
छत्तीसगढ़ के धमतरी की सिहावा पुलिस ने अंतरराज्यीय मानव तस्करी गिरोह का भंडाफोड़ किया है. पुलिस ने तीन आरोपियों को गिरफ्तार किया है. ये आरोपी लड़कियों को काम दिलाने के बहाने दूसरे राज्यों में ले जाकर सौदा करते थे और उन्हें डरा-धमकाकर शादी करवा देते थे. पुलिस ने आरोपियों को मध्य प्रदेश से गिरफ्तार किया है. मानव तस्करी मामले में चार आरोपियों को पहले अरेस्ट किया जा चुका है.
पुलिस के अनुसार, सिहावा क्षेत्र की 21 वर्षीय गुमशुदा लड़की को मध्य प्रदेश के राजगढ़ से बरामद किया गया था. पूछताछ करने पर लड़की ने बताया कि रायपुर में उसे डेकोरेशन व मैनेजर का काम दिलाने के बहाने मध्य प्रदेश ले जाकर सौदा कर दिया गया था. इसके बाद वहां डरा-धमकाकर जबरन शादी करवाई गई. इस मामले में सिहावा थाने में केस दर्ज कर जांच शुरू की गई.
एसपी के आदेश के बाद पुलिस ने तीन को किया अरेस्ट
एसपी प्रशांत ठाकुर ने बच्चों व महिलाओं पर घटित अपराधों में त्वरित एक्शन लेने के निर्देश दिए. इस पर अतिरिक्त पुलिस अधीक्षक मेघा टेम्भूरकर के मार्गदर्शन में टीम गठित की गई. पुलिस की टीम ने मध्य प्रदेश से तीन आरोपियों को गिरफ्तार कर लिया. इनमें 22 वर्षीय सुभाष वर्मा पुत्र प्रेमनारायण वर्मा, 26 वर्षीय अनिल वर्मा पुत्र जगन्नाथ वर्मा, 45 वर्षीय प्रेम नारायण पुत्र मांगीलाल वर्मा शामिल हैं. ये तीनों मध्य प्रदेश के रहने वाले हैं.
इन चार आरोपियों को पहले ही अरेस्ट कर चुकी है पुलिस
अनुविभागीय अधिकारी मयंक रणसिंह ने कहा कि पुलिस ने चार आरोपियों को पहले भी अरेस्ट किया है, जिनमें चिंताराम कोर्राम पुत्र सुखराम कोर्राम निवासी गढ़ियापारा भीतररास थाना सिहावा, 68 वर्षीय शंकर मोगराज पुत्र रामस्वामी मोंगराज रायपुर, 65 वर्षीय विमला मोगराज पत्नी शंकर मोंगराज रायपुर, 39 वर्षीय सुरेश उर्फ बबलू दशहरे पुत्र जगदीश दशहरे बालाघाट शामिल हैं. इनके खिलाफ थाना सिहावा में केस दर्ज था.