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टॉर्चर, मारपीट, फिर जिंदा जला दिया...16 साल की लड़की के दोस्तों ने ऐसे तोड़ा उसका भरोसा

कहानी 16 साल की लड़की की, जिसे अपने ही दोस्तों (Friends) पर भरोसा करना भारी पड़ गया. उन दोस्तों ने उसे टॉर्चर (Torture) के बाद ऐसी मौत दी जिसकी कोई कल्पना भी नहीं कर सकता. आखिर कौन थी वो लड़की और किस बात की उसे ऐसी सजा मिली चलिए जानते हैं विस्तार से...

सुजैन कैपर (फाइल फोटो- Getty Images) सुजैन कैपर (फाइल फोटो- Getty Images)
तन्वी गुप्ता
  • नई दिल्ली,
  • 08 जनवरी 2023,
  • अपडेटेड 1:00 PM IST

कहानी है इंग्लैंड के ग्रेटर मैनचेस्टर में रहने वाली लड़की सुजैन कैपर (Suzanne Capper) की. 1 सितंबर 1976 को जन्मी सुजैन यहां अपनी बहन मिशेल और सौतेले पिता जॉन कैपर के साथ रहती थी. दरअसल, उसकी मां एलिजाबेथ ने जॉन से दूसरी शादी की थी. लेकिन बाद में उसने जॉन से तलाक ले लिया. तलाक के बाद वह थोड़ी ही दूर एक घर में शिफ्ट हो गई. जबकि, उसकी दोनों बेटियों (सुजैन और मिशेल) ने तय किया कि वे अपने सौतेले पिता के साथ ही रहेंगी. उस समय सुजैन की उम्र महज 10 साल ही थी जब उसकी मां ने जॉन से तलाक लिया.

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दिन बीत रहे थे. सब कुछ अच्छा चल रहा था. लेकिन दिक्कत ये थी कि सुजैन अपने आपको काफी अकेला महसूस करती थी. वह काफी मासूम थी. किसी की भी बातों में आसानी से आ जाती थी. मतलब कोई भी उसकी शराफत का फायदा उठा सकता था. वहीं, उसी के घर के पास एक जीन पोवेल (Jean Powell) नामक महिला रहती थी. जब सुजैन की उम्र 14 साल हुई तो उसकी दोस्ती जीन से हो गई. जिसकी उम्र उस समय 26 साल थी. 

जीन यहां इस घर में अकेले नहीं रहती थी. जीन के साथ क्लीफोर्ड पूक (Clifford Pook) नाम का लड़का भी रहता था. यही नहीं, यहां जीन के तीन बच्चे, उसका भाई, उसका एक्स हस्बेंड ग्लेन पोवेल (Glyn Powell), एंथनी मिशेल डडसन (Anthony Michael Dudson) और जेफरी लीग (Jeffrey Leigh) नामक लड़का भी रहता था. जेफरी आपराधिक किस्म का लड़का था. वह नशे के कारोबार से जुड़ा हुआ था और उस पर कई पुलिस केस भी चले थे. उसने यहां भी अक्सर ड्रग्स लेकर आता और सभी को ड्रग्स का सेवन करवाता.

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जब सुजैन के पिता को पता चला कि उनकी बेटी जीन के घर में काफी समय बिता रही है. कभी-कभी वह उन्ही के घर में रात को भी रुक रही है तो उन्हें भी ज्यादा दिक्कत नहीं हुई. उन्हें लगा कि चलो सुजैन को आखिर कोई तो दोस्त मिला. सुजैन उनके साथ रहकर काफी खुश भी दिखती थी. लेकिन उन्हें यह नहीं पता था कि इस घर में क्या-क्या होता है.

पिता जॉन ने दी सुजैन को दोस्तों से दूर रहने की सलाह
सुजैन को इन लोगों को साथ इतना पसंद था कि वह उनके बिना रह ही नहीं पाती थी. लेकिन वह यह नहीं जानती थी कि ये लोग असल में काम क्या करते हैं. दरअसल, ये सभी लोग चोरी की चीजें लाकर उन्हें सस्ते दामों पर बेचा करते थे. मगर सुजैन को इस बारे में बताया नहीं था. जल्द ही वह घर इतना बदनाम हो गया कि अब लोगों को भी पता लग चुका था कि यहां चोरों का ग्रुप रहता है. इस बात की खबर जब सुजैन के पिता जॉन को हुई तो उन्होंने उसे समझाया कि वह उन लोगों से दूर रहे. लेकिन सुजैन ने पिता की बात को इग्नोर किया और उन लोगों के साथ रहना जारी रखा.

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जीन करवाती थी सुजैन से घर के सारे काम
सुजैन उनके लिए इस कदर पागल हो चुकी थी कि वह अपनी पॉकेट मनी भी उन्हीं पर उड़ाती. उसे नहीं पता था कि उसके भोलेपन का जीन किस कदर फायदा उठाने वाली है. जीन उससे घर के सभी काम करवाती. एक समय आया जब जीन ने बाकी घरों में भी उससे काम करवाना शुरू करवा दिया. और काम के बदले जो पैसे मिलते उन्हें भी जीन खुद रख लेती. लेकिन अभी भी सुजैन उसे अपना अच्छा दोस्त मानती थी और जीन के इशारे पर सारे काम भी किया करती.

बर्नाडेट की एंट्री से शुरू हुई असल कहानी
लेकिन तभी उनके घर में एक और महिला की एंट्री हुई. जिसका नाम बर्नाडेट मैकनिली (Bernadette McNeilly) था. उसकी उम्र 24 साल थी. वह पहले जीन के पड़ोस में ही रहती थी. उसका पति के साथ तलाक हो चुका था. उसके तीन बच्चे थे और एक बॉयफ्रेंड था जिसकी उम्र महज 17 साल थी. बर्नाडेट का जब जीन के घर में आना-जाना शुरू हुआ, तभी से यहां और ज्यादा दिक्कत आने लगी. दरअसल, बर्नाडेट की आदत कुछ ऐसी थी कि वह चाहती थी कि हर कोई उसी की बात माने और उसी के इशारों पर चले.

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सुजैन को मजाक करना पड़ गया भारी
फिर समय आया नवंबर 1992 का. सुजैन ने सोचा कि क्यों न कुछ दिन वह अपने परिवार के साथ बिताए. वह सीधे अपनी मां के घर गई. लेकिन उसकी मां ने उसे रखने से इनकार कर दिया. फिर वह पिता के पास गई. लेकिन दो घंटे बिताने के बाद वह वहां भी बोर हो गई. फिर वापस वह जीन के घर आ गई. एक दिन शाम के समय जब ये सभी लोग घूम रहे थे तो उन्हें एक शेख दिखाई दिया. सुजैन ने मजाक से जीन को कहा कि क्यों न तुम इस शेख से दोस्ती कर लो और इसे भी घर ले आओ. जीन सुजैन की इस बात को सुनकर इतना भड़की कि अब उसे सुजैन से नफरत होने लगी.

घर के लोगों ने सुजैन को जमकर पीटा
इसकी सजा देने के लिए उसने सुजैन को घर में बाथरूम के अंदर पूरे 4 दिनों के लिए बंद कर दिया. 4 दिन बाद भी उसका गुस्सा शांत नहीं हुआ तो जीन ने बाकी लोगों के साथ मिलकर सुजैन को जमकर पीटा. सुजैन ने ये सब भी बर्दाश्त कर लिया. फिर दिन आया 3 दिसंबर 1992 का. सुजैन ने सोचा कि अब वह यहां नहीं रहेगी और वह वहां से अपने पिता के घर वापस आ गई. लेकिन सुजैन के जाने के बाद जीन और उसके साथ रहने वाले लोगों को यह बात खटक गई. क्योंकि उनके घर से एक फ्री की नौकरानी जो चली गई थी.

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सुजैन से मांगी माफी, फिर किया टॉर्चर
उन लोगों ने सोचा कि क्यों ने सुजैन से माफी मांगी जाए और वापस यहां ले आएं. 7 दिसंबर 1992 को वे लोग सुजैन के घर पहुंचे. उन्होंने उससे माफी मांगी और कहा कि दोबारा वे लोग उसके साथ कभी कुछ गलत नहीं करेंगे. सुजैन काफी भोली थी. वह भी उनकी बातों में आ गई और उनके साथ चलने को राजी हो गई. लेकिन जैसे ही वे लोग सुजैन को घर लेकर आए, उन्होंने उसे फिर से मारना-पीटना शुरू कर दिया. उन लोगों ने सुजैन के शरीर से सारे बालों को रेजर से काट दिया. यहां तक कि उसकी आइब्रो को भी नहीं छोड़ा. बाद में उसके मुंह पर थैली बांध दी. सांस न ले पाने के कारण वह बेहोश होकर गिर गई. फिर जिसके हाथ में जो भी चीज आ रही थी, उसी से सुजैन को मारने लगे.

बर्नाडेट के घर में रखा, किया टॉर्चर
यह मारपीट इतनी भयंकर थी कि सुजैन का एक बाजू टूटकर लटक गया. उन्हें तब भी उस पर तरस नहीं आया तो उन्होंने उसे अल्मारी के अंदर बंद कर दिया. फिर अगले दिन उसे अल्मारी से निकाला और ऊपर वाले कमरे में लेकर गए. यहां सुजैन को इतनी तकलीफ हो रही थी कि उसने चीखना-चिल्लाना शुरू कर दिया. तब जीन और बर्नाडेट ने सोचा कि ऐसे तो लोगों को पता लग जाएगा कि हमारे घर में कुछ हो रहा है. उन्होंने तय किया कि सुजैन के यहां से कहीं और लेकर चलते हैं. फिर वे लोग उसे बर्नाडेट के घर लेकर गए. यहां उन्होंने बेड से सुजैन को बांध दिया. फिर जीन और बर्नाडेट ने दोबारा सुजैन को मारना-पीटना शुरू कर दिया.

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सुजैन को दिन भर पीटते थे सभी लोग
आने वाले 5 दिनों तक इन लोगों को जमकर मारा-पीटा और उसे टॉर्चर दिया. सुजैन को वे लोग पानी वाले इंजेक्शन भी लगा रहे थे. ऐसा करके उन्हें काफी मजा आ रहा था और बेचारी सुजैन वहां दर्द से कराहती जा रही थी. उन लोगों का जब इससे भी मन भरा तो उन्होंने सुजैन के शरीर को सिगरेट से जलाना शुरू किया. उसे वे लोग बाथरूम तक नहीं जाने दे रहे थे. इससे सुजैन वहीं पर मल-मूत्र करने लगी. अब सभी लोगों को सुजैन के पास बदबू आने लगी तो उन्होंने सोचा कि क्यों न इसे नहला दिया जाए. सभी लोग सुजैन को उठाकर बाथरूम ले गए और उसे फिलाइल से भरे टब में फेंक दिया. सुजैन का यहां बुरा हाल हो गया.

पड़ोसी ने भी नहीं की मदद
तभी बर्नाडेट के घर के पास रह रहे डेविड नामक शख्स को शक हुआ कि वहां कुछ तो गड़बड़ है. वह जब बर्नाडेट के घर पहुंचा तो उसके होश उड़ गए. डेविड को देखते ही सुजैन ने उससे मदद मांगी. लेकिन डेविड ने सीधे कह दिया कि वह उसकी मदद नहीं कर सकता. क्योंकि अगर उसने उसकी मदद की तो वे लोग उसका भी ऐसा ही हाल कर देंगे. ऐसा कहकर डेविड वहां से चला गया.

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सुजैन को पेट्रोल डालकर जिंदा जलाया
सुजैन को लग रहा था कि शायद वे लोग उसे अब तो बख्श देंगे. लेकिन जीन और उसके साथियों ने पहले से ही प्लान बना लिया था कि वे लोग सुजैन को जिंदा नहीं छोड़ेंगे. उन्होंने सबसे पहले सुजैन के दांत एक-एक करके निकाल दिए ताकि मरने के बाद उसकी पहचान न हो पाए. फिर 14 दिसंबर 1992 के दिन वे लोग सुजैन को लेकर बाहर निकले. 34 किलोमीटर दूर जाकर उन्होंने गाड़ी रोकी. सुजैन को बाहर निकाला और पेट्रोल डालकर उसे जिंदा जला दिया. फिर वे लोग वहां से चले गए. उन्हें लगा कि शायद सुजैन मर गई है. लेकिन यहां वे लोग गलत थे. दरअसल, आग लगने के बाद भी सुजैन ने हिम्मत नहीं हारी थी. वह 800 मीटर तक भागी ताकि उसे कोई मदद मिल सके. तभी उसे एक गाड़ी आती दिखाई दी. सुजैन ने इशारे से गाड़ी रुकवाई. इसमें एक दंपति बैठा था. जैसे ही उन्होंने सुजैन को आग में लिपटा देखा तो उन्होंने सबसे पहले आग बुझाई और तुरंत उसे अस्पताल लेकर पहुंचे. यहां आते ही सबसे पहले सुजैन ने पुलिस को अपना बयान दर्ज करवा दिया.

18 दिसंबर 1992 को हो गई सुजैन की मौत
पुलिस को जो एड्रेस सुजैन ने दिया था, वहां पहुंची. यह एड्रेस था जीन के घर का. पुलिस ने वहां से सभी लोगों को गिरफ्तार किया. पुलिस ने जब सख्ती से पूछताछ की तो एंथनी टूट गया और उसने अपना गुनाह कबूल कर लिया. उसने पूरी बात पुलिस को बता दी. वहीं, सुजैन अब कोमा में जा चुकी थी. वह 85 प्रतिशत से ज्यादा शरीर जल चुका था. शरीर के लगभग सभी अंगों ने काम करना बंद कर दिया था. फिर 18 दिसंबर 1992 के दिन उसने दम तोड़ दिया.

सभी दोषियों को महज 9 घंटे के अंदर सजा
उधर जिन 6 लोगों को पुलिस ने गिरफ्तार किया था, उन्हें सबूतों के साथ कोर्ट में पेश किया गया. कोर्ट में सभी आरोपी एक दूसरे पर ही आरोप लगाने लगे कि मैंने नहीं, बल्कि इन लोगों ने सुजैन को मारा है. Independent की रिपोर्ट के मुताबिक, कोर्ट ने महज 9 घंटे में सभी आरोपियों को दोषी करार देते हुए सजा सुना दी. क्लिफर्ड को 15 साल जेल की सजा, जेफरी को 12 साल जेल की सजा और एंथनी को 18 साल जेल की सजा सुनाई गई. जबकि, ग्लेन, बर्नाडेट और जीन को उम्रकैद की सजा और सुनाई गई वो भी गैरजमानती.

 

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