
लखनऊ की एक विशेष सीबीआई अदालत ने अंडरवर्ल्ड डॉन अबू सलेम के एक खास गुर्गे मोहम्मद परवेज आलम को जेल की सजा सुनाई है. साल 1997 के एक फर्जी पासपोर्ट मामले में अदालत ने बुधवार को उसकी याचिका खारिज कर दी, जिसमें उसने इस मामले उसे दोषी ठहराए जाने के खिलाफ चुनौती दी थी. उसने गैंगस्टर अबू सलेम और उसकी पत्नी समीरा जुमानी को फर्जी पासपोर्ट हासिल करने में मदद की थी.
जानकारी के मुताबिक, सीबीआई की स्पेशल टास्क फोर्स ने 16 अक्टूबर, 1997 को अबू सलेम के खिलाफ अकील अहमद आजमी और पत्नी सबीना आजमी के नाम पर फर्जी पासपोर्ट हासिल करने के आरोप में आपराधिक साजिश, धोखाधड़ी और पासपोर्ट अधिनियम के उल्लंघन से संबंधित धाराओं के तहत मामला दर्ज किया था. दरअसल, साल 1993 के मुंबई ब्लास्ट के बाद अबू सलेम अपनी पत्नी के साथ देश से भाग गया था.
12 मार्च, 1993 को अंडरवर्ल्ड डॉन दाऊद इब्राहिम के निर्देश पर हुए इस सिलसिलेवार विस्फोटों में 250 से अधिक लोग मारे गए थे. इस साजिश में अबू सलेम भी शामिल था. पुलिस से बचने के लिए उसे देश से भागना था. इसलिए उसने फर्जी पासपोर्ट हासिल किया था, जिसमें उसे जिले आजमगढ़ के रहने वाले खास गुर्गे मोहम्मद परवेज आलम ने मदद की थी. उसने अपनी लिखावट में पासपोर्ट से संबंधित सभी फॉर्म भरे थे.
इस मामले में सीबीआई की स्पेशल टास्क फोर्स ने 1 जुलाई 1999 को आरोप पत्र दाखिल किया था. दो साल पहले, एक विशेष न्यायिक मजिस्ट्रेट ने मामले में आलम और सलेम को दोषी ठहराया था. इसके साथ ही विभिन्न अपराधों के तहत दो से तीन साल की सजा सुनाई थी. आलम ने सजा को अपीलीय अदालत में चुनौती दी थी. लेकिन लखनऊ की सीबीआई अदालत में विशेष न्यायाधीश ने अपील खारिज करते हुए सजा की पुष्टि कर दी.
इसके बाद अदालत ने बुधवार को आलम को जेल भेज दिया. अबू सलेम पहले से ही जेल में है. उसको 18 सितंबर, 2002 को लिस्बन (पुर्तगाल) में हिरासत में लिया गया था. उसके बाद उसके खिलाफ लंबित नौ मामलों में भारत सरकार द्वारा उसके प्रत्यर्पण का अनुरोध किया गया था. लंबी कानूनी लड़ाई के बाद नवंबर, 2005 में अबू सलेम को भारत में प्रत्यर्पित किया गया था. वो यूपी के आजमगढ़ के सराय मीर का रहने वाला है.