
गुजरात (Gujarat) के भरूच जिले के एक गांव में आदिवासियों को पैसे देकर धर्म परिवर्तन कराने का मामला सामने आया है. पुलिस ने सोमवार को जानकारी दी कि आदिवासियों को कथित तौर पर विदेश में जमा धन का इस्तेमाल कर, धर्म परिवर्तन के लिए लालच देने के आरोप में, लंदन में रहने वाले एक स्थानीय व्यक्ति समेत 9 लोगों के खिलाफ FIR दर्ज की गई है.
आमोद पुलिस थाने के एक अधिकारी का कहना है कि भरूच जिले के आमोद तालुका के कांकरिया गांव के रहने वाले "वासवा हिंदू" समुदाय के 37 परिवारों के 100 से अधिक आदिवासियों को पैसे और अन्य प्रलोभन देकर उनका धर्म परिवर्तन कराया गया. इन आदिवासियों की कमजोर आर्थिक स्थिति और निरक्षरता का फायदा उठाकर, उन्हें इस्लाम धर्म अपनाने का लालच दिया गया.
उन्होंने कहा कि सभी 9 आरोपी स्थानीय निवासी हैं, इनमें से एक फिलहाल लंदन में रह रहा है और उसकी पहचान फेफड़ावाला हाजी अब्दुल के रूप में हुई है, जिसने इस काम के लिए विदेश से धन इकट्ठा किया था.
पुलिस ने अपने बयान में कहा कि विदेशी धन का इस्तेमाल कर अवैध धर्म परिवर्तन की घटनाएं गांव में लंबे समय से हो रही थीं. आरोपियों ने वासवा हिंदू समुदाय के लोगों को पैसे और बाकी सुविधाओं का लालच देकर, धोखे से इस्लाम धर्म कुबूल करवाया. पुलिस ने इसे, दो समुदायों के लोगों के बीच दुश्मनी फैलाने और शांति को प्रभावित करने के लिए रची गई आपराधिक साजिश बताया.
गौरतलब है कि उत्तर प्रदेश में हुए धर्मांतरण के मामले में वडोदरा के सलाउद्दीन शेख और उसके ट्रस्ट के ज़रिए फ़ंडिंग होने की बात सामने आयी है. जिसमें उसे 4 साल में 10 करोड़ से भी ज़्यादा रक़म हवाला के ज़रिए मिली, जो उसने धर्मांतरण के काम में लगाई थी. यूपी एटीएस की जांच में खुलासा होने के बाद वडोदरा पुलिस कच्छ, भरुच जैसे शहरों में भी इस मामले की जांच कर रही है.
भरुच के एसपी राजेन्द्र सिंह चुडासमा का कहना है कि इन 9 आरोपियों को गुजरात धर्म की स्वतंत्रता (संशोधन) अधिनियम, धारा 120 (बी) (आपराधिक साजिश), 153 (बी) (सी) (असहमति पैदा करने की संभावना), और 506 (2) ( भारतीय दंड संहिता की आपराधिक धमकी) के तहत मामला दर्ज किया गया है. साथ ही, फ़ंडिंग कौन करता था उसके लेकर भी जांच की जा रही है.
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