
दशहरा बुराई पर अच्छाई की जीत का प्रतीक माना जाता है. इस दिन हर साल लोग बुराई के प्रतीक रावण के पुतले का दहन करते हैं. खुशियां मनाते हैं. रावण का पुतला दहन करके ये संदेश दिया जाता है कि बुराई करने वालों का ऐसा ही हश्र होता है. इसके बावजूद कई 'रावण' आज भी समाज में खुलेआम घूम रहे हैं. वारदातों को अंजाम दे रहे हैं. हवस की आग में जल रहे ये वहशी इतने अंधे हैं कि सही और गलत के बीच फर्क भूल चुके हैं. ये इतने दरिंदे हो जाते हैं कि हिंसक जानवर भी इनके आगे छोटे नजर आते हैं. कुछ ऐसा ही एक मामला मध्य प्रदेश के बड़वानी जिले में सामने आया है. दरिंदगी की इस खौफनाक दास्तान को जानने के बाद किसी का भी दिल दहल जाएगा.
मध्य प्रदेश की इस दामिनी की उम्र 28 साल है. वो मानसिक रूप से बीमार है. यहां तक कि अच्छे बातचीत भी नहीं कर पाती है. यही वजह है कि उसका ज्यादा से ज्यादा वक्त एकांत में बीतता है. कई बार जब घरवाले सो जाते तो रात को घर के बाहर बैठ जाया करती थी. इसी दशहरा की बात है. बड़वानी में मेला लगा हुआ था. रावण के पुतले का दहन होना था. दामिनी भी अपनी बहन और पिता के साथ मेले में गई. रावण दहन देखा. मिठाई खाई. देर रात परिजनों के साथ घर लौट आई. रात हो चुकी थी, तो परिवार के लोग सो गए. लेकिन दामिनी हमेशा की तरह घर के बाहर बैठ गई. कुछ देर बाद नशे में धुत एक लड़का आया. वो दामिनी को खींचकर अपने साथ ले गया.
पहले इज्जत लूटी, फिर मां की साड़ी पहनाकर घर छोड़ा
वो हैवान लड़का अकेला नहीं था. उसके साथ दो दोस्त भी थे. तीनों ने मिलकर दामिनी के कपड़े फाड़ डाले. उसके बाद पूरी रात उसे अपनी हवस का शिकार बनाते रहे. सुबह जब होश आया तो एक आरोपी लड़का अपने घर गया. अपनी मां की साड़ी लेकर आया. तीनों ने मिलकर उसे साड़ी पहनाई. उसके बाद दामिनी को उसके घर के सामने छोड़कर फरार हो गए. लेकिन वो अपने घर नहीं गई. बोल भले नहीं पा रही थी, लेकिन उसने जुल्म सहे, उसकी वजह से उसका मानसिक संतुलन ज्यादा बिगड़ गया. वो घर जाने की बजाए आगे की तरफ निकल गई. दो दिनों तक इधर-उधर भटकती रही. परिजन उसकी तलाश करते रहे, लेकिन नहीं मिली. 27 अक्टूबर को अचानक वो घर लौट आई.
सीसीटीवी फुटेज ने खोला राज, यूं गिरफ्तार हुए आरोपी
छोटी बहन ने देखा कि दामिनी साड़ी पहनी हुई है, जबकि वो तो पायजामा और शर्ट पहने हुए थी. बहन को शक हुआ तो उसने उसका शरीर देखा. उसे समझ में आ गया कि उसके साथ दरिंदगी हुई है. उसने तुरंत स्थानी थाने में शिकायत दर्ज कराई. बड़वानी पुलिस ने इस मामले में केस दर्ज करते पीड़िता का मेडिकल टेस्ट कराया, जिसमें रेप की पुष्टि हो गई. इसके बाद मामले की छानबीन शुरू कर दी गई. पुलिस ने सबसे पहले पीड़िता के घर के आसपास की सीसीटीवी फुटेज खंगाली. उसमें वारदात का सबसे बड़ा सबूत मिल गया. एक लड़का उसे खींचकर ले जाते हुए दिख गया. आगे दो लड़के साथ में जाते हुए दिख गया. तीनों आसपास के ही निकले. पुलिस ने उन्हें हिरासत में ले लिया.
पुलिस ने थर्ड डिग्री दी तो आरोपियों ने कबूले गुनाह
पुलिस हिरासत में पहले तो उन्होंने अपने गुनाह नहीं कबूले, लेकिन जब थर्ड डिग्री दी गई, तो उन्होंने पूरी दास्तान सुना दी. पुलिस तीनों को गिरफ्तार कर लिया है. आरोपियों के नाम अरुण उर्फ नितिन चौहान, सुमित चौहान और राहुल बामनिया है. बड़वानी जिले के अतिरिक्त पुलिस अधीक्षक अनिल पाटीदार ने बताया कि चुनावी व्यस्तता के बावजूद पुलिस ने इस मामले में त्वरित कार्रवाई की है. महज दो दिनों में आरोपियों को गिरफ्तार कर लिया गया है. आरोपियों ने वारदात को अंजाम देने से पहले जमकर शराब पिया था. उन्हें पहले से पता था कि पीड़िता कई बार रात में घर के बाहर बैठ जाती है. आरोपियों का कोई आपराधिक रिकॉर्ड नहीं है. उन्हें कोर्ट के आदेश के बाद जेल भेज दिया गया है. इस मामले की अभी विस्तृत जांच की जारी है. इस मामले में बेहतरीन काम करने वाली पुलिस टीम को पुलिस कप्तान की तरफ से 10 हजार का ईनाम दिया जा रहा है.