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इंटरनेट पर सर्च किया गले में फंदा बांधने का तरीका, फिर MBBS के छात्र ने फांसी लगाकर किया सुसाइड

उज्जैन के नानाखेड़ा थाने के प्रभारी निरीक्षक नरेंद्र कुमार यादव ने बताया कि मृतक छात्र की पहचान 20 वर्षीय प्रांशुल व्यास के तौर पर हुई है. वह उज्जैन से करीब 50 किलोमीटर दूर इंदौर में सरकारी महात्मा गांधी मेमोरियल मेडिकल कॉलेज में एमबीबीएस के दूसरे वर्ष का छात्र था.

पहले छात्र ने गले में फंदा बांधने का तरीका सर्च किया था (फोटो- Meta AI) पहले छात्र ने गले में फंदा बांधने का तरीका सर्च किया था (फोटो- Meta AI)
aajtak.in
  • उज्जैन,
  • 12 सितंबर 2024,
  • अपडेटेड 11:00 PM IST

MBBS Student Suicide Case: मध्य प्रदेश के उज्जैन शहर में गुरुवार को एक 20 वर्षीय एमबीबीएस के छात्र ने अपने कमरे में फांसी लगाकर आत्महत्या कर ली. हालांकि ये खौफनाक कदम उसने क्यों उठाया, इस बात का खुलासा अभी तक नहीं हो पाया है. पुलिस अब इस पूरे मामले की छानबीन कर रही है. 

उज्जैन के नानाखेड़ा थाने के प्रभारी निरीक्षक नरेंद्र कुमार यादव ने इस मामले में जानकारी देते हुए पीटीआई को बताया कि मृतक छात्र की पहचान 20 वर्षीय प्रांशुल व्यास के तौर पर हुई है. वह उज्जैन से करीब 50 किलोमीटर दूर इंदौर में सरकारी महात्मा गांधी मेमोरियल मेडिकल कॉलेज में एमबीबीएस के दूसरे वर्ष का छात्र था. 

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प्रभारी निरीक्षक नरेंद्र कुमार यादव ने आगे बताया कि प्रांशुल व्यास अपने दो दोस्तों के साथ उज्जैन की वसंत विहार कॉलोनी में एक किराए के मकान में रहता था. उसने फांसी लगाकर आत्महत्या उस वक्त की, जब वह मकान में अकेला था.

SHO नरेंद्र कुमार यादव के मुताबिक, जिस कमरे में प्रांशुल व्यास ने यह कदम उठाया, वहां से कोई सुसाइड नोट नहीं मिला. हालांकि पुलिस अधिकारी ने बताया कि प्रांशुल ने सुसाइड से पहले अपने मोबाइल फोन पर यह सर्च किया था कि गले में फंदा कैसे बांधा जाता है.

इंस्पेक्टर नरेंद्र कुमार यादव ने कहा कि पुलिस उसके रूममेट्स और दोस्तों से पूछताछ कर रही है. साथ ही उसके सोशल मीडिया अकाउंट और मोबाइल फोन की जांच की जा रही है, ताकि पता लगाया जा सके कि उसने खुदकुशी क्यों की?

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नोट:- (अगर आपके या आपके किसी परिचित के मन में आता है खुदकुशी का ख्याल तो ये बेहद गंभीर मेडिकल एमरजेंसी है. तुरंत भारत सरकार की जीवनसाथी हेल्पलाइन 18002333330 पर संपर्क करें. आप टेलिमानस हेल्पलाइन नंबर 1800914416 पर भी कॉल कर सकते हैं. यहां आपकी पहचान पूरी तरह से गोपनीय रखी जाएगी और विशेषज्ञ आपको इस स्थिति से उबरने के लिए जरूरी परामर्श देंगे. याद रखिए जान है तो जहान है.)

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