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हत्या कर पीता था मासूमों का खून, 'खूनी पिशाच' को भीड़ ने पीट-पीटकर मार डाला

केन्याई अधिकारियों ने उसे "खून के प्यासे पिशाच" की संज्ञा दी थी. क्योंकि वंजाला कई बार बच्चों की हत्या करने से पहले उनका खून पीता था. इसको लेकर खुद ने उसने पुलिस के सामने कई चौंकाने वाले खुलासे किए.

फोटो- @DCI_Kenya/ट्विटर फोटो- @DCI_Kenya/ट्विटर
aajtak.in
  • नई दिल्ली ,
  • 18 अक्टूबर 2021,
  • अपडेटेड 7:00 PM IST
  • 10 बच्चों की थी बेरहमी से हत्या
  • भीड़ ने पीटकर मार डाला
  • पुलिस कस्टडी से भाग गया था

एक केन्याई सीरियल किलर (Serial Killer) को भीड़ ने पीट-पीटकर मार डाला. 20 वर्षीय सीरियल किलर पर 10 बच्चों की हत्या का इल्जाम था. उसने सभी हत्याओं (Child Killer) में अपना जुर्म कुबूल कर लिया था. बीते दिनों वह पुलिस कस्टडी से फरार हो गया था, जिसके बाद पता चला कि उसकी हत्या की जा चुकी है. आइए जानते हैं पूरा मामला.. 

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'मिरर यूके' के मुताबिक, ये मामला केन्या के नैरोबी (Nairobi) का है. जहां 20 साल के मास्टेन मिलिमो वंजाला (Masten Milimo Wanjala) को हत्या के केस में गिरफ्तार किया गया. जांच में पता चला कि उसने एक दो नहीं बल्कि 10 बच्चों की बेरहमी से हत्या (Brutal Murder) की थी. 

केन्याई अधिकारियों ने उसे "खून के प्यासे पिशाच" की संज्ञा दी थी. क्योंकि वंजाला कई बार बच्चों की हत्या करने से पहले उनका खून पीता था. इसको लेकर खुद ने उसने पुलिस के सामने कई चौंकाने वाले खुलासे किए. उसने बताया कि 15 साल की उम्र में उसने पहली हत्या की थी. 5 साल में उसने 10 बच्चों को मारा है. 

बीते दिनों उसे जुलाई में दो बच्चों के लापता होने के मामले में गिरफ्तार किया गया था, लेकिन अधिकारियों ने कहा कि उसने पांच साल में दस बच्चों की हत्या करना स्वीकार किया है. हालांकि, हत्या के मामले में कोर्ट में पेश होने से कुछ घंटे पहले वो हिरासत से भाग गया. 

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भीड़ ने पीटकर मार डाला 

वो एक गांव में छिपा हुआ था. लेकिन इसकी खबर ग्रामीणों को लग गई. उन्हें वंजाला के बारे में सब पता था. लोगों ने उसे खोज निकाला और पीटना शुरू कर दिया. भीड़ ने उसकी इतनी पिटाई कि उसने वहीं पर दम तोड़ दिया. पुलिस जब मौके पर पहुंची तो उन्हें वंजाला की खून से लथपथ लाश मिली.    

खून पीता था वंजाल!

पुलिस ने बताया कि वंजाला "बच्चों मारने से पहले कभी-कभी उनका खून पीता था. अधिकारियों ने कहा कि वंजाला के शिकार अधिकतर 12 से 13 साल उम्र के बीच के बच्चे होते थे. वो कभी उन्हें नशीला पदार्थ खिलाकर बेहोश करता तो कभी चाकू से मारता. 

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