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पुलिस मुखबिर होने के शक में नक्सलियों ने एक शख्स को घर से घसीटकर मार डाला

छत्तीसगढ़ के नारायणपुर जिले में नक्सलियों ने एक 45 वर्षीय शख्स को उसके घर से घसीटकर मार डाला. उनका कहना था कि वो शख्स पुलिस का मुखबिर था. नक्सल मूवमेंट के बारे में पुलिस को लगातार सूचना दे रहा था. वारदात के वक्त पीड़ित अपने घर पर खाना खा रहा था.

नक्सलियों ने एक 45 वर्षीय शख्स को उसके घर से घसीटकर मार डाला. नक्सलियों ने एक 45 वर्षीय शख्स को उसके घर से घसीटकर मार डाला.
aajtak.in
  • नारायणपुर ,
  • 03 जून 2024,
  • अपडेटेड 5:19 PM IST

छत्तीसगढ़ के नारायणपुर जिले में नक्सलियों ने एक 45 वर्षीय शख्स को उसके घर से घसीटकर मार डाला. उनका कहना था कि वो शख्स पुलिस का मुखबिर था. नक्सल मूवमेंट के बारे में पुलिस को लगातार सूचना दे रहा था. वारदात के वक्त पीड़ित अपने घर पर खाना खा रहा था. उसी वक्त 15 से 20 नक्सली उसके घर पहुंचे और पीट-पीट कर उसकी हत्या कर दी. पुलिस ने मृतक के शव को पोस्टमार्टम के लिए भेज दिया है.

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जानकारी के मुताबिक, हत्या की ये सनसनीखेज वारदात रविवार रात को हुई है. नारायणपुर जिले के मासपुर गांव में शालूराम पोटाई अपने परिवार के साथ रहते थे. रविवार की देर रात वर्दीधारी 15-20 हथियारबंद नक्सलियों ने उनके घर को घेर लिया. उस वक्त वो खाना खा रहे थे. नक्सली उनको सड़क पर घसीटते हुए गांव में घूमाने लगे. बेरहमी से पिटाई करते हुए दावा किया कि वो पुलिस के मुखबिर हैं. उनकी जानकारी उन्हें देते हैं. 

शालूराम पोटाई ने नक्सलियों के दावे को नकार दिया. इसके बावजूद उन्होंने पीट-पीट कर उनकी हत्या कर दी. सूचना मिलने के बाद पुलिस की एक टीम मौके पर भेजी गई और शव को पोस्टमार्टम के लिए भेज दिया गया. एक पुलिस अधिकारी ने कहा कि नक्सलियों ने विकास कार्यों को विफल करने और आतंक का माहौल बनाने के लिए हताशा में निर्दोष ग्रामीण की हत्या की है. वो ऐसा करके आसपास के गावों पर प्रभाव बनाना चाहते हैं.

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माओवादियों की कुतुल एरिया कमेटी ने मौका-ए-वारदात पर कुछ पर्चे छोड़े हैं, जिसमें उन्होंने दावा किया है कि शालूराम पोटाई पुलिस मुखबिर के तौर पर काम कर रहे थे. लेकिन पुलिस अधिकारी ने मृतक के पुलिस से संबंध होने से इनकार कर दिया. उन्होंने कहा, "विकास कार्यों को सुविधाजनक बनाने के लिए दो महीने पहले मसपुर गांव में एक पुलिस कैंप स्थापित किया गया था. इसके बाद सोनपुर गांव से मसपुर तक सड़क बनाई गई थी.''

उन्होंने आगे बताया कि मेटानार नाले पर पुलिया भी बनाई गई. दो दिन पहले मसपुर से होराडी तक सड़क निर्माण कार्य शुरू किया गया था. गांव में सड़क निर्माण कार्य शुरू होने के एक दिन बाद नक्सलियों ने ग्रामीण की हत्या कर दी, जिससे साफ पता चलता है कि उन्हें क्षेत्र में अपनी जमीन खोने का डर है. वे विकास कार्यों में बाधा डालना चाहते हैं. लेकिन पुलिस उनके आगे झुकने वाली नहीं है. नक्सलियों के खिलाफ अभियान जारी रहेगा.

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