Advertisement

दिल्ली मेट्रो में सक्रिय हुई 'गड्डीबाज गैंग', लोगों को लग रही लाखों की चपत

मेट्रो में ‘गड्डीबाज़’ ठगो का पता चला है जो लोगों को कुछ पैसों का लालच देकर उनके लाखों रुपये लूट लेते हैं. ये काम दो ठग लंबे समय से साथ मिलकर कर रहे हैं. दोनों की उम्र भी ज्यादा नहीं है, लेकिन दिमाग काफी शातिर है.

दिल्ली मेट्रो में सक्रिय हुई 'गड्डीबाज गैंग' (पीटीआई) दिल्ली मेट्रो में सक्रिय हुई 'गड्डीबाज गैंग' (पीटीआई)
राम किंकर सिंह
  • नई दिल्ली,
  • 21 अगस्त 2021,
  • अपडेटेड 2:05 AM IST
  • दिल्ली मेट्रो में सक्रिय हुई 'गड्डीबाज गैंग'
  • लोगों को लग रही लाखों की चपत
  • पुलिस का दावा- जल्दी हो रहा केसों का निपटारा

दिल्ली मेट्रो लाखों लोगों की लाइफलाइन बन गई है. एक जगह से दूसरी जगह जाना हो तो मेट्रो को सबसे बेहतरीन साधन माना जाता है. लेकिन बीते कुछ सालों में यही मेट्रो उन चोरों का अड्डा बन गई है जो लगातार लोगों को लूट रहे हैं. शिकायत तो दर्ज होती है, लेकिन मामलों में कमी आती नहीं दिखती. अब इन चोरों ने मेट्रो में ठगने का एक और नया तरीका निकाल लिया है.

Advertisement

पैसों का लालच देकर पैसों की चोरी

मेट्रो में ‘गड्डीबाज़’ ठगो का पता चला है जो लोगों को कुछ पैसों का लालच देकर उनके लाखों रुपये लूट लेते हैं. ये काम दो ठग लंबे समय से साथ मिलकर कर रहे हैं. दोनों की उम्र भी ज्यादा नहीं है, लेकिन दिमाग काफी शातिर है. पुलिस ने जानकारी दी है कि ये लोग अपने पास पैसों की एक गड्डी रखते हैं. उस गड्डी में ऊपर जरूर 500 रुपये का एक नोट होता है.लेकिन बीच में बड़ी ही चालाकी से कई सारे कागज लगा दिए जाते हैं. ऐसा कर लोगों को धोखा हो जाता है कि पैसों की कई सारी गड्डियां हैं.

फिर इस गैंग का छोटा सदस्य मेट्रो में अपने शिकार के पास जाता है और उन्हें बताता है कि वो काफी देर से भाग रहा है. बहाना दिया जाता है कि पैसों की या तो चोरी की गई या फिर मालिक ने लंबे समय से सैलरी नहीं दी. ऐसा कर लोगों को बातों में उलझाया जाता है और लालच दिया जाता है कि अगर उन्हें कुछ पैसों की मदद कर दी जाए तो वे ये गड्डी उन्हें दे जाएंगे.

Advertisement

मेट्रो में सक्रिय गड्डीबाज गैंग

हैरानी की बात ये है कि कई लोग इस झांसे में आसानी से फंस जाते हैं. कई तो ऐसे भी हैं जो एटीएम से बकायदा पैसे निकाल आरोपियों को दे देते हैं. मेट्रो पुलिस ने कहा कि गिरफ्तार ज्यादातर आरोपी बवाना से आते हैं. इनकी उम्र 22 से 25 साल के बीच होती है.  पुलिस ने बताया कि मां की तबीयत खराब होने का झांसा देकर गैंग ने एक आर्मी जवान को भी ठगा है. 

दिल्ली मेट्रो के डीसीपी जितेंद्र मणि त्रिपाठी ने कहा कि पिछले साल मार्च से जून महीने तक 1600 मुकदमें हुए तो इस साल 4 महीनो में 1000 एफआईआर दर्ज हुई हैं. दावा है कि पिछले साल 43 फ़ीसदी मामलों का निपटारा कर लिया गया तो वहीं इस साल 68% फीसदी केसेज का निपटारा किया गया. 

Read more!
Advertisement

RECOMMENDED

Advertisement