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प्रेमी के सामने सॉफ्टवेयर इंजीनियर से किया था गैंगरेप, 2 साल बाद 5 दरिंदों को मिली उम्रकैद

अतिरिक्त सत्र न्यायाधीश की अदालत ने सुरेन देवगम, प्रकाश देवगम, सोमा सिंकू, पुरमी देवगम और शिवशंकर करजी को आईपीसी की विभिन्न धाराओं के तहत दोषी ठहराते हुए अंतिम सांस तक आजीवन कारावास की सजा सुनाई है.

अदालत ने पांचों दोषियों को उम्रकैद की सजा सुनाई है अदालत ने पांचों दोषियों को उम्रकैद की सजा सुनाई है
सत्यजीत कुमार
  • पश्चिमी सिंहभूम ,
  • 29 मई 2024,
  • अपडेटेड 6:20 PM IST

झारखंड के पश्चिमी सिंहभूम जिले की एक अदालत ने 26 वर्षीय लड़की से सामूहिक बलात्कार के लिए पांच लोगों को आजीवन कारावास की सजा सुनाई है. अदालत ने प्रत्येक आरोपी पर 10 हजार रुपए का जुर्माना भी लगाया है. इस वारदात में शामिल चार नाबालिगों के खिलाफ मामला किशोर न्याय बोर्ड के पास लंबित था. अब जाकर अदालत ने पांच आरोपियों को दोषी ठहराते हुए सजा सुनाई है.

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अतिरिक्त सत्र न्यायाधीश की अदालत ने सुरेन देवगम, प्रकाश देवगम, सोमा सिंकू, पुरमी देवगम और शिवशंकर करजी को आईपीसी की विभिन्न धाराओं के तहत दोषी ठहराते हुए अंतिम सांस तक आजीवन कारावास की सजा सुनाई है. इसमें गैंगरेप से संबंधित धारा 376 (डी) और अप्राकृतिक सेक्स से संबंधित धारा 377 शामिल है. इसके अलावा अन्य धाराओं में भी अलग-अलग सजा सुनाई गई है.

इसमें दोषियों को आईपीसी की धारा 395 (डकैती) के तहत 10 साल के कठोर कारावास और आईपीसी की धारा 397 (डकैती, जिसमें जान से मारने या गंभीर चोट पहुंचाने का प्रयास शामिल है) के तहत सात साल के कारावास की सजा सुनाई गई. इन दरिंदों ने न केवल पीड़िता की अस्मत लूटी थी, बल्कि उसके साथ वहशी की तरह जुल्म भी किया था. उसके प्रेमी की जबरदस्त पिटाई भी की थी.

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पुलिस के अनुसार, ये वारदात 20 अक्टूबर, 2022 की शाम की है. एक सॉफ्टवेयर इंजीनियर अपने प्रेमी के साथ दोपहिया वाहन पर जा रही थी. श्चिमी सिंहभूम जिले के चाईबासा में पुराने हवाई अड्डे के पास आठ-दस लोगों ने उन्हें रोक लिया. उन्होंने कथित तौर पर उसके प्रेमी की जमकर पिटाई की और महिला को एक सुनसान जगह पर ले जाकर उसके साथ सामूहिक बलात्कार किया.

इस वारदात को अंजाम देने के बाद सभी आरोपी पीड़िता को अचेत अवस्था में छोड़कर मौका ए वारदात से भाग गए थे. जाते समय पीड़िता का पर्स और मोबाइल फोन भी छीन कर ले गए थे. इसके बाद पीड़ित लड़की किसी तरह अपने घर पहुंची. उसने अपने परिवार को घटना के बारे में बताया. इसके बाद परिजन उसे लेकर स्थानीय थाने में पहुंचे, जहां उनकी तहरीर के आधार केस दर्ज किया गया.
 

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