगी कराड पर महाराष्ट्र संगठित अपराध नियंत्रण अधिनियम (मकोका) के तहत मामला दर्ज किया गया है.
जानकारी के मुताबिक, वाल्मिक कराड पर मकोका लगने के बाद उनके सैकड़ों समर्थकों ने बसों पर पथराव किया. टायरों में आग लगा दी. परली शहर में सड़कें जाम करने की कोशिश की गई. उनके समर्थन में नारे लगाकर बंद का आह्वान किया है. बीड जिले में 28 जनवरी तक निषेधाज्ञा लागू होने के बावजूद प्रदर्शन किया गया. मंगलवार की घटनाओं के बाद पुलिस ने सार्वजनिक संपत्ति को नुकसान पहुंचाने के लिए दो मामले दर्ज किए हैं.
बीड जिले में सरपंच संतोष देशमुख की हत्या के विरोध में प्रदर्शन और मराठा-ओबीसी कार्यकर्ताओं द्वारा आरक्षण संबंधी आंदोलन के मद्देनजर 28 जनवरी तक निषेधाज्ञा लागू कर दी गई है. जिला प्रशासन ने सोमवार को कहा कि अधिकारियों की अनुमति के बिना पांच या उससे अधिक व्यक्तियों के एकत्र होने पर प्रतिबंध लगा दिया गया है. लोगों को सार्वजनिक स्थानों पर हथियार ले जाने की अनुमति नहीं दी गई है.
बीड जिले के मासजोग गांव के सरपंच संतोष देशमुख का 9 दिसंबर को अपहरण कर लिया गया था. उन्हें प्रताड़ित किया गया और उनकी हत्या कर दी गई. प्रारंभिक जांच से पता चलता है कि उन्होंने क्षेत्र में पवनचक्की परियोजना संचालित करने वाली एक ऊर्जा कंपनी पर जबरन वसूली के प्रयास को विफल करने का प्रयास किया था. पुलिस ने अब तक हत्या के मामले में सात लोगों को गिरफ्तार किया है, जबकि एक आरोपी फरार है.
इसके मामले की जांच विशेष जांच दल (एसआईटी) कर रही है. उसके एक अधिकारी ने बताया कि मकोका की धारा 3(1) परली विधायक के सहयोगी कराड के साथ सुदर्शन घुले, प्रतीक घुले, सुधीर सांगले, कृष्णा अंधाले, विष्णु चाटे, सिद्धार्थ सोनावणे, महेश केदार और जयराम चंगे के खिलाफ भी लगाई गई है. इस धारा के तहत दोषी पाए जाने वालों अपराधियों को सजा ए मौत या आजीवन कारावास की सजा हो सकती है.