
राजस्थान में हुए विधानसभा चुनाव के परिणाम के आने के बाद से दो बाबाओं का नाम सबसे ज्यादा चर्चा में है. एक तिजारा विधानसभा सीट से पहली बार विधायक बने बाबा बालकनाथ हैं, जिनका नाम मुख्यमंत्री पद के लिए लिया जा रहा है. दूसरे जयपुर के हवामहल सीट से विधायक स्वामी बालमुकुंद आचार्य हैं, जो अपने विवादित हरकतों की वजह से सुर्खियों में हैं. चुनाव जीतते ही जयपुर में नॉनवेज बैन कराने की मांग करने और थाने में जाकर हंगामा काटने का वीडियो वायरल होने के बाद वो अचानक मशहूर हो गए हैं. लेकिन अब वो बुरे फंसते हुए नजर आ रहे हैं, क्योंकि एक दलित से मारपीट करके उसके जमीन पर कब्जा करने के कथित मामले में उनके खिलाफ एफआईआर दर्ज कराई गई है.
पीड़ित सूरजमल रैगर ने कोर्ट से इस्तगासे के जरिए करधनी थाने में बालमुकुंद आचार्य और पुरुषोत्तम शर्मा के खिलाफ मामला दर्ज करवाया है. पीड़ित ने जमीन पर अवैध कब्जा करने का प्रयास और मारपीट करने का आरोप लगाया है. शिकायत पर थाने में रिपोर्ट दर्ज नहीं की गई, तो पीड़ित ने कोर्ट का दरवाजा खटखटाया. न्यायालय की दखल के बाद करधनी थाने में चार दिसंबर को मामला दर्ज किया गया है. इस मामले की जांच एसीपी झोटवाड़ा सुरेंद्र सिंह राणावत को सौंपी गई है. वहीं इस पूरे मामले पर विधायक बालमुकुंद आचार्य ने कहा है कि यह जमीन हमारी है. इस पर पड़ोसी अवैध कब्जा करना चाह रहा है. उन्होंने कहा कि अब मामला दर्ज हो ही गया है तो साफ हो जाएगा सही कौन है.
जयपुर के करधनी थाने में दर्ज रिपोर्ट के अनुसार पीथावास गांव के निवासी परिवादी सूरजमल रैगर ने बताया कि बीते 10 अगस्त 2023 को परिवादी अपने खेत में काम कर रहा था. उसी समय बालमुकुंद आचार्य उर्फ संजय शर्मा अपने पिता पुरुषोत्तम शर्मा सहित कई लोगों के साथ उसके खेत पर आए. इसके बादा बाबा ने परिवादी की छाती पर लात मारी और जातिसूचक अपशब्द बोलते हुए हाथापाई पर उतर आए. पीड़ित ने बताया कि बालमुकुंद आचार्य ने तब कहा, ''तुमने हमारे खिलाफ जो रिपोर्ट करधनी थाने में करवाई है, उससे हमारा कुछ भी नहीं बिगड़ सकता और हमारी पहुंच बहुत उपर तक है.'' यही नहीं परिवादी और उसके परिजनों को जान से मारने की धमकी भी दी थी. उसके साथ मारपीट भी की गई.
शोर शराबा सुनकर जितेंद्र सिंह सहित कुछ लोग वहां जा गए. उन्होंने पीड़ित को बचाया तब जाकर मामला शांत हुआ. हालांकि, बालमुकुंद आचार्य पीड़ित की जमीन पर नाजायज कब्जा करने की धमकी दे गए. इसके बाद 30 जुलाई 2023 को परिवादी ने करधनी थाने में शिकायत दर्ज कराई थी, लेकिन थाने द्वारा कोई कार्यवाही नहीं की गई. इसके बाद आरोपियों के हौसले बहुत बुलंद हो गए. आए दिन परिवादी और उसके परिजनों को धमकाने लगे. इसके बाद 23 अगस्त 2023 को परिवादी सूरजमल रैगर के जरिए अधिवक्ता ने कोर्ट में इस्तगासा पेश किया. इसके बाद कोर्ट के जरिए आईपीसी की धारा 341, 323 और एससी-एसटी एक्ट के तहत केस दर्ज करने का आदेश दिया. इस मामले की तफ्तीश एसीपी कर रहे हैं.
बताते चलें कि राजस्थान में चुनाव नतीजे आने के बाद बालमुकुंद आचार्य अपने क्षेत्र में पहुंचे थे. वहां एक सरकारी अधिकारी को फोन पर चेतावनी दी थी कि सड़कों पर कोई भी नॉनवेज फूड नहीं बेचा जाना चाहिए. यहां तक कहा कि शाम तक सभी गलियां साफ हो जानी चाहिए. उन्होंने लोगों के बीच अधिकारी को फोन लगाकर पूछा था, ''रोड पर खुले में नॉनवेज बेच सकते हैं क्या? हां या ना में बोलो. तो आप समर्थन कर रहे हो इसका, तुरंत प्रभाव से आप नॉनवेज के सभी ठेले जो रोड पर हैं और बनाकर बचे रहे हैं वो नहीं दिखने चाहिए. मैं शाम को आपसे रिपोर्ट लूंगा, मुझे नहीं मतलब है कि कौन अधिकारी है.'' बालमुकुंद आचार्य इस चुनाव में 600 वोटों से जीतकर पहली बार विधायक बने हैं.