
उत्तर प्रदेश की कानपुर पुलिस पर गर्भवती महिला और बच्चे से मारपीट करने का आरोप लगा है. मामला सिसामऊ पुलिस स्टेशन का है. पुलिस द्वारा की गई मारपीट का बीजेपी और स्थानीय लोगों ने विरोध किया. उन्होंने सिसामउ पुलिस स्टेशन के सामने धरना दिया और एसएचओ को सस्पेंड करने की मांग की.
बताया जा रहा है कि इलाके में दो पक्षों के बीच प्रॉपर्टी को लेकर विवाद था. इसे लेकर कोर्ट ने सिसामऊ पुलिस को घर खाली करवाने का आदेश दिया था. रविवार को जब पुलिस घर खाली करवाने पहुंची तो वहां उनकी स्थानीय लोगों के साथ विवाद हो गया. लोगों का कहना था कि घर में रह रहे किरायेदारों को इसे लेकर कोई नोटिस नहीं मिला है. जब तक उन्हें नोटिस नहीं मिल जाता तो वे घर खाली नहीं करेंगे. ऐसे अचानक से कैसे पुलिस घर खाली करवा सकती है.
जानकारी के मुताबिक, पुलिस जबरन घर से किरायेदारों को निकालने लगी. जब किरायेदारों ने इसका विरोध किया तो पुलिस ने उनके साथ मारपीट की. घर में गर्भवती महिला और छोटा बच्चा भी था. दोनों को पुलिस ने बेरहमी से मारा. बच्चे ने बताया कि उसके पिता और मां से पुलिस ने मारपीट की. उसे भी पुलिस ने बुरी तरह पीटा. वहीं, पीड़ित महिला ने बताया कि पुलिस ने उसके बाल तक खींचे.
सूचना मिलते ही बीजेपी के कार्यकर्ता भी मौके पर पहुंचे और पुलिस की कार्रवाई का विरोध किया. फिर स्थानीय लोगों के साथ मिलकर बीजेपी कार्यकर्ताओं ने सिसामऊ पुलिस स्टेशन के बाहर धरना दिया. उन्होंने एसएचओ को सस्पेंड करने की मांग की. इस दौरान सैकड़ों लोग पुलिस स्टेशन के बार मौजूद रहे.
इसके बाद वरिष्ठ अधिकारी मौके पर पहुंचे और लोगों से बात की जिसके बाद डीसीपी विजय शुक्ला ने मीडिया को बताया कि मामले की जांच के आदेश दे दिए गए हैं और संबंधित एसएचओ को जांच पूरी होने तक छुट्टी पर भेज दिया गया है.
धरने की सूचना मिलते ही वरिष्ठ पुलिस अधिकारी भी मौके पर पहुंचे. डीसीपी विजय शुक्ला ने बीजेपी कार्यकर्ताओं और लोगों से बातचीत की. उन्होंने लोगों को न्याय का भरोसा दिलाया और कहा कि मामले की जांच की जाएगी. जो कोई भी इसमें दोषी पाया जाएगा उसके खिलाफ कार्रवाई की जाएगी. जांच पूरी होने तक एसएचओ को डीसीपी ने छुट्टी पर भेज दिया है.