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ED का खुलासा, धर्म परिवर्तन कराने पर उमर गौतम को विदेश से मिला करोड़ों का चंदा

प्रवर्तन निदेशालय (ईडी) ने भारतीय दंड संहिता के प्रावधानों के तहत जबरन धर्म परिवर्तन पर यूपी एटीएस द्वारा दर्ज प्राथमिकी के आधार पर मनी लॉन्ड्रिंग की जांच शुरू की थी.

प्रवर्तन निदेशालय प्रवर्तन निदेशालय
मुनीष पांडे/संतोष शर्मा
  • नई दिल्ली/लखनऊ,
  • 03 जुलाई 2021,
  • अपडेटेड 11:57 PM IST
  • आरोपी मोहम्मद उमर गौतम से जुड़े 6 परिसरों की तलाशी ली गई
  • लखनऊ के दो ठिकानों पर छापेमारी में फंडिंग से जुड़े कई दस्तावेज बरामद
  • यूपी एटीएस द्वारा दर्ज FIR के आधार पर मनी लॉन्ड्रिंग की जांच

धर्मांतरण मामले में प्रवर्तन निदेशालय (ED) ने आरोपी मोहम्मद उमर गौतम से जुड़े 6 परिसरों की तलाशी के दौरान कई आपत्तिजनक दस्तावेज जब्त किए हैं, जिससे कथित तौर पर देशभर में उसके और उसके संगठनों द्वारा किए गए बड़े पैमाने पर धर्मांतरण का पता चलता है.

ईडी के अधिकारियों के मुताबिक, जब्त दस्तावेजों से इन संगठनों द्वारा अवैध रूप से धर्मांतरण के उद्देश्य से कई करोड़ रुपये की विदेशी फंडिंग प्राप्त होने की जानकारी मिली है. ईडी ने आज शनिवार को प्रिवेंशन ऑफ मनी लॉन्ड्रिंग एक्ट (PMLA) के प्रावधानों के तहत दिल्ली और यूपी में स्थित 6 परिसरों पर छापेमारी की.

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मनी लॉन्ड्रिंग की जांच शुरू  

प्रवर्तन निदेशालय (ईडी) ने भारतीय दंड संहिता के प्रावधानों के तहत जबरन धर्म परिवर्तन पर यूपी एटीएस द्वारा दर्ज प्राथमिकी के आधार पर मनी लॉन्ड्रिंग की जांच शुरू की थी. एफआईआर में मोहम्मद उमर गौतम, उसके सहयोगी मुफ्ती काजी जहांगीर कासमी और अन्य पर वित्तीय मदद के बदले लोगों को इस्लाम धर्म अपनाने के लिए लुभाने का आरोप लगाया गया था.

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ईडी ने आज दिल्ली में 3 परिसरों और यूपी में 3 स्थानों सहित 6 परिसरों पर छापेमारी की. जिन परिसरों की तलाशी ली गई, उनमें दिल्ली के जामिया नगर में स्थित इस्लामिक दावा सेंटर (आईडीसी) का ऑफिस, मुख्य आरोपी मोहम्मद उमर गौतम, सहयोगी मुफ्ती काजी जहांगीर कासमी शामिल है. 

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लखनऊ में दो ठिकानों पर छापेमारी

इस बीच धर्मांतरण के मामले में प्रवर्तन निदेशालय को लखनऊ स्थित दफ्तर से मिले कई अहम दस्तावेज मिले हैं. ईडी ने लखनऊ के दो ठिकानों पर छापेमारी में फंडिंग से जुड़े कई दस्तावेज बरामद किए. 

अल हसन एजुकेशन एंड वेलफेयर फाउंडेशन के साथ गाइडेंस एजुकेशन एंड वेलफेयर सोसायटी के दफ्तर पर ईडी की टीम ने तलाशी ली. अल हसन एजुकेशन एंड वेलफेयर फाउंडेशन का उमर गौतम वाइस प्रेसिडेंट रहा है. लखनऊ के साथ सिद्धार्थनगर में भी एक संस्था के दफ्तर पर छापेमारी की गई.

अल हसन एजुकेशन एंड वेलफेयर फाउंडेशन के खाते में विदेशी फंडिंग हुई थी. दोहा और कतर से भेजी गई 50 लाख की रकम का कोई सही लेखा-जोखा नहीं मिला. ईडी संस्था को हवाला के जरिए पहुंचाई गई रकम का भी ब्यौरा खंगाल रही है. ईडी की टीम ने अल हसन एजुकेशन एंड वेलफेयर फाउंडेशन के पदाधिकारी से भी पूछताछ की है.
 

 

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