
पश्चिम बंगाल के हावड़ा से जिंदा कोरोना मरीज को मृत बताने का मामला सामने आया है. अस्पताल वालों ने परिजनों को फोन कर रिश्तेदार का शव ले जाने को बोल दिया. लेकिन जब परिजन शव लेने पहुंचे, तो पता चला कि ये उनका रिश्तेदार ही नहीं है. बाद में जब अस्पताल में ढूंढा गया, तो मरीज जिंदा निकली. अस्पताल की लापरवाही के खिलाफ परिजनों ने पुलिस में शिकायत दर्ज करा दी है.
मामला हावड़ा के सरकारी अस्पताल टीएल जायसवाल का है. यहां 18 अप्रैल की सुबह 65 साल की एक महिला को भर्ती कराया गया था. उनकी कोरोना रिपोर्ट पॉजिटिव आई थी. अगले दिन रात 8 बजे अस्पताल से फोन आया कि मरीज की मौत हो गई है. आकर शव ले जाइए.
परिजन तुरंत अस्पताल पहुंचे, लेकिन उन्हें वहां कई घंटों तक इंतजार कराया गया और अगले दिन आने को कहा गया. अगले दिन फिर जब परिजन अस्पताल पहुंचे, तो उन्हें शव दिया गया. लेकिन परिजनों ने जब देखा, तो पता चला कि ये किसी दूसरी महिला का शव है. हंगामा होने के बाद अस्पताल में खोजबीन शुरू हुई तो देखा कि कोरोना मरीज जिंदा हैं. फिलहाल उन्हें ऑक्सीजन सपोर्ट पर रखा गया है. अस्पतालों की इस लापरवाही के खिलाफ परिजनों ने बेलूर थाने में शिकायत दर्ज कराई है.
बंगाल में कोरोना संक्रमित लगातार बढ़ते ही जा रहे हैं. सोमवार को यहां बीते 24 घंटे में कोरोना के 8,426 नए मामले सामने आए. 38 लोगों की मौत भी हुई. बंगाल में अब तक 6,68,353 कोरोना संक्रमित मिल चुके हैं. 10,606 मरीजों की जान जा चुकी है. फिलहाल, यहां 53,418 मरीजों का इलाज चल रहा है.