
श्रद्धा वॉल्कर मर्डर केस के आरोपी आफताब ने तो अपनी मोहब्बत के 35 टुकड़े उसके कत्ल के बाद किए थे, लेकिन जो कहानी भागलपुर से निकल कर पूरे देश को दहला रही है, उसमें एक दरिंदे ने एक महिला को जीते-जी टुकड़ों में काट डाला. वो भी सरेआम सड़क पर बीच बाजार. उस महिला का कसूर सिर्फ इतना था कि वो अपने साथ होने वाली छेड़खानी और बदतमीज़ी के चलते कुछ सिरफिरों का विरोध किया करती थी.
श्रद्धा मर्डर केस से भी ज्यादा खतरनाक
अभी दिल्ली में श्रद्धा के साथ हुई दरिंदगी की वारदात से देश उबर भी नहीं पाया है कि बिहार के भागलपुर में फिर से एक वैसी ही वारदात हो गई. बल्कि वैसी क्या, कई मायनों में श्रद्धा मर्डर केस भी ज्यादा अफ़सोसनाक और ज्यादा खतरनाक.
जिंदा ही काट डाला
दिल्ली के आफताब ने श्रद्धा के 35 टुकड़े तो उसकी कत्ल के बाद किए थे. लेकिन भागलपुर के शकील मियां और उसके साथियों ने जीते जी नीलम के जिस्म के कुछ इतने टुकड़े किए कि उसकी तरफ देखना भी मुश्किल हो रहा था. तड़प-तड़प कर चंद मिनटों में ही उसने भीड़ के सामने दम तोड़ दिया, सो अलग.
पीरपैंती बाजार में हुआ था हमला
मामला 3 दिसंबर की शाम का है, जब नीलम भागलपुर के पीरपैंती बाजार से अपने घर लौट रही थी. लेकिन रास्ते में पहले से घात लगाए बैठे शकील और उसके साथियों ने नीलम को रोक लिया और इससे पहले कि वो कुछ समझ पाती, सभी तेज धार हथियारों से उस पर हमला कर दिया और जीते जी उसके कई टुकड़े कर डाले. हमलावरों ने सबसे पहला हमला उसकी पीठ पर किया और फिर सिर पर.
सरेआम काट डाला
इस हमले के बाद जब वो जमीन पर गिर गई, तो हमलावरों ने उसके दोनों हाथ, फिर पैर और तब दोनों स्तन काट कर कर अलग कर दिए. उसके चेहरे पर भी कोई नुकीली चीज घुसाई गई. ये खौफनाक मंजर बीसियों लोगों ने देखा और लोगों ने इसकी रिकॉर्डिंग की. लेकिन किसी ने उसे बचाने की कोशिश नहीं की.
अस्पताल में मौतम
आनन-फानन में महिला को उठा कर अस्पताल पहुंचाया गया, लेकिन जिंदा कई टुकड़े किए जाने की वजह से उसकी हालत बेहद खराब हो चुकी थी और काफी खून बह चुका था, तो उसकी जान चली गई. खबर मिलने के बाद पुलिस भी मौके पर पहुंची और उसने मामले की जांच शुरू की.
करती थी छेड़छाड़ का विरोध
लेकिन महिला के घरवालों ने उनकी शकील से सीधे तौर पर कोई किसी तरह की दुश्मनी से मना किया. हालांकि उनका ये जरूर कहना था कि शकील उनकी दुकान के पास बैठ कर अक्सर नीलम को घूरा करता था, जिसका घरवालों ने विरोध किया था. इसके बाद शकील ने उनकी दुकान में आना तो बंद कर दिया था, लेकिन अब अचानक उसने ये हमला किया.
मुख्य आरोपी गिरफ्तार
मामले की जांच में जुटी पुलिस इसे पैसों के लेन-देन का झगड़ा मान कर चल रही थी, लेकिन घरवालों ने पुलिस की इस थ्योरी को भी खारिज कर दिया है. फिलहाल पुलिस ने आरोपी शकील और उसके साथियों को गिरफ्तार कर लिया है. कत्ल में इस्तेमाल किए गए हथियार भी बरामद कर लिए हैं. लेकिन इस वारदात को जिस तरह सरेशाम और बेरहम तरीके से अंजाम दिया गया, उससे हर कोई सकते में है.
(साथ में राजीव सिद्धार्थ और निभाष मोदी का इनपुट)