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Uttar Pradesh: 4 महाने की नवजात बच्ची से बलात्कार, अपराधी को मिली 20 साल जेल की सजा

उत्तर प्रदेश के कौशांबी में जिला अदालत ने शुक्रवार को एक व्यक्ति को एक नवजात बच्ची से बलात्कार के मामले में 20 साल सश्रम कारावास की सजा सुनाई है. इसके साथ ही अदालत ने अपराधी पर 10 हजार का जुर्माना भी लगाया है. सजा पाए अपराधी की पहचान अयोध्या (30) के रूप में हुई.

उत्तर प्रदेश के कौशांबी में जिला अदालत ने शुक्रवार को सजा का ऐलान किया है. उत्तर प्रदेश के कौशांबी में जिला अदालत ने शुक्रवार को सजा का ऐलान किया है.
aajtak.in
  • कौशांबी ,
  • 15 नवंबर 2024,
  • अपडेटेड 12:06 AM IST

उत्तर प्रदेश के कौशांबी में जिला अदालत ने शुक्रवार को एक व्यक्ति को एक नवजात बच्ची से बलात्कार के मामले में 20 साल सश्रम कारावास की सजा सुनाई है. इसके साथ ही अदालत ने अपराधी पर 10 हजार का जुर्माना भी लगाया है. सजा पाए अपराधी की पहचान अयोध्या (30) के रूप में हुई. उसने 21 जुलाई 2023 को इस जघन्य वारदात को अंजाम दिया था. 

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अतिरिक्त सरकारी अधिवक्ता फौजदारी शशांक खरे ने बताया कि विशेष न्यायाधीश (पॉक्सो एक्ट) अशोक कुमार श्रीवास्तव ने इस मामले में सजा सुनाई है. ये घटना कौशांबी जिले के संदीपन घाट थाना क्षेत्र के एक गांव में हुई थी. उस वक्त बच्ची की उम्र महज चार महीने थी. उसकी मां दोपहर दो बजे उसको घर के आंगन में सोता हुआ छोड़कर शौच के लिए गई थी.

उसी समय स्थानीय निवासी अयोध्या ने उसे उठा लिया. इसके बाद उसे अपनी हवस का शिकार बना डाला. बच्ची को गंभीर हालत में चारपाई पर ही छोड़कर फरार हो गया. मां जब घर लौटी तो उसने अपनी बेटी को गंभीर हालत में पाया. उसे तुरंत अस्पताल ले जाया गया. इसके बाद मां की शिकायत पर संदीपन घाट थाने में आरोपी के खिलाफ केस दर्ज किया गया.

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पुलिस ने आरोपी को गिरफ्तार कर लिया था. इस मामले की सुनवाई के बाद विशेष न्यायाधीश श्रीवास्तव ने अयोध्या को अपराध का दोषी पाया. उसे 20 साल के कठोर कारावास और 10 हजार रुपए के जुर्माने की सजा सुनाई. सरकारी अधिवक्ता ने बताया कि जुर्माना अदा न करने की स्थिति में अपराधी को 6 महीने के अतिरिक्त कारावास की सजा दी जाएगी.

इसी तरह बलात्कार के एक अन्य मामले में हरियाणा के फरीदाबाद की एक अदालत ने अपराधी को 20 साल जेल की सजा सुनाई है. अदालत ने 70 हजार रुपए का जुर्माना भी लगाया है. उसने साल 2021 में पांच साल की बच्ची का यौन उत्पीड़न किया था. इसके बाद तीन साल तक चली सुनवाई के बाद अतिरिक्त सत्र न्यायाधीश हेमराज मित्तल ने सजा का ऐलान किया.

सरकारी वकील रविंदर गुप्ता ने बताया कि पुख्ता सबूतों और गवाहों के आधार पर अदालत ने बुधवार को बल्लभगढ़ निवासी आरोपी कपिल को दोषी करार दिया था. पुलिस के मुताबिक, 8 जून 2021 को बल्लभगढ़ के महिला थाने में पॉक्सो एक्ट की संबंधित धाराओं के तहत एफआईआर दर्ज की गई थी. ये घटना 7 जून 2021 को हुई, जब बच्ची घर में अकेली थी.

उसके पिता स्ट्रीट लाइट की समस्या को ठीक करने गए थे, जबकि वो अपनी मां और पड़ोसियों के साथ बैठी थी. उस समय आरोपी कपिल ने लड़की को केक देने के बहाने उसे अपनी कार में ले लिया. इसके बाद कार में उसके साथ बलात्कार किया. पुलिस ने बताया कि जब लड़की घर लौटी तो उसे खून बह रहा था और उसने अपने माता-पिता को पूरी बात बताई.

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