
कोरोना के इस दौर में हमने इंसानियत की कई तस्वीर देखी हैं. लोग मानवता के नाम पर अपना सब कुछ न्यौछावर करने को तैयार है, तो कई ऐसे लोगों भी दिखे जो इस कोरोना काल में लोगों की मजबूरी का फायदा उठा रहे हैं और खुलकर कालाबाजारी कर लोगों को लूट रहे हैं. अब नागपुर से खबर है जो इंसानियत और इंसान की फितरत दोनों ही शर्मसार कर दे.
नागपुर के मेयो अस्पताल में कोरोना शवों से कीमती वस्तुएं चोरी करने वाले 2 लोगों को नागपुर पुलिस ने पकड़ा है. इन चोरों से आधा दर्जन से ज्यादा मामलों का खुलासा हुआ है और ये दो लोग मरे हुए लोगों के शवों से गहने चोरी कर लेते थे. लेकिन अब इन्हें नागपुर पुलिस ने गिरफ्तार किया है.
गिरफ्तार आरोपी गणेश उत्तम डेकाटे और उसका मित्र छत्रपाल किशोर सोनकुसरे दोनों स्पीक एंड स्पॅन कंपनी के कर्मचारी हैं. उपचार के दौरान जिन कोरोना मरीजों की मौत हुई, उनके शवों को ले जाने का कार्य कंपनी के तरफ से ये कर्मचारी करते हैं. मरीजों के कोरोना संक्रमित होने से परिजनों को उपचार तथा अंत्येष्टि के वक्त दूर ही रखा जाता है. इसी बात का लाभ उठाकर आरोपी पीपीई किट पहनकर शव तथा मरीजों के पास जाते थे और मौका मिलते ही उनका कीमती सामान चोरी कर लेते थे.
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दरअसल, अंजलि तिवारी के पिता की कोविड-19 से उपचार के दौरान एक अप्रैल को मौत हुई थी. मौत के बाद पिता का किसी ने 18 हजार रुपये का मोबाइल चुरा लिया था. पुलिस ने मोबाइल का लोकेशन खंगाला. मेयो से सीसीटीवी फुटेज भी प्राप्त किए. इसके बाद पुलिस ने दोनों आरोपियों को मंगलवार को गिरफ्तार कर लिया.
उन्होंने मेयो अस्पताल में और भी मरीजों तथा शवों से कीमती वस्तुएं चोरी करने की बात कबूल की है. ऐसे आधा दर्जन घटनाओं का खुलासा हुआ है. इनके पास से पुलिस ने 14,500 रुपये की नकदी, सोने के आभूषण, 8 लेडीज घड़ी, मोबाइल समेत कुल 1,68,231 रुपये का माल जब्त किया गया है. तहसील पुलिस थाने के पुलिस इंस्पेक्टर जयेश भांडारकर ने आजतक को बताया की वो इस मामले मे आगे की जांच कर रही है और दो आरोपियों को गिरफ्तार किया गया है.