
उत्तर प्रदेश के भदोही जिले के सुरियावां थाना क्षेत्र के बीरमपुर में स्थित एक स्कूल की छात्रा पर हमला करने और बचाने गए प्रिंसिपल को धमकाने के आरोप में एक शख्स को गिरफ्तार किया गया है. पीड़ित पक्ष की शिकायत के आधार पर पुलिस ने आरोपी के खिलाफ भारतीय न्याय संहिता की संबंधित धाराओं के तहत केस दर्ज किया है. इस मामले की जांच की जा रही है.
प्रभारी निरीक्षक अरविंद कुमार गुप्ता ने बताया कि बुधवार को लंच ब्रेक था. कक्षा 8 की छात्रा स्कूल के गेट के पास नाश्ता कर रही थी. उसी समय राजू सरोज (28) नामक आरोपी उसके पास आया. उसके साथ बदसलूकी करने लगा. लड़की ने उसका विरोध किया और प्रिंसिपल से शिकायत करने गई. आरोपी सरोज ने उसका पीछा किया. गुस्से में उसके साथ मारपीट करने लगा.
प्रिंसिपल ने जब बीच-बचाव करने की कोशिश की, तो आरोपी उनको धमकी देने लगा. उसने उनको देख लेने की धमकी दी. इसी बीच स्कूल के स्टाफ और छात्र एकत्र हो गए. उनको देखकर आरोपी डर के मारे भाग गया. इसके बाद पुलिस को सूचना दी गई. प्रिंसिपल की शिकायत के बाद आरोपी सरोज को गिरफ्तार कर लिया गया. उस पर बीएनएस के तहत केस दर्ज किया गया है.
बताते चलें कि पिछले साल जुलाई में भदोही के एक गांव में नाबालिग के साथ बलात्कार की वारदात सामने आई थी. यहां 25 वर्षीय शख्स ने 14 वर्षीय लड़की को अपनी हवस का शिकार बनाया था. उसके बाद फरार हो गया. पुलिस ने पीड़िता के परिजनों की तहरीर के आधार पर केस दर्ज करके मामले की जांच शुरू कर दी. कुछ दिनों के अंदर आरोपी को गिरफ्तार कर लिया.
जानकारी के मुताबिक, पीड़िता अपनी छोटी बहन के साथ जमीन पर गिरे आम उठा रही थी. उसी वक्त गांव में आटा चक्की पर काम करने वाला विजय शंकर प्रजापति (25) वहां पहुंचा. उसने लड़कियों के साथ अश्लीलता शुरू कर दी. इस दौरान पीड़िता की छोटी बहन भागने में सफल रही, लेकिन 14 वर्षीय लड़की को आरोपी ने पकड़कर अपनी हवस का शिकार बना डाला.
सुरियावा एसएचओ बृजेश सिंह ने बताया था कि पीड़िता की छोटी बहन भागकर घर पहुंची. उसने परिवार के सदस्यों को इसकी जानकारी दी. सभी लोग भागकर मौके पर पहुंचे, लेकिन तब तक आरोपी वहां से भाग चुका था. पीड़िता के पिता की शिकायत के आधार पर विजय के खिलाफ भारतीय न्याय संहिता की धारा 64 (1) और एससी-एसटी एक्ट के तहत केस दर्ज किया था.