
उत्तर प्रदेश के मैनपुरी जिले में स्थानीय अदालत में एक ट्रिपल मर्डर केस में चार लोगों को उम्रकैद की सजा सुनाई है. ये मामला साल 2003 की है. इस केस में पांच लोगों के खिलाफ भारतीय दंड संहिता की धारा 302 (हत्या के लिए सजा) के तहत केस दर्ज किया गया था. पांचवें आरोपी की साल 2018 में मौत हो गई थी.
अतिरिक्त जिला एवं सत्र न्यायाधीश कुलदीप सिंह ने वीरेंद्र यादव, राम बरन, करुआ उर्फ वेद प्रकाश और गुड्डन उर्फ विमलेश को दोषी ठहराए जाने के बाद पर उम्रकैद की सजा के साथ 60-60 हजार रुपए का जुर्माना भी लगाया है. इन चारों पर तीन लोगों धर्मवीर, भरत सिंह और आशाराम की हत्या करने का आरोप था.
अप्रैल 2003 में गांव के प्रधान को लेकर दोनों पक्षों के बीच विवाद हुआ था. इस दौरान पीड़ित अपने खेत से मटर ले जा रहे थे. तभी हथियारबंद हमलावरों के समूह ने उन्हें रोक लिया. इसके बाद धर्मवीर की मौके पर ही गोली मारकर हत्या कर दी गई. बीच-बचाव कर रहे आशाराम और भरत की भी हत्या कर दी गई.
बताते चलें कि कुछ दिन पहले ही मैनपुरी की स्थानीय अदालत ने साल 2018 के दहेज हत्या के एक मामले में एक व्यक्ति और उसके माता-पिता को आजीवन कारावास की सजा सुनाई है. अभियोजक राकेश गुप्ता ने बताया कि तीनों दोषियों पर एक महिला की हत्या का आरोप था.
अतिरिक्त सत्र न्यायाधीश जहेंद्र पाल सिंह ने सत्येंद्र, उसके पिता उपदेश चौहान और मां मीना देवी को दोषी ठहराते हुए 50 हजार रुपये का जुर्माना लगाया. 3 अक्टूबर, 2018 को पीड़िता निशा के भाई स्वतंत्र प्रताप सिंह की शिकायत पर कुर्रा पुलिस स्टेशन में मामले की प्राथमिकी दर्ज की गई थी.
उन्होंने आरोप लगाया था कि 23 नवंबर 2017 को उनकी बहन की शादी के बाद से ही उसका पति सतेंद्र और उसके माता-पिता उसे मानसिक और शारीरिक रूप से प्रताड़ित कर रहे थे. एक एसयूवी और 2 लाख रुपए नकद की मांग भी करते थे. 1 अक्टूबर 2018 को निशा पर मिट्टी का तेल डालकर आग लगा दिया गया.