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मुंबई में फर्जी मरीज बनकर क्लिनिक में घुसा डिलीवरी ब्वॉय, फिर डॉक्टर के गर्दन पर रख दिया चाकू और...

मुंबई में एक हैरान करने वाला मामला सामने आया है. पेडर रोड इलाके में एक वरिष्ठ डॉक्टर के क्लिनिक में घुसकर एक डिलीवरी ब्वॉय ने लूटपाट की और फिर डॉक्टर को धक्का देकर फरार हो गया. आरोपी को पुलिस ने गिरफ्तार कर लिया है.

आरोपी को पुलिस ने किया अरेस्ट (प्रतीकात्मक फोटो) आरोपी को पुलिस ने किया अरेस्ट (प्रतीकात्मक फोटो)
देव अमीश कोटक
  • मुंबई,
  • 23 सितंबर 2023,
  • अपडेटेड 3:03 PM IST

मुंबई के पॉश पेडर रोड इलाके में एक वरिष्ठ डॉक्टर को लूटने के आरोप में दक्षिण मुंबई के गामदेवी पुलिस स्टेशन ने 23 वर्षीय लड़के को गिरफ्तार किया है. आरोपी की पहचान अर्जुन सोनकर के रूप में हुई है. अर्जुन वर्ली का रहने वाला है और आनलाइन फूड डिलीवरी करने वाले एक ऐप के लिए डिलीवरी बॉय के रूप में काम करता है.

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मूल रूप से उत्तर प्रदेश के गोंडा के रहने वाले सोनकर इस साल मई से इस फूड डिलीवरी ऐप के साथ काम कर रहा था. सोनकर 70 वर्षीय पीड़िता डॉ. मंदाकिनी पिरांकर के क्लिनिक में फर्जी 'मरीज' बनकर गया था. पिरांकर पिछले 25 वर्षों से एक अन्य महिला डॉक्टर के साथ अपना क्लिनिक चला रही हैं.

फर्जी मरीज बनकर गया था सोनकर

घटना के दिन यानि 21 सितंबर को सोनकर छठी मंजिल पर स्थित डॉक्टर के क्लिनिक में गया और कहा कि वह अस्वस्थ है. डॉक्टर ने उसे बाहर कुर्सी पर इंतजार करने को कहा. बाद में जब बुलाया गया तो सोनकर ने लक्षण बताते हुए अपना परिचय अविनाश पासवान के रूप में दिया. डॉक्टर ने बताया कि उनका ब्लड प्रेशर लो है और उसे अस्पताल में भर्ती होने के लिए कहा गया. आरोपी ने डॉक्टर को फीस के रूप में दो सौ रुपये भी दिए. 

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अचानक डॉक्टर की गर्दन पर रख दिया चाकू

केबिन से निकलने के कुछ सेकेंड बाद वह फिर से अंदर डॉक्टर की केबिन में आया.सोनकर ने कपड़े के थैले से रसोई में प्रयोग होने वाला चाकू निकाला और महिला डॉक्टर के गले पर रख दिया और उसे चुप रहने को कहा. फिर उसने उसे सोने की चेन और 2.5 तोले का पेंडेंट, जिसकी कीमत एक लाख रुपये थी, उतारने को कहा. भागने से पहले उसने डॉक्टर को धक्का दे दिया.

पुलिस ने किया गिरफ्तार

सहायक पुलिस निरीक्षक और जांच अधिकारी श्रीनिवास दराडे के अनुसार, "आरोपी ने अपना बैग छोड़ दिया और डायरी में हस्तलिखित नोट्स का सुराग दिया, जिसमें लिखा था कि वह ऐसा नहीं करना चाहता था और उसे खेद है. नोट्स छोड़ने के पीछे उसकी भावनात्मक अपील करने एक रणनीति थी. उसने सोचा कि यह पढ़कर शायद पुलिस को सूचना नहीं दी जाएगी.'

दराड़े ने आगे बताया, 'वह एक फर्जी मरीज के रूप में में गया था, उसका इरादा डॉक्टर को लूटना था. लूटे गए सामान की बरामदगी अभी तक नहीं हुई है. उसने पहली बार अपराध किया है.वह अपनी पत्नी के साथ वर्ली में रुका था.  हम 16,000 नकद, एक चाकू, एक स्विगी टी-शर्ट, डायरी बरामद कर चुके हैं. यह सब वह भागने से पहले क्लिनिक में छोड़ गया था.' सोनकर को पुलिस हिरासत में भेज दिया गया है और डकैती की धारा (392) के तहत मामला दर्ज किया गया है.

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