
उत्तर प्रदेश के महाराजगंज जिले में नाबालिग लड़की के अपहरण के बाद बलात्कार की घटना सामने आई है. इस मामले में पुलिस ने पीड़िता के पिता की तहरीर के आधार पर आरोपी युवक के खिलाफ भारतीय न्याय संहिता और पॉक्स एक्ट की संबंधित धाराओं के तहत केस दर्ज किया है. पुलिस ने रविवार को आरोपी को गिरफ्तार कर लिया है. उससे पूछताछ की जा रही है.
अतिरिक्त पुलिस अधीक्षक आतिश कुमार सिंह ने बताया कि अपहरण और बलात्कार की वारदात 3 नवंबर को हुई थी. आरोपी की पहचान 20 वर्षीय हृदेश कुमार के रूप में हुई है, नाबालिग के पिता की शिकायत के आधार पर बीएनएस और यौन अपराधों से बच्चों के संरक्षण (पॉक्सो) अधिनियम की धाराओं के तहत मामला दर्ज किया गया है. आरोपी को जेल भेज दिया गया है.
बताते चलें कि पिछले महीने महाराजगंज जिले में एक दलित लड़की से बलात्कार कर अश्लील वीडियो सोशल मीडिया पर वायरल करने के जुर्म में एक अपराधी को आजीवन कारावास की सजा सुनाई गई थी. न्यायाधीश (एससी-एसटी एक्ट) संजय मिश्रा ने 34 वर्षीय जालंधर राय को दोषी ठहराते हुए 15 हजार रुपए का जुर्माना भी लगाया था. ये घटना 11 जनवरी 2020 को हुई थी.
सहायक जिला सरकारी वकील (एडीजीसी) फणींद्र कुमार त्रिपाठी ने बताया था कि आरोपी जालंधर राय पीड़ित लड़की को एक सुनसान जगह पर ले गया. वहां उसे अपनी हवस का शिकार बनाया. अपने इस कृत्य का आपत्तिजनक वीडियो भी बना लिया. इसके बाद उसे सोशल मीडिया पर अपलोड करके वायरल कर दिया. इतना ही नहीं उसने लड़की को जान से मारने की धमकी भी दी.
अभियोजन पक्ष ने बताया कि कुछ दिनों बाद पीड़ित लड़की को अश्लील वीडियो के बारे में पता चला. वीडियो वायरल होने और बदनामी की वजह से वो सदमे में आ गई. इसके बाद उसने निचलौल थाना क्षेत्र के अंतर्गत आने वाले गांव के बाहर एक पेड़ से लटककर आत्महत्या कर ली. लड़की के पिता ने शिकायत दर्ज कराई थी, जिसके बाद आरोपी के खिलाफ केस दर्ज कर लिया गया था.
पीड़िता के पिता की तहरीर के आधार पर आरोपी के खिलाफ आईपीसी की धारा 376 (बलात्कार), 506 (धमकी), 306 (आत्महत्या के लिए उकसाना) और 554 (शीलभंग करने के इरादे से हमला करना) के तहत केस दर्ज किया गया था. इसके साथ सूचना प्रौद्योगिकी अधिनियम और अनुसूचित जाति एवं अनुसूचित जनजाति (अत्याचार निवारण) अधिनियम के प्रावधानों भी लगाए गए थे.