
असम पुलिस ने IIT-गुवाहाटी के चौथे वर्ष के छात्र को इस्लामिक स्टेट (IS) से कनेक्शन होने के आरोप में गिरफ्तार कर लिया गया है. आरोपी छात्र तौसीफ अहमद फारूकी को गुवाहाटी की एसटीएफ ने अरेस्ट किया था, फिलहाल तौसीफ असम पुलिस की रिमांड पर है. आरोप है कि तौसीफ अहमद फारूकी ने अपने सोशल मीडिया हैंडल पर लिखा था कि वह आतंकी संगठन इस्लामिक स्टेट ज्वॉइन करने जा रहा है. ये इनपुट मिलने के बाद पुलिस ने आईआईटी गुवाहाटी से कॉन्टेक्ट किया था. इसके बाद पता चला कि शनिवार दोपहर से ही तौसीफ का मोबाइल फोन स्विच ऑफ है और वह कैंपस में नहीं है, जिसके बाद पुलिस ने उसे गुवाहाटी से करीब 30 किलोमीटर दूर हाजो से पकड़ा था.
IS ज्वॉइन क्यों करना चाहता था तौसीफ?
असम पुलिस अभी पूरे मामले की जांच कर रही है. साथ ही उस मॉड्यूल के बारे में पता लगाने की कोशिश कर रही है, जिससे तौसीफ जुड़ा था. साथ ही पुलिस ये भी पता लगाने की कोशिश कर रही है कि आखिर कब और किन परिस्थितियों में तौसीफ इस्लामिक स्टेट से प्रभावित हुआ और इस कदर प्रभावित हुआ कि उसे ज्वॉइन करने के लिए अपना ब्राइट कैरियर छोड़कर आतंकी संगठन में शामिल होने के लिए निकल पड़ा.
कौन है तौसीफ अली फारूकी?
22 साल का तौसीफ दिल्ली के ज़ाकिर नगर का रहने वाला है. वह बचपन से ही पढ़ाई के साथ-साथ खेल में आगे रहता था. दिल्ली के नामी स्कूल से 12वीं करने के बाद तौसीफ ने पहले ही अटैम्प्ट में आईआईटी जैसी कठिन परीक्षा क्रैक कर ली थी. तौसीफ ने आईआईटी गुवाहाटी में बायो टेक्नोलॉजी से पढ़ाई शुरू कर दी. फिलहाल वह चौथे वर्ष का छात्र था. तौसीफ के माता-पिता फिलहाल दिल्ली के ज़ाकिर नगर में रहते हैं. गिरफ्तारी की खबर सुनते ही दोनों असम पहुंच गए. तौसीफ के पड़ोसी ने बताया कि तौसीफ बचपन से ही बेहद तेज था. न सिर्फ पढ़ने में, बल्कि खेलने में भी. तौसीफ क्रिकेट खेलने का शौकीन था. वह लेफ्ट आर्म स्पिनर था.
लेफ्ट आर्म स्पिनर था तौसीफ
दिल्ली के चाणक्यपुरी के जिस हाई प्रोफाइल स्कूल से तौसीफ ने 12वीं की, वहां की क्रिकेट टीम में तौसीफ लेफ्ट आर्म स्पिनर के तौर पर खेला करता था. उसके खेल से कुछ लोग इतने प्रभावित थे कि उन्हें लगता था कि शायद तौसीफ के अंदर इतनी काबिलियत है कि वह एक दिन क्रिकेट में अपने पैरेंट्स का नाम रोशन करेगा, लेकिन 12वीं करते ही तौसीफ का सिलेक्शन आईआईटी में हो गया और वह बीटेक करने के लिए असम चला गया. इस घटना के बाद तौसीफ के परिजन सदमे में हैं.