
अमेरिका में नौकरी का झांसा देकर भारतीय और नेपाली नागरिकों को ठगने वाले साइबर ठगों के खिलाफ दिल्ली पुलिस की क्राइम ब्रांच ने एफआईआर दर्ज की है. ये एफआईआर एमेरिकी एंबेसी के सुरक्षा अधिकारी की तरफ से दर्ज कराई गई है. जिसमे कहा गया है की ऑनलाइन वीजा और नौकरी के नाम पर ठगी की जा रही है. पुलिस ने इस मामले में आईपीसी की धारा 419/420/467/468/471/120B यानी ठगी के साथ अपराधिक षडयंत्र रचने के आरोप में एफआईआर दर्ज की है.
फर्जी दस्तावेज लेकर एंबेसी पहुंचे थे पीड़ित
इस ठगी की जानकारी एंबेसी को तब हुई जब अक्टूबर 2023 से अचानक से भारतीय और नेपाली नागरिक अमेरिकी एंबेसी में जाली दस्तावेज लेकर पहुंच गए और बताया की उन्हे कनाडा, पोलैंड या फिर दूसरे देश में नौकरी मिली है. सबने एंबेसी यही बताया की उन्हे बोला गया है की एंबेसी में उन्हे एक शख्स मिलेगा और वो कागजी कार्रवाई करवाएगा. एंबेसी की तरफ से पुलिस को हर आने वाले की डिटेल भी शेयर की गई है.
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इस तरह की जाती थी ठगी
जानकारी के मुताबिक, आरोपी पीड़ितों को विदेश में नौकरी दिलाने का झांसा देते. अपने जाल में फंसाने के लिए आरोपी सोशल मीडिया के अलग अलग प्लेटफार्म पर विज्ञापन देते. फिर मिलने के लिए बुलाते. करीब तीन पीड़ितों को चंडीगढ़ और मोहाली में बुलाया गया था. वहां पर एक एजेंट से उनकी मुलाकात हुई ताकि किसी को शक न हो. इस दौरान एजेंट सामने वाले की शिक्षा के आधार पर नौकरी की बात कहता और फिर दो लाख से दस लाख की मांग की जाती. एक बार रकम मिलने के बाद एजेंट गायब हो जाता.
दिल्ली पुलिस ने शुरू की जांच
सिर्फ अक्टूबर महीने में एंबेसी पहुंचने वालों में हैदराबाद के अहमदुल्ला खान, चंडीगढ़ की आरती, गुजरात के जयंती लाल, नेपाल के अजय कुमार शामिल है. लोगों को महीने का वेतन ढाई लाख रुपया से लेकर पांच लाख की मिलने की बात की जाती. किसी से कहा गया कि उन्हें कनाडा में नौकरी मिली है तो किसी को कहा जाता कि उसे पोलैंड में जॉब मिल गई है.
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दिल्ली पुलिस की क्राइम ब्रांच ने इस मामले में पांच फरवरी को केस दर्ज किया और जांच शुरू कर दी है. इसके लिए पुलिस सोशल मीडिया में जारी जाली विज्ञापन के जरिए आरोपियों की तलाश में है.