
Haldwani Violence: उत्तराखंड के हल्द्वानी के बनभूलपुरा इलाके में सोमवार को अतिरिक्त अर्धसैनिक बलों को तैनात किया गया है. यहां पिछले सप्ताह पुलिस-प्रशासन के द्वारा अवैध रूप से निर्मित मदरसे को ध्वस्त करने के बाद हिंसा भड़क उठी थी. इसके साथ ही उत्तराखंड के मुख्यमंत्री पुष्कर सिंह धामी ने ऐलान किया है कि विवादित जगह पर अब नए थाने का निर्माण किया जाएगा. नारी शक्ति महोत्सव को संबोधित करते हुए उन्होंने कहा कि देवभूमि की शांति से खिलवाड़ करने वाले किसी भी व्यक्ति को छोड़ा नहीं जाएगा.
पुष्कर सिंह धामी ने कहा, ''हल्द्वानी के बनभूलपुरा में जिस जगह से अवैध अतिक्रमण हटाया गया, वहां पर अब पुलिस थाने का निर्माण किया जाएगा. उपद्रवियों और दंगाइयों के लिए हमारी सरकार का यह स्पष्ट संदेश है कि देवभूमि की शांति से खिलवाड़ करने वाले किसी भी व्यक्ति को छोड़ा नहीं जाएगा. ऐसे उपद्रियों के लिए उत्तराखंड में कोई स्थान नहीं है. यहां एक दशक तक राज करने वाले राजनीतिक दल ने महिलाओं के लिए कोई काम नहीं किया है. बस वोटबैंक और परिवारवाद को बढ़ावा दिया है.''
नैनीताल की जिला मजिस्ट्रेट वंदना सिंह ने कहा कि बनभूलपुरा में 120 हथियार लाइसेंस रद्द कर दिए गए हैं. पुलिस उन लोगों का पता लगाने की कोशिश कर रही है, जो 8 फरवरी को हुए दंगों में शामिल थे और पुलिसकर्मियों और नगर निगम के कर्मचारियों पर हमला किया था. एक पुलिस स्टेशन में आग लगा दी थी. इस हिंसा में पांच दंगाइयों समेत छह लोगों की मौत हो गई थी, जबकि 60 से ज्यादा लोग घायल हो गए. उन्होंने कहा, "हल्द्वानी में शांति बनाए रखने के लिए हर संभव प्रयास किए जा रहे हैं."
जिला मजिस्ट्रेट ने कहा कि बनभूलपुरा समेत हलद्वानी के सभी इलाकों में स्थिति अब सामान्य और नियंत्रण में है. डीएम ने कहा, "हल्द्वानी में बसें, ट्रेनें और अन्य आवश्यक सेवाएं शुरू कर दी गई हैं. स्कूल और बाजार खुल गए हैं. प्रतिबंध केवल बनभूलपुरा तक सीमित हैं." कुमाऊं मंडल विकास निगम के महाप्रबंधक एपी वाजपेयी ने कहा कि किदवई नगर, इंदिरा नगर और नई बस्ती जैसे अन्य कर्फ्यू प्रभावित क्षेत्रों में भी गैस सिलेंडर वितरित किए जा रहे हैं. बनभूलपुरा में जरूरी सामान बेचने वालों को आने की अनुमति है.
खुर्शीद अहमद ने कहा- अल्लाह का घर तोड़ने पर तो होगा रिएक्शन
इस हिंसा पर मुस्लिम समाज के लोगों का कहना है कि वो चाहते हैं कि अमन चैन जल्दी लौटे, वरना गरीब लोग भूखे मर जाएंगे. बच्चों को दूध तक नहीं मिल रहा है. सरकार को कसूरवारों पर कार्रवाई करनी चाहिए. यह इंटेलिजेंस फेलियर है. पहले से किसी ने तैयारी नहीं की थी. यदि कोई अल्लाह का घर तोड़ेगा तो रिएक्शन तो होगा. इस्लामिक मामलों के जानकार खुर्शीद अहमद ने कहा, ''देखिए यदि किसी धार्मिक स्थल को तोड़ा जाता है, तो उसका रिएक्शन होता है. लोग विरोध करते हैं. यहां हुई हिंसा के कई सारे कारण है.''
उन्होंने पुलिस अफसरों पर आरोप लगाते हुए कहा कि उनका ट्रांसफर होना था, लेकिन उनको रिलीव नहीं किया गया, क्योंकि वो लोग एक खास मिशन पर काम कर रहे थे. ड्रोन से सर्वे किया जा रहा था. किसी ने भी इस साजिश के तहत कोई हिंसा नहीं की है. जो भी पत्थर चलाए गए, वो विवादित इमारत को ध्वस्त करने के बाद वहां जमा थे. कोई भी धार्मिक स्थल परमिशन लेकर नहीं बनाई जाती है. इस्लामिक कानून कहता है कि जमीन अपनी होनी चाहिए. लेकिन वो नजूल की जमीन पट्टे पर थी. आबादी है तो बना ली गई होगी.
जमियत उलेमा ए हिन्द के उत्तर प्रदेश सचिव जाकिर ने कहा, ''अमन चैन लौटे इसके लिए अपने नजरिए को सही करना होगा. देश का मुखिया, प्रदेश का मुखिया, उसके लिए सब बराबर होने चाहिए. ऐसा न हो इनके लिए सोच कुछ है, उनके लिए सोच कुछ है. यह जांच हो कि अधिकारियों से कहां चूक हुई है. ये मामला पहले से कोर्ट में है. चंद दिन में इनकी सुनवाई होनी है. इसको पहले खूब शोर मचाकर लोगों को उकसा कर आप मस्जिद और मदरसे को शहीद करने जा रहे हैं. कितनी भीड़ थी और कितने लोगों के हाथ में पत्थर हैं.''
बनभूलपुरा इलाके को छोड़कर शेष हल्द्वानी से हटा कर्फ्यू
नैनीताल के वरिष्ठ पुलिस अधीक्षक (एसएसपी) प्रह्लाद मीना ने कहा कि बनभूलपुरा में संवेदनशील स्थानों पर केंद्रीय अर्धसैनिक बलों की अतिरिक्त कंपनियां तैनात की गई हैं. इससे पहले यहां 1000 से अधिक सुरक्षाकर्मी तैनात थे. बनभूलपुरा क्षेत्र को छोड़कर शेष हल्द्वानी से कर्फ्यू हटा लिया गया है. इसके बाद प्रशासन ने सभी इलाकों में आवश्यक सेवाओं को सुव्यवस्थित करना शुरू कर दिया है. बनभूलपुरा प्राथमिक स्वास्थ्य केंद्र और मेडिकल स्टोर खोल दिए गए हैं. लोगों को गैस सिलेंडर की आपूर्ति भी की जा रही है.
बताते चलें कि हल्द्वानी हिंसाकी मजिस्ट्रेट जांच के आदेश दिए जा चुके हैं. मुख्य सचिव राधा रतूड़ी ने एक आदेश में कहा कि कुमाऊं कमिश्नर दीपक रावत द्वारा मजिस्ट्रियल जांच की जाएगी, जो 15 दिनों में अपनी रिपोर्ट सरकार को सौंपेंगे. कर्फ्यूग्रस्त क्षेत्र को बनभूलपुरा तक सीमित करने का आदेश शनिवार को नैनीताल की जिलाधिकारी वंदना सिंह ने जारी कर दिया था. पुलिस ने हिंसा के मास्टरमाइंड अब्दुल मलिक सहित कई लोगों को गिरफ्तार किया है, जिसने ढहाए गए अवैध ढांचे का निर्माण किया था. इसके विध्वंस का विरोध किया था.
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देवभूमि को झुलसाने की पहले ही रची गई थी साजिश
उत्तराखंड के हल्द्वानी में अवैध मदरसा और धार्मिक स्थल को हटाए जाने को लेकर जो हिंसा हुई उसको लेकर बड़ा खुलासा हुआ है. देवभूमि को पहले ही झुलसाने की तैयारी कर ली गई थी. इसकी इंटेलिजेंस रिपोर्ट भी स्थानीय प्रशासन को दी गई थी. बनभूलपूरा हिंसा से एक हफ्ते पहले इंटेलिजेंस ने प्रशासन को अलर्ट रिपोर्ट दिया था. इसमें कहा गया था कि मस्जिद और मदरसे को हटाने की कार्रवाई को लेकर अब्दुल मालिक के साथ मुस्लिम संगठन और कट्टरपंथी लोग विरोध कर सकते हैं.
इंटेलिजेंस ने प्रशासन को अब्दुल मलिक द्वारा बनभूलपुरा विवादित स्थल पर विरोध प्रदर्शन के बारे में सूचित किया था. वो बागीचा के स्वामित्व का दावा करता है. इसी इलाके में अवैध निर्माण को हटाया जाना था. इस रिपोर्ट में मुस्लिम कट्टरपंथियों द्वारा भारी संख्या में विरोध के बाद हिन्दू संगठनों द्वारा रिएक्शन की भी संभावना जताई गई थी. जमीयत ए उलेमा हिन्द और अब्दुल मलिक की कुमाऊं कमिश्नर दीपक रावत से बातचीत का भी जिक्र है. उसने 1 फरवरी को प्रस्तावित अतिक्रमण की करवाई पर रोक लगाने के लिए कहा था.