
22 जनवरी को अयोध्या में रामलला का प्राण प्रतिष्ठा समारोह होने जा रहा है. इसमें प्रधानमंत्री नरेंद्र मोदी, मुख्यमंत्री योगी आदित्यनाथ के साथ देश-विदेश से हर क्षेत्र में अग्रणी बड़ी हस्तियां हिस्सा लेने के लिए पहुंच रही है. इसके मद्देनजर अयोध्या में सुरक्षा के कड़े इंतजाम किए गए हैं. लेकिन इसी बीच बिहार के अररिया जिले में उस वक्त हड़कंप मच गया, जब 112 नंबर पर कॉल करके एक शख्स ने कहा कि वो दाऊद इब्राहिम के गैंग से छोटा शकील बोल रहा है. 22 जनवरी को अयोध्या में राम मंदिर को बम से उड़ा देगा.
डॉयल 112 की टीम ने तुरंत जिले के आला अफसरों को इसके बारे में सूचित किया. एसएसपी के निर्देश पर पुलिस ने कॉल करके धमकी देने वाले शख्स का मोबाइल नंबर सर्विलांस पर डालकर लोकेशन निकाल किया. इसके बाद पुलिस की एक टीम ने लोकशन पर जाकर आरोपी को गिरफ्तार कर लिया. आरोपी का नाम इंतेखाब आलम है. वो अररिया के पलासी थाना क्षेत्र के बलुआ कलियागंज गांव का रहने वाला है. पुलिस हिरासत में उससे पूछताछ के दौरान पता चला कि उसका कोई आपराधिक इतिहास नहीं है.
अररिया के पुलिस अधीक्षक अशोक कुमार सिंह ने बताया, "आरोपी इंतेखाब आलम ने 19 जनवरी को 112 नंबर डायल किया था, जिस नंबर पर नागरिक आपातकालीन सहायता मांग सकते हैं. उसने दावा किया कि उसका नाम छोटा शकील है. वह दाऊद इब्राहिम का करीबी सहयोगी है. वो 22 जनवरी को अयोध्या में राम मंदिर को उड़ा देगा. इसकी सूचना मिलते ही पुलिस ने आरोपी का लोकेशन ट्रेस करके गिरफ्तार कर लिया. उसका कोई आपराधिक रिकॉर्ड नहीं है, लेकिन वो मानसिक रूप से अस्थिर लग रहा है."
पुलिस अधीक्षक ने कहा कि इस मुद्दे की संवेदनशीलता को देखते हुए पलासी थाने में मामला दर्ज कर लिया गया है. आरोपी का मोबाइल फोन भी जब्त कर लिया गया है. उसकी विस्तृत जांच की जा रही है. उसके अन्य लोगों के साथ संबंधों के बारे में भी पता किया जा रहा है. उन्होंने कहा, "पुलिस को कॉल मिलते ही साइबर सेल के साथ विवरण साझा किया गया था. जिस मोबाइल नंबर से उसने कॉल किया था वो उसके पिता के नाम पर पंजीकृत पाया गया है. जरूरत पड़ने पर आरोपी के पिता से भी पूछताछ की जा सकती है."
यह भी पढ़ें: बख्तरबंद गाड़ियां, ब्लैककैट कमांडो, AI कैमरे, 7 लेयर सुरक्षा...ऐसे अभेद्य हुई राम नगरी अयोध्या
बताते चलें कि अयोध्या में रामलला की प्राण प्रतिष्ठा समारोह के मद्देनजर पूरे शहर में सुरक्षा की सख्त व्यवस्था की गई है. 10 हजार से अधिक सीसीटीवी कैमरे लगाए गए हैं, जो कि हर हलचल पर नजर रखेंगे. पहली बार यहां चेहरे की पहचान करने वाले एआई कैमरे लगाए गए हैं. रामलला की प्राण प्रतिष्ठा के दौरान देश की कई बड़ी मशहूर हस्तियां जुटेंगी, इसलिए जमीन ही नहीं आसमान से भी मुस्तैदी रखी जाएगी. इस अवसर पर अयोध्या में लगभग 13 हजार से अधिक सुरक्षाकर्मियों का अभेद सुरक्षा घेरा होगा.
यूपी एटीएस के कमांडो और जवानों के साथ आर्टिफिशियल इंटेलिजेंस और एंटी ड्रोन सिस्टम के जरिए उसे और पुख्ता बनाया गया है. इसके लिए एटीएस का एक बड़ा जत्था राम नगरी पहुंच चुका है. आधुनिक हथियारों से लैस कमांडो बुलेट प्रूफ मार्क्समैन गाड़ियों के जरिए निगरानी कर रहे हैं. जमीन से लेकर आसमान और सरयू नदी के तटों पर कड़ी नजर रखी जा रही है. आईबी और रॉ के अधिकारियों ने भी अयोध्या में डेरा डाल रखा है. कई स्तर पर सुरक्षा बंदोबस्त की समीक्षा की जा ही है. ओएफसी लिंक कैमरे भी लगाए गए हैं.
12 एंटी ड्रोन सिस्टम के माध्यम से रेड और येलो जोन को सुरक्षित किया गया है. पांच किलोमीटर की रेडियस में उड़ने वाले किसी भी ड्रोन को लोकेट कर निष्क्रिय किया जा सकता है. हर आने वाला पुलिस की चौकस निगाहों में रहेगा. जाहिर है जरा सा संदिग्ध दिखे नहीं कि सवालों के घेरे में घिरे नहीं. इस कार्यक्रम का मुख्य आकर्षण होंगे प्रधानमंत्री नरेंद्र मोदी है. ऐसे में उनकी सुरक्षा का खासतौर पर बंदोबस्त किया गया है. उनकी सुरक्षा में एक हजार से अधिक जवान रहेंगे. इतना ही नहीं बड़ी संख्या में आईपीएस तैनात किए गए हैं.
प्रधानमंत्री नरेंद्र मोदी के सुरक्षा घेरे में 3 DIG, 17 SP, 40 ASP, 82 DSP, 90 इंस्पेक्टर के साथ 1000 से ज्यादा कॉन्स्टेबल, 4 कंपनी पीएसी तैनात रहेगी. निगरानी के लिए 10 हजार से अधिक सीसीटीवी कैमरे लगाए हैं. जिन लोगों के दुकानों और घरों के सामने सीसीटीवी कैमरे लगे हैं, उनको भी पुलिस कंट्रोल रूम से जोड़ा गया है. कार्यक्रम के दौरान दूर-दूर तक निगरानी रखने और किसी भी लॉन्ग रेंज अटैक को काउंटर करने के लिए स्नाइपर की भी तैनाती की गई है. अयोध्या में माइक्रो लेवल तक सुरक्षा की तैयारी है.